facebookmetapixel
Advertisement
ईरानी तेल खरीद का दावा गलत, रिलायंस ने रिपोर्टों को बताया बेबुनियादरनवे से रियल्टी तक: जेवर एयरपोर्ट ने बदली नोएडा की प्रोपर्टी की कहानी, 2027 तक आ सकती है 28% और तेजी‘हेडलाइन्स’ से कहीं आप भी तो नहीं हो रहे गुमराह? SIP पर जारी रखें ये स्ट्रैटेजीAM/NS India में बड़ा बदलाव: दिलीप ओम्मन होंगे रिटायर, अमित हरलका बनेंगे नए सीईओभारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन का स्टॉक मौजूद: सरकारभारत की तेल जरूरतें क्यों पूरी नहीं कर पा रहा ईरानी क्रूड ऑयल? चीन की ओर मुड़े जहाजलाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दमBharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेत

Donald Trump का बड़ा ऐलान: 2 अप्रैल से सभी देशों पर लागू होंगे बराबरी के शुल्क, किसी को रियायत नहीं

Advertisement

ट्रंप का मानना ​​है कि बराबरी के शुल्क न होने के कारण पिछले कुछ वर्षों के दौरान अमेरिका का व्यापार घाटा काफी अ​धिक रहा है।

Last Updated- March 31, 2025 | 10:47 PM IST
US President Donald Trump
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि 2 अप्रैल से बराबरी के शुल्क बिना किसी अपवाद के सभी देशों पर लागू होंगे। ट्रंप ने यह घोषणा ऐसे समय में की है जब भारत और अमेरिका प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार करार के लिए शुल्क रियायत पर बातचीत कर रहे हैं।

ट्रंप ने रविवार को एयरफोर्स वन में संवाददाताओं से कहा, ‘आप इसकी शुरुआत सभी देशों से और अनिवार्य तौर पर उन तमाम देशों से देखेंगे जिनके बारे में हम बात कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि बराबरी का शुल्क केवल उन 10-15 देशों पर लक्षित नहीं होगा जिनका अमेरिका के साथ व्यापार असंतुलन अधिक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शुल्क व्यापक मगर ‘उदार’ होंगे।

भारत का नाम लिए बिना ट्रंप ने एशिया में व्यापार प्रथाओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘आप एशिया के हर एक देश पर नजर डालिए, उन्होंने व्यापार में अमेरिका के साथ क्या किया है। मैं यह नहीं कहूंगा कि किसी ने हमारे साथ उचित या अच्छा व्यवहार किया है।’

ट्रंप का मानना ​​है कि बराबरी के शुल्क न होने के कारण पिछले कुछ वर्षों के दौरान अमेरिका का व्यापार घाटा काफी अ​धिक रहा है। ट्रंप इस शुल्क को अनुचित वैश्विक प्रतिस्पर्धा से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बचाने और संरक्षणवादी नीतियों के साथ अमेरिका को फिर से महान बनाने का एक साधन मानते हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका शुल्क को कैसे लागू करेगा। अभी तक यह भी खुलासा नहीं किया गया है कि शुल्क की गणना किस प्रकार की जाएगी। ऐसे में अन्य देशों को इससे निपटने के लिए कोई रणनीति तैयार करने में परेशानी हो रही है।

व्यापार विशेषज्ञों और विश्लेषकों का कहना है कि बराबरी का शुल्क पूरे देश के स्तर पर अथवा क्षेत्र एवं उत्पाद विशेष को ल​क्षित करते हुए लगाया जा सकता है। अगर इसे देश के स्तर पर लागू किया गया तो वहां से आयातित सभी उत्पाद इसके दायरे में होंगे। गणना संबंधी जटिलताओं और उसमें लगने वाले समय एवं लागू करने की समय-सीमा को देखते हुए विश्लेषकों का मानना है कि इसे देश के स्तर पर व्यापक तरीके से लागू करना अपेक्षाकृत आसान होगा। हालांकि इसे लागू किए जाने की ति​थि नजदीक आते ही ट्रंप के रुख में भी नरमी दिख रही है। उन्होंने पिछले सप्ताह यह कहते हुए अपने रुख में नरमी का संकेत दिया था कि ये शुल्क संभवतः ‘पारस्परिक के मुकाबले अधिक उदार’ होंगे।

Advertisement
First Published - March 31, 2025 | 10:36 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement