Vedanta Q3FY26 results: माइनिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांत लिमिटेड ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 60 फीसदी बढ़कर 7,807 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी ने 4,876 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।
शेयर बाजार को दी सूचना में कंपनी ने बताया कि तीसरी तिमाही में उसका ऑपरेशन से रेवेन्यू बढ़कर 45,899 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले की समान तिमाही में 38,526 करोड़ रुपये था।
वेदांत के चीफ फाइनैंशियल ऑफिसर, अजय गोयल ने कहा कि यह तिमाही वेदांत के लिए बेहतरीन रही है। हमने 60 फीसदी सालाना की बढ़ोतरी के साथ अब तक का अधिकतम तिमाही मुनाफा ₹7,807 करोड़ दर्ज किया है। हमारा रेवेन्यू भी 19 फीसदी सालाना बढ़कर ₹45,899 करोड़ पर पहुंच गया है। इसी तरह एबिट्डा भी 34 फीसदी सालाना बढ़ोतरी के बाद रिकॉर्ड ₹15,171 करोड़ पर पहुंच गया है। एबिट्डा मार्जिन सालाना आधार पर 629 बेसिस पॉइंट्स की तेज़ वृद्धि के साथ 41% तक पहुंची। हमारी बैलेंस शीट लगातार मजबूत हो रही है, नेट डेब्ट टू EBITDA रेशो 1.40x से बेहतर होकर 1.23x पर पहुंच गया है।”
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वेदांत के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अरुण मिश्रा ने कहा, “वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही वेदांत के लिए एक ऐतिहासिक तिमाही रही है। इस दौरान कंपनी ने अब तक का सबसे ज्यादा EBITDA 15,171 करोड़ रुपये दर्ज किया, जबकि हमारे दो कारोबारों ने अपने सर्वश्रेष्ठ वित्तीय नतीजे हासिल किए। पांच स्वतंत्र ‘प्योर-प्ले’ इकाइयों में डिमर्जर को मिली ऐतिहासिक मंजूरी के साथ ये नतीजे हमारी मजबूत परिचालन गति और वेदांत 2.0 की यात्रा के तहत दीर्घकालिक मूल्य सृजन की हमारी तैयारी को दर्शाते हैं।”
वेदांत का नेट डेब्ट टू एबिट्डा रेशो 1.40x से बेहतर होकर 1.23x पर पहुंच गया, साथ ही रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड 27 फीसदी पर रहा, इसमें सालाना 296 बीपीएस की बढ़ोतरी हुई। वेदांत के डिमर्जर से जुड़े एनसीएलटी आदेश के बाद, क्रिसिल और इक्रा दोनों ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग को AA स्तर पर बरकरार रखा है।
कंपनी ने तिमाही के दौरान लगभग 30 फीसदी का कुल शेयरहोल्डर यील्ड दर्ज किया, जो निफ्टी से 5x और निफ्टी मेटल इंडेक्स से 2.7x बेहतर रहा, क्योंकि शेयरों ने बार-बार अपने अब तक के उच्चतम स्तर को छुआ। इसके अलावा, वेदांत ग्रुप ने उच्च-मूल्य क्रिटिकल मिनरल्स के तीन अतिरिक्त माइनिंग ब्लॉक हासिल किए, जिसके साथ कुल असाइन्ड ब्लॉक्स की संख्या 11 पर पहुंच गई है। कुल शेयरहोल्डर रिटर्न पिछले पांच सालों में 428 फीसदी रहा, जिससे कुल डिविडेंड यील्ड 73.5 फीसदी हो गई है।
वेदांत ने वित्तीय वर्ष 26 के नौ महीनों में ग्रोथ कैपेक्स में तकरीबन 1.3 अरब डॉलर का निवेश किया। कंपनी ने तिमाही के दौरान ऑपरेशन का मजबूत प्रदर्शन दिया है, सभी मुख्य कारोबारों में रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया गया। एलुमिनियम का त्रैमासिक उत्पादन अब तक का अधिकतम 620 किलोटन रहा, जिसमें 1 फीसदी सालाना की बढ़ोतरी हुई। वहीं एलुमिना का उत्पादन 57 फीसदी सालाना की बढ़ोतरी के बाद रिकॉर्ड 794 किलोटन पर पहुंच गया। ये आंकड़े संचालन की बेहतर दक्षता एवं सुधार की दिशा में की गई पहलों की पुष्टि करते हैं।
जिंक इंडिया ने अब तक अधिक अधिकतम तीसरी तिमाही का खनित धातु उत्पादन 276 किलोटन दर्ज किया, जिसमें 4 फीसदी सालाना की बढ़ोतरी हुई। इसी तरह रिफाइन्ड मैटल का उत्पादन भी 4 फीसदी सालाना की दर से बढ़कर 270 किलोटन पर पहुंच गया। गौरतलब है कि जिंक इंडिया ने पिछले पांच सालों में तीसरी तिमाही की सबसे कम उत्पादन लागत दर्ज की है, जो 10 फीसदी सालाना की दर से कम होकर 940 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गई है। ज़िंक इंटरनेशन संचालन में भी उत्पादन 28 फीसदी सालाना बढ़कर 59 किलोटन पर पहुंच गया।
आयरन ओर के कारोबार ने 1.2 मिलियन टन का त्रैमासिक सीलेबल ओर उत्पादन दर्ज किया, जिसमें 3 फीसदी सालाना की बढ़ोतरी हुई। वहीं पिग आयरन का उत्पादन 6 फीसदी सालाना बढ़ोतरी के बाद 229 किलोटन पर पहुंचा। कॉपर कैथोड़ का उत्पादन सालाना बढ़कर 45 किलोटन पर पहुंच गया, यह पिछले सात सालों में अधिकतम त्रैमासिक उत्पादन रहा। फेरो क्रोम का उत्पादन 32 फीसदी सालाना की ज़बरदस्त बढ़ोतरी के बाद 24 किलोटन पर पहुंचा। पावर व्यवसाय ने मजबूत प्रदर्शन किया, जिसमें बिक्री में सालाना आधार पर 61 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।