दिसंबर 2025 में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद Mutual Funds SIP के जरिए निवेश ने नया रिकॉर्ड बनाया। इस महीने SIP के माध्यम से करीब 31,000 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। हालांकि, एकमुश्त यानी लंपसम निवेश में गिरावट देखी गई और यह घटकर करीब 8,000 हजार करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले महीने के मुकाबले लगभग 19 प्रतिशत कम है। इन दोनों को मिलाकर एक्टिव इक्विटी फंड्स में कुल शुद्ध निवेश करीब 39,000 हजार करोड़ रुपये रहा, जो महीने-दर-महीने मामूली गिरावट को दिखाता है।
दिसंबर के दौरान शेयर बाजार में कोई बड़ी तेजी नहीं दिखी। निफ्टी 50 में करीब 0.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव रहा। बाजार की इसी सुस्ती का असर म्युचुअल फंड्स के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) पर पड़ा और एक्टिव इक्विटी फंड्स का कुल AUM सिर्फ 0.4 प्रतिशत बढ़कर 44.6 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच पाया। चालू वित्त वर्ष 2026 में अब तक एक्टिव इक्विटी फंड्स में कुल 3.3 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आ चुका है, जो साल की शुरुआत के AUM का करीब 9 प्रतिशत है।
निवेश के लिहाज से दिसंबर में लार्ज और मिडकैप फंड्स निवेशकों की पहली पसंद बने रहे, जिनमें करीब एक चौथाई से ज्यादा पैसा गया। फ्लेक्सी-कैप फंड्स में भी अच्छी हिस्सेदारी देखने को मिली, जबकि स्मॉल-कैप फंड्स में निवेश सीमित रहा। थीमैटिक फंड्स में निवेश बहुत कम रहा। इस महीने कुल सात नए एक्टिव इक्विटी फंड लॉन्च हुए, जिनके जरिए करीब 38,700 करोड़ रुपये जुटाए गए, जबकि मौजूदा स्कीम्स में निवेश पिछले महीने के मुकाबले घटा।
दिसंबर में ETF और इंडेक्स फंड जैसे पैसिव फंड्स में निवेश तेजी से बढ़ा। इन फंड्स में कुल मिलाकर करीब 26,700 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया, जो पिछले महीने की तुलना में करीब 74 प्रतिशत ज्यादा है। खासतौर पर गोल्ड फंड और ओवरसीज फंड्स में निवेश तीन गुना तक बढ़ गया। हालांकि, नए पैसिव फंड्स (NFO) के जरिए आने वाला निवेश घटा हुआ रहा।
जहां इक्विटी और पैसिव फंड्स में निवेश बना रहा, वहीं डेट और लिक्विड फंड्स से निवेशकों ने बड़ी रकम निकाली। दिसंबर में डेट फंड्स से करीब 44,900 करोड़ रुपये और लिक्विड फंड्स से करीब 87,500 करोड़ रुपये की निकासी दर्ज की गई।
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का कहना है कि बाजार में फिलहाल स्थिरता और उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा है, लेकिन SIP के जरिए लगातार बढ़ता निवेश म्युचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए मजबूत संकेत है। ब्रोकरेज को इस सेक्टर पर भरोसा है और उसकी टॉप पिक में HDFC AMC, निप्पॉन AMC और KFIN टेक्नोलॉजीज शामिल हैं।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।