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FY28 की शुरुआत में आ सकते हैं पॉलिमर नोट, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया पूरा प्लान₹100 से रियल एस्टेट में निवेश का मौका, Edelweiss ने लॉन्च किया देश का पहला REITs फोक्स्ड फंड; समझें टैक्स नियमRepo Rate नहीं बदली, लेकिन RBI ने दे दिए बड़े इशारे! जानिए 10 बड़ी बातेंMeta ने मानी गलती, सरकार के सामने सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने मांगी माफी; सेफ हार्बर’ पर भी मिला सख्त संदेशFranklin India NFO: कम जोखिम वाले डेट फंड में निवेश का मौका, SIP ₹500 से शुरूRBI MPC Meet: ब्याज दरें, बॉन्ड मार्केट, महंगाई और ग्रोथ पर क्या कहतें हैं म्युचुअल फंड्स?177.9 मिलियन डॉलर के साथ शाहरुख नंबर 1, जानें टॉप 5 रैंकिंग में कौन से सेलिब्रिटी हैं शामिल?PNB दे रहा 6.5% तक ब्याज, FCNR(B) FD पर SBI, HDFC और ICICI का क्या है ऑफर?DLF vs Godrej Properties vs Lotus Developers: किस रियल्टी शेयर में सबसे ज्यादा अपसाइड?एक में मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ, दूसरे में करीब 59% अपसाइड: Marico और Emami में कौन आगे?

लेखक : ए के भट्टाचार्य

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, भारत

बिज़नेस स्टैंडर्ड के साथ इंटरव्यू में बोलीं सीतारमण: GST सुधार से हर उपभोक्ता को लाभ, मांग में आएगा बड़ा उछाल

जीएसटी प्रणाली में बड़े सुधार का ऐलान करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को नॉर्थ ब्लॉक में बिज़नेस स्टैंडर्ड के साथ घंटे भर के अपने साक्षात्कार में कई मसलों पर बात की। असित रंजन मिश्र, विकास धूत, निवेदिता मुखर्जी और एके भट्टाचार्य के साथ उनकी बातचीत के मुख्य अंश: आर्थिक नीति में […]

आज का अखबार, लेख

भविष्य के लिए मुफ्त अनाज वितरण पर पुनर्विचार और PMGKAY में सुधार की आवश्यकता

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने अपने रहवासियों द्वारा नि:शुल्क वितरित खाद्यान्न के इस्तेमाल को लेकर कुछ चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। ये आंकड़े कुछ समय पहले के एक सर्वेक्षण से लिए गए हैं और ये दिखाते हैं कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत दिल्ली के कुल […]

आज का अखबार, लेख

रेवेन्यू के रूप में टैरिफ: आयात शुल्क ढांचे में बदलाव से राज्यों की आमदनी बढ़ी

इन दिनों सभी शुल्कों की बात कर रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत को ‘ट्रैफिक किंग’ की संज्ञा दी है जिससे उनका आशय है कि यह काफी ऊंचे शुल्क लगा रहा है। ट्रंप ने भारत से आने वाली ज्यादातर वस्तुओं पर 50 फीसदी से अधिक शुल्क लगाने की घोषणा कर दी है। […]

आज का अखबार, लेख

एयर इंडिया विमान दुर्घटना: जानकारी लीक पर नहीं, संस्थागत सुधार पर दें जोर

गत 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहे एयर इंडिया विमान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के कारण 260 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इस हादसे का जहां लोगों को बहुत दुख है वहीं इसके बाद हो रही जांच की प्रक्रिया को लेकर भी बहुत अधिक असहजता का माहौल है। हालिया घटनाक्रम का […]

आज का अखबार, लेख

राष्ट्रीयकरण के तीन उदाहरण: SBI, LIC और Air India पर सरकार के रुख से मिले सबक

करीब सात दशक पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में भारत सरकार ने तीन प्रमुख संस्थानों का राष्ट्रीयकरण किया था। उनमें से एक भारतीय स्टेट बैंक इस महीने अपने पुनर्जन्म यानी राष्ट्रीयकरण की 70वीं वर्षगांठ मना रहा है और दूसरे भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के राष्ट्रीयकरण के 70 वर्ष 2026 में पूरे हो जाएंगे। […]

आज का अखबार, लेख

जैसे-जैसे घटीं PSU विनिवेश से आमदनी, वैसे-वैसे बढ़ा सरकार का पूंजीगत खर्च

देश के सार्वजनिक उपक्रमों यानी पीएसयू के साथ नरेंद्र मोदी सरकार के संबंध पिछले 10 साल में काफी बदल गए हैं। इसे लेकर कुछ स्पष्ट तो कुछ अस्पष्ट रुझान हैं। केंद्रीय पीएसयू में सरकारी हिस्सेदारी के विनिवेश से होने वाली प्राप्तियों में बढ़ोतरी और गिरावट ऐसा ही एक स्पष्ट रुझान है। यह वर्ष 2014-15 में […]

आज का अखबार, लेख

राजस्व के अधिक अनुमान के खतरे

क्या 2024-25 के केंद्रीय बजट के लिए हाल ही में जारी किए गए प्रारंभिक वास्तविक आंकड़ों में ‘देजा वू’ की भावना है? देजा वू एक ऐसी स्थिति के लिए इस्तेमाल किया जाता है जिसमें व्यक्ति को लगता है कि वह किसी घटना को पहले भी अनुभव कर चुका है, भले ही वह पहली बार घटित […]

आज का अखबार, लेख

भारतीय कंपनियों के विदेशी निवेश से उठे सवाल

गत वित्त वर्ष में भारत में विशुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की आवक में 96 फीसदी की गिरावट क्यों आई? वर्ष 2024-25 में यह करीब 0.35 अरब डॉलर रहा जो इसके पिछले वर्ष 10.13  अरब डॉलर था। यह केवल एक साल में रिकार्ड गिरावट नहीं थी बल्कि विगत दो दशकों में देश में विशुद्ध एफडीआई […]

आज का अखबार, लेख

सीमा पर संघर्ष की कीमत और राजकोषीय मोर्चा

दो पड़ोसी देशों के बीच सैन्य संघर्ष हमेशा उनकी सरकारों की वित्तीय स्थिति पर नकारात्मक असर डालता है। भारत की बात करें तो हमने ऐसा प्रभाव करीब ढाई दशक पहले महसूस किया था। करीब ढाई महीने तक चली करगिल की जंग ने तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के 1999-2000 के राजकोषीय आकलन को बुरी तरह […]

आज का अखबार, लेख

अफसरशाहों की नई पदस्थापना के संदेश

केंद्र सरकार ने पिछले दिनों सचिव स्तर पर जो बड़ा फेरबदल किया उसे उतनी तवज्जो नहीं मिली जितनी दी जानी चाहिए थी। शुक्रवार को सरकार ने विभिन्न विभागों के प्रमुखों के रूप में 18 नए सचिव नियुक्त किए। आमतौर पर ऐसी नियुक्तियां रूटीन मानी जाती हैं जिन्हें जरूरत के मुताबिक किया जाता है। परंतु गत […]

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