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लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: देर से ही सही लेकिन FSSAI का स्वागत योग्य कदम

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) देर से ही सही लेकिन सक्रिय हो गया है। उसने राज्यों से कहा है कि वे विभिन्न ब्रांड के मसालों के पाउडर को परीक्षण के लिए एकत्रित करें। इससे पहले अप्रैल में सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग के खाद्य नियामकों ने खूब बिकने वाले भारतीय मसालों एमडीएच और एवरेस्ट पर […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: मुद्रास्फीति की चुनौती

मुद्रास्फीति (Inflation) की गति का आकलन करना अत्यधिक चुनौतीपूर्ण हो चुका है। उदाहरण के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व तथा विकसित और विकासशील देशों के कई अन्य केंद्रीय बैंकों का मानना था कि महामारी के बाद उपभोक्ता कीमतों में इजाफा अस्थायी प्रकृति का था। बहरहाल, निरंतर ऊंची मुद्रास्फीति दर ने आखिरकार उन्हें समायोजन के लिए विवश […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: प्लास्टिक प्रदूषण का सामना

तकरीबन 175 देशों के प्रतिनिधियों के नैरोबी में एकत्रित होने और प्लास्टिक प्रदूषण (Plastic Pollution) से निपटने के लिए कानूनी रूप से प्रभावी पहली संधि करने पर सहमति होने के दो वर्ष बाद भी इस बात की बहुत कम उम्मीद है कि निकट भविष्य में दुनिया इस विषय पर किसी सहमति पर पहुंच सकेगी और […]

आज का अखबार, लेख

संपादकीय: 2024 में चांदी में रुचि बढ़ी, निवेशक पोर्टफोलियो को दें विविधता

इस वर्ष यानी 2024 में चांदी में निवेशकों की रुचि काफी बढ़ी है और सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों (ETF) के प्रबंधन के अधीन परिसंपत्ति बढ़कर 5,000 करोड़ रुपये को पार कर गई। जनवरी से अब तक इस सफेद धातु में करीब 16 फीसदी की तेजी आ चुकी है। परिसंपत्ति के आवंटन में अक्सर चांदी (Silver) […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: गोदरेज समूह में बंटवारा- ब्रांड का बचाव

गोदरेज समूह ने अपने 127 वर्ष के इतिहास में एक मजबूत ब्रांड विकसित किया है। कुछ अनुमानों के मुताबिक यह देश के 10 सबसे प्रतिष्ठित और मूल्यवान ब्रांड में से एक है। बीते कई दशकों के दौरान उसके उत्पादों खासकर उपभोक्ताओं से जुड़े उत्पादों का मूल्यवर्द्धन हुआ है। परंतु इस दौरान समूह में आंतरिक समन्वय […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: मुद्रास्फीति के अनुमानों का प्रबंधन…

भारत में खाद्य और ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव अस्वाभाविक नहीं है। खाद्य कीमतों का निरंतर बना रहने वाला दबाव हेडलाइन मुद्रास्फीति (Inflation) को ऊंचे स्तर पर बनाए रखता है। ऐसे में यह समझना महत्त्वपूर्ण है कि ऐसी कीमतों का झटका किस प्रकार मुद्रास्फीतिक नतीजों के प्रबंधन की राह में रोड़ा बन सकता है। मुद्रास्फीति संबंधी […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: गति शक्ति कार्गो टर्मिनल निजी कंपनियों को देने पर विचार….क्षमता का निर्माण

इस समाचार पत्र में सोमवार को प्रकाशित खबर के मुताबिक रेल मंत्रालय 200 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल निजी कंपनियों और फ्रेट ऑपरेटरों को देने पर विचार कर रहा है। इस कदम का स्वागत किया जाना चाहिए क्योंकि इससे न केवल रेलवे की जमीन तथा अन्य परिसंपत्तियों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित होगा बल्कि लॉजिस्टिक क्षेत्र की […]

आज का अखबार, संपादकीय

बैंकिंग क्षेत्र में अधिक प्रतिस्पर्द्धा की दरकार

भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले सप्ताह उन मौजूदा ‘लघु वित्त बैंक’ या एसएफबी के लिए नए नियम जारी किए जो खुद को नियमित यानी ‘यूनिवर्सल’ बैंक में बदलने की इच्छा रखते हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हैं कि क्या कोई मौजूदा एसएफबी तुरंत इस प्रक्रिया का लाभ उठा पाएगा या नहीं लेकिन यह स्वागत […]

संपादकीय

भारत को उभरते क्षेत्रों पर देना होगा ध्यान

बीते कुछ दशकों की बात करें तो भारतीय अर्थव्यवस्था का एक चमकदार पहलू रहा है सेवा निर्यात की गति। इसने न केवल कारोबारी अंतर को थामे रखने में मदद की है बल्कि यह देश में रोजगार निर्माण का स्रोत भी रहा है। इनमें उच्च कौशल वाले रोजगार शामिल हैं। सेवा क्षेत्र में देश की सफलता […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: मसाला ब्रांडों में कैंसर कारक पाए जाने का मामला…देश में कमजोर मानकों की समस्या

भारत के दो लोकप्रिय मसाला ब्रांडों में कैंसर कारक कीटनाशक पाए जाने को लेकर इन दिनों विदेशों में जो बवाल मचा है वह देश में खाद्य एवं औषधि नियमन के कमजोर मानकों की समस्या को एक बार फिर सामने लाता है। इस सप्ताह के आरंभ में अच्छी खासी भारतीय आबादी वाले हॉन्गकॉन्ग और सिंगापुर में […]

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