Union Budget 2024: विवेकशील, साहसी और समझदारी भरा बजट, घोषणाओं में दिखा वित्त मंत्री का राजकोषीय विवेक
Budget 2024: नरेंद्र मोदी सरकार के अपने छठे पूर्ण बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को दिखाया कि वह राजकोषीय विवेक, साहस और राजनीतिक समझदारी सब रखती हैं। उनका राजकोषीय विवेक न केवल 2024-25 में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य कम करके सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.9 फीसदी तक लाने में नजर आता […]
राजस्व बढ़ाने पर देना होगा ध्यान
मोदी सरकार के बीते 10 साल के कार्यकाल में बजट का प्रदर्शन कैसा रहा? इस सवाल का एक जवाब यह होगा कि उनकी तुलना पिछली सरकारों के बजट से की जाए। परंतु एक अन्य तरीका यह भी होगा कि मोदी सरकार के बजट की आपस में ही तुलना की जाए। मौजूदा संदर्भ में ऐसा करना […]
नीतिगत खामियों से बच कर रहे बजट
आम बजट में देश के कारोबारी जगत की इच्छाओं को पूरा करने से अधिक जरूरी है कि नीतिगत खामियों से बचा जाए। बता रहे हैं ए के भट्टाचार्य खबरों के मुताबिक वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बजट पूर्व बैठक में उद्योग जगत की ओर से यह मांग की गई है कि उन कंपनियों को […]
बजट निर्माण की प्रक्रिया में बढ़े पारदर्शिता
बजट में वर्ष 2023-24 के प्रारंभिक आंकड़ों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए और रिजर्व बैंक के अतिरिक्त अधिशेष का इस्तेमाल बेहतर प्रभाव के लिए किया जाना चाहिए। बता रहे हैं ए के भट्टाचार्य अब जबकि निर्मला सीतारमण पिछले कार्यकाल की तरह वित्त मंत्री के पद पर लौट आई हैं तो केंद्रीय वित्त मंत्रालय भी […]
गठबंधन सरकार और सुधारों की चुनौतियां
आम चुनाव के नतीजों से संकेत मिल रहा है कि शायद गठबंधन युग की वापसी हो गई है और नरेंद्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने बलबूते सरकार नहीं बना पाएगी। ऐसे में देश की राजनीतिक अर्थव्यवस्था से संबंधित बहस में एक बार फिर इस बात पर जोर होगा कि आखिर केंद्र की नई […]
MGNREGA से जुड़ी समस्याएं और उनका समाधान
ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से जुड़ी समस्याओं का निदान कड़ी निगरानी से किया जा सकता है, न कि वित्तीय बोझ साझा करने से। बता रहे हैं ए के भट्टाचार्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) समीक्षा के चरण से गुजरती प्रतीत हो रही है। समाचार माध्यमों में प्रकाशित खबरों के अनुसार मनरेगा में […]
विदेशी निवेशकों द्वारा धन वापसी चिंताजनक
करीब एक पखवाड़ा पहले इस समाचार पत्र में खबर छपी थी कि केंद्र सरकार के 17 विभागों के पास प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के 46 प्रस्ताव करीब 12 सप्ताह से लंबित हैं। ऐसे आवेदनों के निपटान की समय सीमा भी 12 सप्ताह है। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग यानी डीपीआईआईटी इसे लेकर चिंतित था […]
Tata Motors DVR को सामान्य शेयर में बदलने की योजना की सराहना
प्रॉक्सी एडवाइजरी फर्मों इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर एडवाइजरी सर्विसेज (IIAS), स्टेकहोल्डर्स एम्पावरमेंट सर्विसेज, इनगवर्न और इंस्टिट्यूशनल शेयरहोल्डर सर्विसेज (ISS) ने टाटा मोटर्स के डीवीआर शेयरों को सामान्य शेयरों में बदलने की योजना वाले प्रस्ताव पर मतदान की सिफारिश की है। वाहन दिग्गज के इस प्रस्ताव पर मतदान शुक्रवार से शुरू होगा। इसके लिए डीवीआर और सामान्य दोनों […]
भाजपा का चुनावी घोषणापत्र…वादों को हकीकत में बदलने का हो प्रयास
भारतीय जनता पार्टी के चुनाव घोषणापत्र (BJP Manifesto) में आर्थिक नीति से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए हैं। कई आर्थिक विषय ऐसे हैं जिनके लिए ज्यादा समग्र दृष्टिकोण अपनाए जाने की आवश्यकता है। बता रहे हैं ए के भट्टाचार्य आम चुनाव के पहले घोषित किए जाने वाले चुनाव घोषणापत्र राजनीतिक दलों की आकांक्षाओं, वादों और […]
चुनाव के दौरान नीति निर्माण और इससे उपजे कुछ प्रश्न
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों को इन गर्मियों में कुछ अस्वाभाविक अनुभव करना पड़ रहा है। लोक सभा चुनावों की घोषणा हो चुकी है। निर्वाचन आयोग ने आदर्श आचार संहिता लागू कर दी है। इसके बावजूद वरिष्ठ अफसरशाह जो अक्सर आम चुनाव से कुछ सप्ताह पहले अपने रोजमर्रा के काम से आराम पाते हैं, […]









