Vodafone Idea Revival Plan: टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vi) ने एक बार फिर अपने कारोबार को संभालने के लिए नया प्लान पेश किया है। कंपनी ने बताया है कि वह अगले तीन साल में नेटवर्क सुधार पर ज्यादा पैसा खर्च करेगी, ताकि उसकी सेवाएं बेहतर हों और ग्राहक कंपनी से जुड़े रहें। इसके साथ ही वोडाफोन आइडिया को सरकार से अनुकूल माहौल मिलने की भी उम्मीद है।
बाजार के जानकारों का कहना है कि कंपनी के लिए ऐसा प्लान बनाना जरूरी था, क्योंकि वह लंबे समय से मुश्किल में है। हालांकि, यह प्लान पूरी तरह सफल होगा या नहीं, इस पर अभी भी संदेह बना हुआ है।
पिछले कई सालों से वोडाफोन आइडिया AGR बकाया और भारी कर्ज की परेशानी में फंसी हुई थी। इस वजह से कंपनी ठीक से काम नहीं कर पा रही थी। अब कंपनी का कहना है कि AGR से जुड़ी सबसे बड़ी चिंता काफी हद तक खत्म हो गई है। इसी भरोसे के साथ कंपनी ने जियो और एयरटेल जैसी बड़ी टेलीकॉम कंपनियों से मुकाबला करने के लिए नई योजना पेश की है।
कंपनी की नई योजना में सबसे ज्यादा जोर नेटवर्क सुधार पर है। वोडाफोन आइडिया अगले तीन साल में करीब 45,000 करोड़ रुपये नेटवर्क पर खर्च करना चाहती है। इस पैसे से 17 बड़े इलाकों में 4G नेटवर्क मजबूत किया जाएगा और बड़े शहरों में 5G सेवा शुरू की जाएगी। कंपनी का कहना है कि इससे नेटवर्क बेहतर होगा, ज्यादा ग्राहक जुड़ेंगे और हर ग्राहक से होने वाली कमाई भी बढ़ेगी।
वोडाफोन आइडिया को भरोसा है कि नेटवर्क बेहतर होने से उसकी कमाई बढ़ेगी। कंपनी का कहना है कि FY29 तक उसकी आय अच्छी रफ्तार से बढ़ेगी और मुनाफा बढ़कर करीब 30,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। लेकिन बाजार के जानकारों का मानना है कि कंपनी ने जो लक्ष्य रखा है, वह पूरे टेलीकॉम सेक्टर की आम बढ़त से काफी ज्यादा है।
ब्रोकरेज कंपनी ICICI सिक्योरिटीज का कहना है कि वोडाफोन आइडिया का यह प्लान जरूरी तो है, लेकिन इसमें कमाई बढ़ने का अनुमान काफी ज्यादा लगाया गया है। उनके मुताबिक सिर्फ नेटवर्क सुधार काफी नहीं होगा, बल्कि आगे मोबाइल टैरिफ बढ़ना और ग्राहकों का जाना रुकना भी जरूरी है।
वहीं मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि कंपनी ने जो लक्ष्य रखा है, वह बहुत बड़ा है। ब्रोकरेज के अनुसार वोडाफोन आइडिया की वापसी कई ऐसी बातों पर टिकी है जो कंपनी के हाथ में नहीं हैं, जैसे कर्ज का सही इंतजाम, बाजार में मुकाबला और सरकार से जुड़ा माहौल। अगर कंपनी फिर से मजबूत होती है, तो दूसरी टेलीकॉम कंपनियां भी ज्यादा सख्त मुकाबला कर सकती हैं।
दिसंबर तिमाही के नतीजों में वोडाफोन आइडिया की कमाई और प्रति ग्राहक आमदनी में थोड़ी बढ़त दिखी है। 4G और 5G इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ने से मुनाफा भी उम्मीद से कुछ बेहतर रहा। लेकिन इसके बाद भी कंपनी के ग्राहक लगातार कम हो रहे हैं और कुल कर्ज बढ़कर दो लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गया है। नेटवर्क पर ज्यादा खर्च होने से कंपनी पर दबाव और बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वोडाफोन आइडिया के लिए यह प्लान उम्मीद से ज्यादा एक मजबूरी है। अगर कंपनी अपने नेटवर्क को तेजी से बेहतर नहीं करती, तो बाजार में बने रहना उसके लिए मुश्किल हो सकता है। लेकिन इस प्लान की सफलता इस बात पर टिकी है कि सही समय पर निवेश हो, सरकार का साथ बना रहे और बाजार में मुकाबला ज्यादा बिगड़े नहीं।
फिलहाल बाजार इस योजना को ध्यान से देख रहा है, लेकिन अभी उस पर पूरा भरोसा नहीं कर रहा। आने वाले कुछ तिमाहियों के नतीजे ही बताएंगे कि यह प्लान कंपनी की सच में वापसी कराएगा या फिर यह सिर्फ एक और कोशिश बनकर रह जाएगा।