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श्रीराम फाइनैंस में जापान का अब तक का सबसे बड़ा FDI, MUFG बैंक लगाएगा 4.4 अरब डॉलर

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यह भारत की किसी वित्तीय सेवा कंपनी में अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) होगा

Last Updated- December 19, 2025 | 10:27 PM IST
Shriram Finance share Price
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

श्रीराम फाइनैंस ने आज कहा कि जापान का एमयूएफजी बैंक उसकी 20 फीसदी हिस्सेदारी के अ​धिग्रहण के लिए 4.4 अरब डॉलर यानी करीब 39,618 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इसके लिए पूर्ण चुकता आधार पर तरजीही शेयर जारी किए जाएंगे। एमयूएफजी बैंक जापान के मित्सुबिशी यूएफजे फाइनैंशियल ग्रुप (एमयूएफजी) की सहायक इकाई है। यह भारत की किसी वित्तीय सेवा कंपनी में अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) होगा।

ऋणदाता ने कहा कि एमयूएफजी बैंक को 840.93 रुपये प्रति शेयर मूल्य पर 47.1 करोड़ से अधिक शेयर जारी किए जाएंगे जो कंपनी में 20 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर होंगे। इस लेनदेन के बाद एमयूएफजी बैंक को श्रीराम फाइनैंस के बोर्ड में दो गैर-स्वतंत्र निदेशकों को नामांकित करने का अधिकार होगा।

एमयूएफजी बैंक का यह प्रस्तावित निवेश शेयरधारकों की मंजूरी के अलावा नियामकीय मंजूरियों एवं अन्य वैधानिक शर्तों के अधीन है।

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श्रीराम फाइनैंस ने कहा, ‘सौदा पूरा होने पर निवेशक (एमयूएफजी बैंक) को कंपनी का सार्वजनिक शेयरधारक माना जाएगा।’ श्रीराम फाइनैंस ने कहा कि इस निवेश से कंपनी की पूंजी पर्याप्तता बेहतर होगी, बहीखाते को मजबूती मिलेगी और दीर्घाव​धि वृद्धि को रफ्तार मिलेगी। उसने कहा, ‘इससे कम लागत वाले ऋण तक पहुंच बेहतर होगी। इससे श्रीराम फाइनैंस की क्रेडिट रेटिंग बेहतर होगी और प्रशासन एवं परिचालन गतिवि​धियों को वै​श्विक मानकों के अनुरूप बनाने में मदद मिलेगी।’

एमयूएफजी ने एक बयान में कहा कि वह एशिया को अपना दूसरा घरेलू बाजार मानता है। एशियाई देशों के बीच भारत उसके सबसे महत्त्वपूर्ण बाजारों में से एक है जिसके 2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की उम्मीद है।

जापान के ऋणदाता ने कहा, ‘यह निवेश भारत के एमएसएमई एवं खुदरा बाजारों में पैठ बनाने और लगातार बढ़ रही घरेलू मांग को पूरा करने के लिए एमयूएफजी का एक रणनीतिक कदम है।’ उन्होंने कहा कि श्रीराम फाइनैंस को इस पूंजी से नए वा​णि​ज्यिक वाहन और एमएसएमई जैसे क्षेत्रों में अपने कारोबार का विस्तार करने में मदद मिलेगी। 

इस सौदे की घोषणा के बाद बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर श्रीराम फाइनैंस का शेयर 3.74 फीसदी बढ़त के साथ 901.75 रुपये पर बंद हुआ।

उधर, श्रीराम फाइनैंस ने स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया कि उसके प्रवर्तक एवं प्रवर्तक समूह- श्रीराम कैपिटल, श्रीराम ओनरशिप ट्रस्ट, श्रीराम वैल्यू सर्विसेज और सनलाम लाइफ इंश्योरेंस- ने एमयूएफजी और सनलाम इमर्जिंग मार्केट्स (मॉरीशस) लिमिटेड के साथ एक समझौता किया है जिसके तहत श्रीराम ओनरशिप ट्रस्ट, श्रीराम फाइनैंस के ऋण एवं उधारी कारोबार से संबंधित गैर-प्रतिस्पर्धा एवं गैर-खुलासा दायित्वों के अधीन होगा।

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इसके बदले श्रीराम ओनरशिप ट्रस्ट को 20 करोड़ डॉलर यानी करीब 1,660 करोड़ रुपये एकमुश्त दिए जाएंगे जो एमयूएफजी के शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन होगा।

श्रीराम कैपिटल और श्रीराम वैल्यू सर्विसेज के जरिये श्रीराम समूह की श्रीराम फाइनैंस में 24.98 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी में दक्षिण अफ्रीका की सनलाम लाइफ इंश्योरेंस की 0.41 फीसदी हिस्सेदारी है। इस प्रकार प्रवर्तकों की कुल हिस्सेदारी 25.39 फीसदी है।

श्रीराम फाइनैंस के कार्यकारी वाइस चेयरमैन उमेश रेवणकर ने कहा, ‘यह सौदा वृद्धि के हमारे सफर में एक निर्णायक पल है। एक प्रमुख निवेशक के तौर पर भारत के वित्तीय सेवा क्षेत्र में एमयूएफजी के आने और इस क्षेत्र में हमारी अग्रणी भूमिका से वैश्विक भरोसा मजबूत होगा। हमारा उद्देश्य साथ मिलकर अपनी दक्षता को बेहतर करना, आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देना और विभिन्न समुदायों में सार्थक प्रभाव पैदा करना है।’

एमयूएफजी के ग्रुप सीईओ हिरोनोरी कामेजावा ने कहा, ‘भविष्य के लिए एमयूएफजी और श्रीराम फाइनैंस के साझा दृष्टिकोण एवं मूल्य हैं। एमयूएफजी अपनी वैश्विक दक्षता का लाभ उठाते हुए श्रीराम फाइनैंस की वृद्धि को सहारा देने और भारत के आर्थिक, सामुदायिक एवं सामाजिक विकास में अपना योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।’

श्रीराम फाइनैंस, श्रीराम समूह की प्रमुख कंपनी है जो 2.81 लाख करोड़ रुपये से अधिक की एयूएम के साथ दूसरी सबसे बड़ी खुदरा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी है। वह अपनी 3,225 शाखाओं में वाणिज्यिक वाहन ऋण, एमएसएमई ऋण, ट्रैक्टर एवं फार्म इक्विपमेंट ऋण, गोल्ड लोन, पर्सनल लोन और कार्यशील पूंजी ऋण सहित व्यापक पेशकश करती है। फिलहाल उसके 78,833 कर्मचारी हैं और वह 96.6 लाख ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करती है।

टोक्यो की कंपनी एमयूएफजी दुनिया का एक अग्रणी वित्तीय सेवा समूह है। उसके कारोबार का दायरा समूह वाणिज्यिक बैंकिंग, ट्रस्ट बैंकिंग, प्रतिभूति, क्रेडिट कार्ड, उपभोक्ता ऋण, परिसंपत्ति प्रबंधन एवं पट्टा आदि तक विस्तृत है।

एमयूएफजी 1894 में पूर्व योकोहामा स्पेसी बैंक (बैंक ऑफ टोक्यो का पूर्ववर्ती) की मुंबई शाखा खुलने के बाद अब छह जगहों से पूरे भारत को कवर करता है। 

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First Published - December 19, 2025 | 10:27 PM IST

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