facebookmetapixel
Advertisement
एल्युमीनियम उद्योग पर ‘ईंधन’ की मार: LPG और PNG की किल्लत से 25 फैक्ट्रियां बंद, उत्पादन हुआ आधायूरिया उत्पादन पर संकट: गैस की कमी से आधी क्षमता पर चल रहे संयंत्र, खेती पर पड़ सकता है असरLPG संकट का असर: कैंटीन में बायोगैस अपना रही कंपनियां, कैपजेमिनाई और इन्फोसिस ने शुरू की पहलट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम: होर्मुज जलमार्ग खोलो वरना ईरान के ऊर्जा संयंत्र होंगे ‘नेस्तनाबूद’पश्चिम एशिया संकट के बीच में PM मोदी ने मंत्रियों संग की बैठक, ईंधन और खाद्य सुरक्षा पर हुआ बड़ा मंथनअमेरिका से छूट मिलने के बाद ईरान से फिर कच्चा तेल खरीदेगा भारत, रिफाइनरियों ने कसी कमरवजन घटाना हुआ 90% तक सस्ता: भारत में सेमाग्लूटाइड का पेटेंट खत्म, 15 कंपनियों ने उतारी जेनेरिक दवाएंहथियारों और तेल के भंडार की लड़ाई: ईरान युद्ध कब रुकेगा, किसी को नहीं पताEditorial: HDFC Bank के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के जाने से गवर्नेंस पर उठे सवालविश्व गुरु बनने का हमारा-आपका भ्रम: वाकई भारत अपनी क्षमता से बढ़कर वैश्विक मंच पर प्रदर्शन कर रहा है?

लेखक : ए के भट्टाचार्य

आज का अखबार, लेख

महिलाओं और नकद योजनाओं से बदलते चुनावी समीकरण

महाराष्ट्र और झारखंड के विधान सभा चुनावों के नतीजों का विश्लेषण करने वालों में इस बात को लेकर लगभग एक राय है कि चुनावी राजनीति में स्त्री शक्ति का एक पहलू नजर आया है। अब सवाल मतदाताओं को नकदी अंतरण या कल्याण योजनाओं का वादा करने का नहीं है। इनकी घोषणा करने वाले राजनीतिक दलों […]

आज का अखबार, लेख

पूंजीगत व्यय में कमी का क्या है अर्थ?

केंद्र सरकार के पूंजीगत व्यय में कमी न केवल स्पष्ट है बल्कि इसने पहले ही 11.11 लाख करोड़ रुपये खर्च करने के लक्ष्य की प्राप्ति को लेकर संदेह पैदा कर दिया है। यह लक्ष्य 2024-25 के बजट में उल्लिखित है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अधिकारियों का संकेत है कि वर्ष की पहली छमाही में पूंजीगत […]

आज का अखबार, लेख

Opinion: राजकोषीय प्रदर्शन सुधारने के लिए खर्च में कटौती से इतर उपाय अपनाने की जरूरत

केंद्र सरकार के प्रत्यक्ष कर संग्रह में बीते कुछ वर्षों में काफी इजाफा हुआ है और वित्त मंत्रालय भी इससे उत्साहित है, जो स्वाभाविक भी है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के विश्लेषण के अनुसार 2023-24 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में प्रत्यक्ष करों की हिस्सेदारी 6.64 फीसदी रही, जो 24 सालों का उच्चतम स्तर […]

आज का अखबार, लेख

एमटीएनएल को स्टेट बैंक की चेतावनी का अर्थ

भारतीय स्टेट बैंक ने बकाया कर्ज की वसूली के लिए एमटीएनएल को जो नोटिस दिया है, वह इस दूरसंचार कंपनी के स्वामित्व में बदलाव का अवसर प्रदान करता है। बता रहे हैं ए के भट्‌टाचार्य पिछले सप्ताह महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (MTNL) खबरों में थी। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने […]

आज का अखबार, लेख

तीसरी मोदी सरकार के सौ दिन से निकले संकेत

गत 9 जून को सत्ता में वापसी करने वाली मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के 100 दिन पिछले सप्ताह पूरे हो गए। इस बार 100 दिन के कामकाज का जश्न पिछली मोदी सरकार के 100 दिन के कार्यकाल के जश्न से कितना अलग था? जाहिर है इन आयोजनों में पहले 100 दिन की बड़ी उपलब्धियों […]

आज का अखबार, लेख

बढ़ती पारदर्शिता और राजकोषीय सूझबूझ: बजट में वह अहम जानकारी जिसकी कर दी गई अनदेखी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गत 23 जुलाई को 2024-25 का बजट पेश किया और संसद ने उसे 8 अगस्त को मंजूरी दे दी। इस बजट में वित्त मंत्री ने एक नई और अहम जानकारी दी, जिसकी लगभग अनदेखी ही कर दी गई। यह जानकारी या खुलासा बजट के व्यय दस्तावेज के वक्तव्य क्रमांक 27-ए […]

आज का अखबार, लेख

लैटरल एंट्री और UPS: दो निर्णयों के बहाने मोदी सरकार की शासन शैली में बदलाव की कहानी

नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल के आरंभ में ही देश का फौलादी ढांचा कहलाने वाली अफसरशाही के बारे में दो निर्णय लिए। पहला निर्णय विपक्ष के विरोध के कारण हड़बड़ी में वापस ले लिया गया और दूसरे का खास विरोध ही नहीं हुआ। पहला निर्णय था अफसरशाही में लैटरल एंट्री यानी सीधी भर्ती […]

आज का अखबार, लेख

राजनीतिक और आर्थिक अलगाव सही नहीं, सार्वजनिक क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने के लिए विश्वसनीय नीति की जरूरत

अगर आपको इस बात का सबूत चाहिए कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र से संबंधित नीतियों में सूक्ष्म किंतु महत्त्वपूर्ण बदलाव आया है तो पिछले सप्ताह लोक सभा में पेश किया गया नया संशोधन विधेयक काफी होगा। यह सही है कि सैद्धांतिक तौर पर सरकार अपने उस पुराने निर्णय पर अटल […]

आज का अखबार, भारत

नए कैबिनेट सचिव बनने जा रहे टी वी सोमनाथन ने काबिलियत के दम पर हासिल किया शिखर, कुछ ऐसा रहा सफर

आजाद भारत के अब तक के इतिहास में टी वी सोमनाथन मात्र दूसरे ऐसे वित्त सचिव हैं जो कैबिनेट सचिव बनेंगे। कैबिनेट सचिव यानी अफसरशाही का सबसे वरिष्ठ और सबसे ताकतवर पद। इससे पहले फरवरी 1985 में पी के कौल वित्त सचिव से कैबिनेट सचिव बनने वाले पहले अफसरशाह थे। यानी एक अन्य वित्त सचिव […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, बजट

बजट विद बीएस: द फाइन प्रिंट- राजकोषीय कुशलता के साथ वृद्धि पर जोर

मुंबई में बुधवार को आयोजित ‘बजट विद बीएस: द फाइन प्रिंट’ कार्यक्रम में वित्त सचिव टीवी सोमनाथन ने बिज़नेस स्टैंडर्ड के संपादकीय निदेशक ए के भट्टाचार्य के साथ वि​भिन्न मुद्दों पर चर्चा की। सोमनाथन ने बजट से जुड़े सवालों के जवाब दिए और रोजगार योजना, पूंजीगत लाभ इंडेक्सेशन तथा राजकोषीय रोडमैप पर सरकार के दृ​ष्टिकोण […]

1 3 4 5 6 7 10
Advertisement
Advertisement