आज के यात्री ट्रैवलिंग से पहले सिर्फ टिकट बुक करना और बैग पैक करना ही नहीं चाहते। वे चाहते हैं कि उनकी यात्रा हर कदम पर सुरक्षित और भरोसेमंद हो, चाहे फ्लाइट देर हो जाए, कोई सामान खो जाए या कोई अचानक ‘अप्रत्याशित’ स्थिति सामने आए। एक्सपर्ट के मुताबिक, यही वजह है कि ट्रेवल इंश्योरेंस […]
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आज के भागदौड़ भरी जिंदगी में, हम अक्सर अपनी सैलरी और करियर को लेकर खुश होते हैं, लेकिन एक चीज अक्सर हमारी नजर से छूट जाती है वो है हमारा स्वास्थ्य। महीने के 1 लाख रुपये की कमाई आपको बहुत बड़ी बात लग सकती है, लेकिन क्या यह आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा के […]
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जीवन बीमा क्षेत्र में कमीशन के ढांचे पर विचार करने के लिए बनी जीवन बीमा परिषद की समिति वितरकों को कमीशन की सीमा तय करने या क्षेत्र में अधिग्रहण लागत को कम करने के लिए कमीशन टालने की सिफारिश कर सकती है। हाल ही में डिस्ट्रीब्यूटर को ज्यादा भुगतान के कारण अधिग्रहण की लागत ज्यादा […]
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बीमारी के समय हेल्थ इंश्योरेंस का क्लेम रिजेक्ट हो जाए और वजह बताई जाए ‘नॉन-डिस्क्लोजर’ यानी जानकारी छिपाना, तो लगता है जैसे कोई गुनाह कर दिया हो। तनाव के उस पल में यह झटका और भारी पड़ता है। लेकिन इंश्योरेंस एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादातर मामलों में ऐसा जानबूझकर छिपाने से नहीं, बल्कि मेडिकल […]
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बीमा कंपनियां ग्राहकों को गलत तरीके से पॉलिसी बेच रही हैं, और इसकी जड़ तक पहुंचने के लिए कंपनियों को गहराई से जांच करनी चाहिए। ये बातें इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने अपनी नई सालाना रिपोर्ट में कही हैं। रिपोर्ट बताती है कि लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों के खिलाफ आने वाली शिकायतों […]
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भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने शुक्रवार को बंद (लैप्स) हो चुकी व्यक्तिगत जीवन बीमा पॉलिसियों (individual life insurance policies) को दोबारा चालू करने के लिए एक खास अभियान शुरू करने की घोषणा की। यह अभियान 1 जनवरी 2026 से 2 मार्च 2026 तक चलेगा। यह पहल उन पॉलिसीहोल्डर्स के लिए है जो किसी कारण […]
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जीवन बीमा क्षेत्र में वित्त वर्ष 25 के दौरान गलत जानकारी देकर पॉलिसियां बेचने के दर्ज मामले सालाना आधार पर 14.3 प्रतिशत बढ़कर 26,667 हो गए जबकि यह आंकड़ा वित्त वर्ष 24 में 23,335 था। भारत के बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) के अनुसार जीवन बीमा क्षेत्र में कुल दर्ज शिकायतें मामूली रूप से […]
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सामान्य और स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं द्वारा स्वास्थ्य बीमा के तहत कवर किए गए लोगों की संख्या वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर 58 करोड़ हो गई है, जो वित्त वर्ष 2024 में 57.3 करोड़ थी। हालांकि भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार बेची गई पॉलिसियों की संख्या इस दौरान घटकर 2.65 […]
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इलाज अब सिर्फ बीमारी आने के बाद की बात नहीं रह गई है। बढ़ती मेडिकल लागत, बदलती जीवनशैली और अचानक आने वाले स्वास्थ्य खर्च ने लोगों की सोच बदल दी है। अब सवाल यह नहीं रह गया कि बीमा लेना है या नहीं, बल्कि यह हो गया है कि सही समय पर और सही कवरेज […]
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इस साल यानी FY26 में बीमा क्षेत्र की रफ्तार थोड़ी धीमी रही है, लेकिन अगले साल FY27 में फिर से तेजी आने के आसार हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रोथ डबल डिजिट में पहुंच जाएगी। नियामक सुधार, GST में बदलाव, आसान बेस इफेक्ट और मुख्य प्रोडक्ट्स में बढ़ती डिमांड इसके मुख्य कारण हैं। बड़े […]
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