facebookmetapixel
Advertisement
स्टर्लिंग रिसॉर्ट्स का बड़ा दांव! अगले 15-18 महीनों में खुलेंगे 30 नए रिसॉर्ट, 2027 तक देशभर में होगा बड़ा विस्तारभारत का सेमीकंडक्टर पर सबसे बड़ा दांव! ₹1.27 लाख करोड़ की योजना, क्या बदल जाएगी चिप इंडस्ट्री की तस्वीर?Adani Enterprises का Q1 रिजल्ट कब आएगा? कंपनी ने जारी किया बोर्ड मीटिंग का शेड्यूलगिरती प्रॉपर्टी, कमजोर ग्रोथ… चीन की अर्थव्यवस्था को क्या हो गया है?Crude Oil Price: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से तेल चढ़ा, ब्रेंट 90 डॉलर के पारस्टील सेक्टर के लिए आई अच्छी खबर! JSW Steel को H2 में दिख रही बड़ी ग्रोथ, निर्यात से भी बढ़ी उम्मीदSBI Funds Management IPO: लिस्टिंग से पहले GMP में जोरदार उछाल, निवेशकों को कितना फायदा?Stock Market Today: GIFT Nifty से कमजोर शुरुआत के संकेत, US-ईरान तनाव से 90 डॉलर के पार पहुंचा कच्चा तेल; एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुखAI की बढ़ती ताकत से बदलेगी रियल एस्टेट की तस्वीर! डेटा सेंटर बनेंगे कमाई का नया इंजनStocks to Watch Today: NATCO Pharma, GAIL, Cipla समेत इन शेयरों पर रहेगी बाजार की नजर; आज आएंगे UltraTech Cement और Paytm के नतीजे

ऑटो इंडस्ट्री का नया फॉर्मूला: नई कारें कम, फेसलिफ्ट ज्यादा; 2026 में बदलेगा भारत का व्हीकल मार्केट

Advertisement

ऑटो कंपनियां 2026 में नई गाड़ियों की बजाय मौजूदा मॉडलों के फेसलिफ्ट पर ज्यादा फोकस करेंगी, क्योंकि टेक्नोलॉजी सस्ती हुई है और नियम सख्त हुए हैं

Last Updated- December 14, 2025 | 3:57 PM IST
Cars
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

नया साल भारत के पैसेंजर व्हीकल मार्केट में कई गाड़ियों के फेसलिफ्ट लेकर आने वाला है। ऑटो कंपनियां नए मॉडल लॉन्च करने की बजाय अपग्रेड और मिड-साइकिल रिफ्रेश पर ज्यादा जोर दे रही हैं। इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि 2026 में प्रोडक्ट डेवलपमेंट के तेज होते साइकिल, बदलते ग्राहक की उम्मीदों और सख्त होते रेगुलेटरी नियमों की वजह से यह बदलाव आएगा।

ऑटो इंडस्ट्री में मॉडल रिफ्रेश साइकिल इतने तेज क्यों हो रहे हैं?

प्रिमस पार्टनर्स के एडवाइजर अनुराग सिंह कहते हैं, “ऑटोमोटिव इंडस्ट्री में प्रोडक्ट डेवलपमेंट साइकिल बहुत तेज हो गया है। एडवांस्ड डिजाइन सॉफ्टवेयर, वेंडर्स के साथ करीबी सहयोग और असेंबली लाइनों का डिजिटाइजेशन व रोबोटाइजेशन अब फुल मॉडल या वैरिएंट अपग्रेड को सालों की बजाय हफ्तों में पूरा करने की सुविधा दे रहा है।”

फीचर्स और रेगुलेशंस बार-बार अपग्रेड क्यों करवा रहे हैं?

एनालिस्ट्स का भी मानना है कि कनेक्टेड टेक्नोलॉजी, इंफोटेनमेंट, एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS), कई ड्राइव मोड्स और बेहतर केबिन कम्फर्ट जैसे कस्टमर एक्सपीरियंस फीचर्स अब काफी सस्ते हो गए हैं और तेजी से विकसित हो रहे हैं।

साथ ही, एमिशन और फ्यूल नॉर्म्स से लेकर सेफ्टी और CAFE स्टैंडर्ड्स जैसे रेगुलेटरी बदलाव ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) को अपनी लाइन-अप को नियमित रूप से ट्वीक और अपग्रेड करने पर मजबूर कर रहे हैं।

