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भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अगली बातचीत 13 जनवरी को, लगातार संपर्क में दोनों देश: अमेरिकी राजदूत

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा- दोनों देश समझौते को पूरा करने के लिए सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं

Last Updated- January 12, 2026 | 2:42 PM IST
Sergio Gor
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर। Photo: PTI

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर बातचीत अभी भी सक्रिय रूप से जारी है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच अगली बातचीत 13 जनवरी को होने वाली है। नई दिल्ली में राजदूत का पद संभालने के बाद अपने पहली प​ब्लिक स्पीच में गोर ने कहा कि दोनों देश लगातार संपर्क में हैं।

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है और ऐसे में व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना आसान नहीं है, लेकिन अमेरिका इसे पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सर्जियो गोर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के करीबी माने जाते हैं। ऐसे समय में उनकी नियुक्ति हुई है, जब भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। उनसे दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत करने की उम्मीद की जा रही है।

मोदी-ट्रंप कॉल विवाद पर भारत का कड़ा जवाब

हाल के महीनों में अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी के बयान पर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पिछले हफ्ते भारत सरकार ने अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक के उस बयान को “तथ्यों से परे” बताया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ट्रेड डील इसलिए नहीं हो पाई क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को फोन नहीं किया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और अमेरिका कई बार समझौते के बहुत करीब पहुंचे थे। इससे साफ संकेत मिला कि बातचीत रुकने की जिम्मेदारी सिर्फ भारत पर नहीं डाली जा सकती।

मार्च से चल रही बातचीत

भारत ने मार्च 2024 में अमेरिका के साथ सबसे पहले ट्रेड बातचीत शुरू की थी। जुलाई तक दोनों देश समझौते के करीब पहुंच गए थे, लेकिन इसके बाद बातचीत रुक गई। अगस्त 2024 में राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के कई उत्पादों पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया था। इसमें रूस से तेल खरीदने पर 25 फीसदी का अतिरिक्त जुर्माना भी शामिल था।

भारत और अमेरिका एक बड़े द्विपक्षीय व्यापार समझौते के साथ-साथ एक सीमित फ्रेमवर्क डील पर भी काम कर रहे हैं, ताकि भारतीय निर्यातकों पर लगे भारी टैरिफ का असर कम किया जा सके। हालांकि 2025 के “फॉल” सीजन की समयसीमा के बावजूद छह से ज्यादा दौर की बातचीत के बाद भी फ्रेमवर्क समझौता नहीं हो पाया।

First Published - January 12, 2026 | 2:24 PM IST

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