World Gold Demand: सोने के भाव आसमान छूने के साथ ही इसकी मांग में भी इजाफा हुआ है। 2025 में सोने की वैश्विक मांग अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। सोने के भाव ने आज वैश्विक और घरेलू दोनों बाजार में रिकॉर्ड तोड़ दिए। वैश्विक बाजार में यह पहली बार 5,500 डॉलर प्रति औंस पार कर गया, जबकि घरेलू बाजार में इसके भाव 1.80 लाख रुपये को पार कर दो लाख रुपये प्रति 10 ग्राम की ओर बढ़ रहे हैं।
सोने की मांग ने पहली बार 5,000 टन का स्तर पार कर लिया है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के मुताबिक 2025 में सोने की वैश्विक मांग 5,002.3 टन दर्ज की गई। जो अब तक किसी एक साल में सबसे अधिक मांग है। 2024 में यह आंकड़ा 4,961.9 टन था। इस तरह 2025 में सोने की मांग में एक फीसदी इजाफा हुआ। 2025 की चौथी तिमाही में भी सोने की मांग ने रिकॉर्ड बनाया और कुल सोने की मांग 1,302.8 टन रही, जो अब तक किसी भी चौथी तिमाही का सबसे ऊंचा स्तर है।
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सोने की कुल मांग में भले इजाफा हुआ हो। लेकिन सोने के भाव तेज होने का असर ज्वेलरी की मांग पर पड़ा। WGC के मुताबिक 2025 में ज्वेलरी की खपत 1,542.3 टन रही, जो 2024 की 1,886.9 टन खपत से 18 फीसदी कम है। इस बीच, सोने के सिक्के व बार की कुल मांग में इजाफा हुआ है। 2025 में इनकी कुल मांग सालाना आधार पर 16 फीसदी बढ़कर 1,374.1 टन हो गई। यह 12 साल में सबसे अधिक मांग है।
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के बीच सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बढ़ रही है। इसके परिणाम स्वरूप 2025 में सोने की निवेश में मांग में भारी वृद्धि हुई है। WGC के अनुसार 2025 में सोने की निवेश मांग 2,175.3 टन दर्ज की गई, जो 2024 की तुलना में 84 फीसदी ज्यादा है। 2025 में गोल्ड ETF में 801 टन का निवेश आया।
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WGC के मुताबिक आगे भू राजनीतिक तनाव के कारण गोल्ड ETF में मजबूत निवेश आ सकता है। सोने के बार व सिक्कों की ऊंची मांग बने रहने की भी उम्मीद है। इसे केंद्रीय बैंकों की लगातार मजबूत खरीद का भी सहारा मिलेगा। हालांकि सोने के भाव ऊंचे बने रहने के माहौल में ज्वेलरी की मांग कमजोर रह सकती है।