तेल-गैस

पुरानी लड़ाई के बाद नई दोस्ती? ONGC–RIL डील

कंपनियों ने संयुक्त बयान में बताया कि संसाधन साझा विशेष तौर पर कृष्णा गोदावरी बेसिन और अंडमान के अपतटीय इलाके में किए जाएंगे।

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शुभांगी माथुर   
Last Updated- January 29, 2026 | 9:41 AM IST

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल अन्वेषण कंपनी ऑयल ऐंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) और रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) ने भारत के पूर्वी तट के गहरे पानी के अपतटीय संचालन के संसाधन साझा करने पर आज हस्ताक्षर किए। कंपनियों ने संयुक्त बयान में बताया कि संसाधन साझा विशेष तौर पर कृष्णा गोदावरी बेसिन और अंडमान के अपतटीय इलाके में किए जाएंगे।

दोनों कंपनियों ने इस समझौते को बड़ा बदलाव लाने वाला करार दिया। इस समझौते के तहत कंपनियां ऑनशोर और ऑफशोर (अपतटीय) प्रोसेसिंग सुविधाओं, ड्रिलिंग रिंग, मैरीन वेसल, बिजली, पाइपलाइन, लॉगिंग और तेल कुओं की सुविधाओं सहित अन्य सुविधआओं को साझा करेंगी। यह समझौता गोवा में जारी भारत ऊर्जा सप्ताह (आईईडब्ल्यू) में किया गया। इस समझौते से लागत मुनासिब होने, तेजी से कार्यों के होने और संपत्ति की उपयोगिता बेहतर होने की उम्मीद है। दरअसल तेल अन्वेषण कंपनियां तेल व गैस का उत्पादन बढ़ाने के लिए अधिक गहराई में तेल अन्वेषण को बढ़ावा दे रही हैं।

कंपनियों ने कहा कि इस साझेदारी से संचालकों को दोहरीकरण कम होने व निष्क्रिय क्षमता कम होने से संसाधन उपयोग में सुधार होने की भी उम्मीद है। इससे सीमित गहरे पानी सेवाओं तक पहुंच में सुधार करके तेजी से निष्पादन में मदद मिलेगी। रिलायंस और ओएनजीसी के बीच सहयोग उनके पहले के संबंधों में महत्त्वपूर्ण बदलाव दर्शाता है। यह  खासकर पर केजी बेसिन के मामले में है। ओएनजीसी ने वर्ष 2013 में रिलायंस पर अपने केजी बेसिन ब्लॉक से 1.55 अरब डॉलर मूल्य की प्राकृतिक गैस की चोरी का आरोप लगाया था। यह कानूनी लड़ाई फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

First Published : January 29, 2026 | 9:18 AM IST