सिंह ने कहा, “ये ताकतें ऑटोमेकर्स को बेहतर डिजाइन और ज्यादा इक्विप्ड मॉडल ज्यादा बार लाने में सक्षम बना रही हैं और मजबूर भी कर रही हैं। भारत के कॉम्पिटिटिव ऑटोमोटिव मार्केट में रिलेवेंट बने रहने का मतलब है लगातार बार ऊंचा करना।”

इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की बढ़ती स्वीकार्यता और टेक्नोलॉजी साइकिल के छोटे होते जाने के साथ यह ट्रेंड और तेज होने की उम्मीद है।

Also Read: त्योहारी मांग और GST में कटौती से वाहनों की बिक्री में भारी बढ़ोतरी, नवंबर में ऑटो इंडस्ट्री ने बनाया रिकॉर्ड

2026 की शुरुआत में किन गाड़ियों के फेसलिफ्ट आने वाले हैं?

अगले साल की शुरुआत में कई पॉपुलर मॉडल्स को कॉस्मेटिक और फीचर अपग्रेड मिलने वाले हैं, क्योंकि ऑटोमेकर्स फुल मॉडल लॉन्च की बजाय मिड-साइकिल रिफ्रेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। अगले साल लाइन में लगे प्रमुख फेसलिफ्ट में महिंद्रा XUV700, महिंद्रा स्कॉर्पियो, टाटा पंच, मारुति ब्रेजा, हुंडई वर्ना, हुंडई एक्सटेरा, स्कोडा कुशक, फॉक्सवैगन टाइगुन और किआ सेल्टॉस शामिल हैं। ये अपडेट मैन्युफैक्चरर्स को ग्राहकों का इंटरेस्ट बनाए रखने और पूरी तरह नए प्रोडक्ट लॉन्च में आई सुस्ती के बीच अपने पोर्टफोलियो को कॉम्पिटिटिव रखने में मदद करेंगे।

डिमांड अच्छी होने के बावजूद ऑटोमेकर्स बड़े नए मॉडल लॉन्च क्यों रोक रहे हैं?

पैसेंजर व्हीकल्स की अच्छी डिमांड के बावजूद कंपनियां बड़े पैमाने पर नए मॉडल लॉन्च करने से बचने वाली हैं। इसके बजाय फोकस फेसलिफ्ट, मिड-साइकिल रिफ्रेश और फीचर ऐडिशन पर रहेगा।

2027 से पहले CAFE 3 नॉर्म्स मॉडल अपग्रेड को कैसे प्रभावित करेंगे?

जानकारों का मानना है कि यह बदलाव आंशिक रूप से रणनीतिक है और आंशिक रूप से रेगुलेटरी। अप्रैल 2027 से लागू होने वाले नए CAFE 3 फ्यूल एफिशिएंसी स्टैंडर्ड्स के साथ कंपनियां पूरी तरह नए प्लेटफॉर्म्स पर कमिट करने की बजाय एफिशिएंसी और एमिशन कंप्लायंस बेहतर करने वाले अपग्रेड को प्राथमिकता दे रही हैं।

2026 में किन सेगमेंट में सबसे ज्यादा एक्टिविटी दिखेगी?

अगले साल की ज्यादातर एक्टिविटी कॉम्पैक्ट और मिड-साइज SUV सेगमेंट में केंद्रित रहेगी, खासकर 10-20 लाख रुपये की प्राइस रेंज में, जहां पहली बार खरीदने वाले और अपग्रेड करने वाले दोनों तरह के खरीदारों से मजबूत डिमांड बनी हुई है।

2026 के लॉन्च पाइपलाइन को EV एडॉप्शन कैसे शेप देगा?

इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को भी ज्यादा ट्रैक्शन मिलेगा, हालांकि उनकी एडॉप्शन की रफ्तार सेगमेंट और प्राइसिंग पर निर्भर करेगी।

2026 की शुरुआत में इनमें बदलाव की उम्मीद है:

  • महिंद्रा XUV700
  • महिंद्रा स्कॉर्पियो
  • टाटा पंच
  • मारुति ब्रेज़ा
  • हुंडई वर्ना
  • हुंडई एक्सटेरा
  • स्कोडा कुशाक
  • वोक्सवैगन टाइगुन
  • किआ सेल्टॉस

Advertisement
First Published - December 14, 2025 | 3:57 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement