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ऑटोमैटिक वर्क परमिट हटाने पर H-1B परिवारों का गुस्सा, DHS के खिलाफ याचिका

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H-1B वीजाधारकों के परिवारों ने DHS के खिलाफ मुकदमा दायर किया, ऑटोमैटिक वर्क परमिट बंद करने के नए नियम को चुनौती देने के लिए।

Last Updated- January 10, 2026 | 1:00 PM IST
H-1B visa fee
Representative Image

H1-B Visa: अमेरिका में H-1B वीजा धारकों के जीवनसाथियों ने हाल ही में अमेरिकी गृह विभाग (DHS) के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। यह याचिका उस नए नियम को चुनौती देती है, जिसने ऑटोमैटिक काम की अनुमति (EAD) की एक्सटेंशन को बंद कर दिया है। वकीलों का कहना है कि यह बदलाव हजारों इमिग्रेंट परिवारों की रोजगार और वित्तीय स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।

नए नियम में क्या बदलाव हुआ है?

अक्टूबर 30, 2025 से लागू हुए इस नियम के तहत H-4 वीजा धारक, H-1B वीजा धारक के परिवार और अन्य पात्र आश्रित अब अपनी EAD का नवीनीकरण करने के लिए कम से कम 180 दिन पहले आवेदन करना होगा। पहले यह सुविधा थी कि नवीनीकरण प्रक्रिया के दौरान 540 दिन तक ऑटोमैटिक एक्सटेंशन मिलता था।

परिवारों पर असर

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि USCIS में लंबे समय तक प्रक्रिया में देरी के कारण यह बदलाव बेहद परेशान करने वाला है। कभी-कभी नवीनीकरण प्रक्रिया लगभग एक साल तक चल सकती है। बिना ऑटोमैटिक एक्सटेंशन के, कई कर्मचारी अपने काम को रोकने के लिए मजबूर हो जाते हैं, जबकि उनकी वीजा स्थिति पूरी तरह वैध रहती है।

मुकदमे में क्या कहा गया है?

याचिका में यह आरोप लगाया गया है कि DHS ने नियम बदलने के लिए कोई ठोस कारण नहीं दिया और इसे आम जनता की राय जाने बिना लागू किया गया। वकीलों का कहना है कि सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा और इमिग्रेशन जांच से जुड़े कारण ऑटोमैटिक एक्सटेंशन को अचानक खत्म करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

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First Published - January 10, 2026 | 12:54 PM IST

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