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लेखक : ए के भट्टाचार्य

आज का अखबार, लेख

केवल परीक्षा सुधार नहीं, युवाओं के लिए ज्यादा रोजगार और कौशल विकास भी जरूरी

नई दिल्ली में जंतर मंतर पर पिछले हफ्ते हुई घटनाओं पर सरकार की नीतिगत प्रतिक्रिया क्या वांछित परिणाम दे पाने में सफल होगी? क्या इससे भविष्य में युवाओं के ऐसे ही विरोध प्रदर्शनों को टाला जा सकेगा? विरोध प्रदर्शन पर सरकार की तात्कालिक प्रतिक्रिया गलत थी। उसने आंदोलन करने वालों समेत प्रभावित पक्षों से किसी भी […]

आज का अखबार, लेख

AI से एंट्री-लेवल नौकरियों पर खतरा, स्किलिंग बनी राष्ट्रीय प्राथमिकता

भारत में संगठित क्षेत्र के रोजगार पर तकनीक और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) का सबसे चिंताजनक पहलू कुल कर्मचारियों की संख्या में बदलाव से नहीं बल्कि विभिन्न कर्मचारी वर्गों पर इसके असमान प्रभाव से जुड़ा है। यह असमानता अधिक समस्या पैदा कर सकती है। भारत का बैंकिंग क्षेत्र पहले से ही मानव संसाधन नियोजन में ऐसे […]

आज का अखबार, लेख

पश्चिम एशिया में शांति, लेकिन भारत के लिए चुनौतियां बरकरार

अमेरिका और ईरान के समझौते के करीब पहुंचने और पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त होने की संभावनाओं से जुड़ी खबर ने बाजारों पर सकारात्मक असर डाला है। इससे होर्मुज स्ट्रेट के दोबारा खुलने की उम्मीद जगी है। कच्चे तेल की कीमतों में भी कमी आई है। शेयर कीमतों ने वापसी की है। उम्मीद है कि […]

आज का अखबार, लेख

Tax Rebates: क्या FY26 के आंकड़े टैक्स रियायतों पर नए सिरे से सोचने का संकेत हैं?

इस सप्ताह जारी वित्त वर्ष 2025-26 के​ केंद्र सरकार की वित्तीय स्थिति के अस्थायी आंकड़ों की सबसे प्रमुख बात स्वाभाविक रूप से राजकोषीय घाटे से संबंधित है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार पांचवे वर्ष राजकोषीय घाटे के लक्ष्य पर कायम रहने में सफल रही हैं। कुछ साल तो उन्होंने इसे बेहतर ही किया है। उनके […]

आज का अखबार, लेख

केवल बाहरी खतरा नहीं, भीतर भी दें ध्यान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को ध्यान में रखते हुए भारतीयों को मितव्ययिता संबंधी कई कदम उठाने की सलाह दी है। अब केंद्र और राज्य सरकारों को ऐसी रणनीतियां तैयार करनी होंगी जिनकी मदद से कच्चे तेल के बढ़े हुए दामों के कारण उनकी वित्तीय स्थिति पर पड़ने वाले राजकोषीय […]

आज का अखबार, लेख

नए स्वरूप में NITI Aayog और PMEAC भारत की अर्थव्यवस्था की सही तस्वीर समझने में बन सकते हैं मददगार

अभी कुछ वर्ष पहले तक अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त एक सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी को उसके समय-समय पर दिए जाने वाले लाभ संबंधी अनुमान (प्रॉफिट गाइडेंस) के कुशल प्रबंधन के लिए जाना जाता था। सामान्यत: जब कंपनी अपने तिमाही नतीजे घोषित करती, तो आने वाली तिमाहियों के लिए लाभ वृद्धि का अनुमान प्रस्तुत करती। बाद में किए […]

आज का अखबार, लेख

संघर्ष के दौर में भारत के समक्ष चुनौतियां

इसमें दो राय नहीं कि पश्चिम एशिया में छिड़ा संघर्ष भारतीय अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका देगा। इसकी वजह तेल एवं गैस पर भारत की निर्भरता भर नहीं है बल्कि देश की राजकोषीय बाधाएं और भुगतान संतुलन के मोर्चे पर संवेदनशीलता भी इसका कारण है। जैसा कि कई अर्थशास्त्रियों और मीडिया रिपोर्टों ने भी संकेत किया […]

आज का अखबार, लेख

कोविड से सबक: पश्चिम एशिया संकट सुधारों का मौका भी बन सकता है

तमाम विशेषज्ञ और विश्लेषक पश्चिम एशिया की लड़ाई की तुलना कोविड महामारी से कर रहे हैं। सरकार ने भी संसद में कहा है कि इस संघर्ष के कारण उभरे चुनौतीपूर्ण वैश्विक हालात भारत पर गहरा असर डालेंगे। उन्होंने देश को इन हालात से निपटने के लिए तैयार रहने की जरूरत पर भी बल दिया है। […]

आज का अखबार, लेख

आपदा में अवसर: तेल आयात पर निर्भरता घटाने के लिए तुरंत नीति बदलाव जरूरी

तेल संकट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कितना गंभीर है? भारत को मौजूदा हालात से क्या सबक लेना चाहिए, जब कीमतों में बढ़ोतरी और तेल-गैस की किल्लत ने आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है? सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि भारत की पेट्रोलियम कंपनियों तथा सरकार की वित्तीय स्थिति पर तेल संकट […]

आज का अखबार, लेख

सरकार को भर्ती योजनाओं की योजना और क्रियान्वयन क्षमता बढ़ानी होगी

वर्ष 2024 के आम चुनाव और नई दिल्ली में सरकार के गठन के तुरंत बाद, विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और उनके विभागों में रिक्त पदों को भरने और रोजगार प्रदान करने की आवश्यकता पर काफी चर्चा हुई। संभवतः यह सत्तारूढ़ पार्टी के इस आकलन के बाद हुआ कि रोजगार की कमी उसके कमतर चुनावी प्रदर्शन के […]

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