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Life Certificate for Pensioners 2025: पेंशनधारक ध्यान दें! ये लोग नहीं कर सकते डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा

Life certificate for pensioners 2025: नवंबर का महीना हर साल केंद्रीय और राज्य सरकार के पेंशनधारकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस महीने पेंशनधारकों को अपने पेंशन को बिना किसी रुकावट के जारी रखने के लिए जीवन प्रमाण पत्र…

Digital Life certificate

Pensioners' life certificate

Last Updated: नवंबर 4, 2025 | 11:28 AM IST

Life certificate for pensioners 2025: नवंबर का महीना हर साल केंद्रीय और राज्य सरकार के पेंशनधारकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस महीने पेंशनधारकों को अपने पेंशन को बिना किसी रुकावट के जारी रखने के लिए जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) ऑनलाइन या ऑफलाइन जमा करना होता है। सरकार ने पेंशनधारकों के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) की सुविधा शुरू की है, जिसे जीवन प्रमाण (Jeevan Pramaan) भी कहा जाता है। यह एक बायोमेट्रिक आधारित डिजिटल सेवा है, जिसमें आधार का इस्तेमाल करके जीवन प्रमाण पत्र तैयार किया जाता है। इसके बाद यह प्रमाण पत्र पेंशन वितरण एजेंसी (PDA) के लिए उपलब्ध हो जाता है।  

कौन जमा कर सकता है डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificates)?

डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए केवल वही पेंशनधारक पात्र हैं, जो पेंशनधारक अपने पेंशन स्वीकृति प्राधिकरण (PSA) के तहत Jeevan Pramaan सिस्टम में शामिल हैं। 

डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवाने से पहले पेंशनधारक के पास मोबाइल नंबर, पेंशन से जुड़ी जानकारी जैसे PPO नंबर, पेंशन खाता नंबर, बैंक विवरण, पेंशन स्वीकृति प्राधिकरण और पेंशन वितरण एजेंसी का नाम, तथा बायोमेट्रिक विवरण (आंख या उंगली की पहचान) होना आवश्यक है।  

कौन नहीं जमा कर सकते डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र?  

जो पेंशनधारक पुनर्विवाह (Remarriage) कर चुके हैं या फिर पुनर्नियुक्ति (Re-employed) हो चुके हैं, वे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (DLC) जमा नहीं कर सकते। ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी नई स्थिति से पेंशन पाने की पात्रता या पेंशन/महंगाई भत्ता (Dearness Relief) की राशि प्रभावित हो सकती है। सिस्टम इस बात को मानकर बनाया गया है कि पेंशनधारक फिर से नौकरी नहीं करेंगे और पुनर्विवाह नहीं करेंगे। इसलिए ऐसे पेंशनधारकों को जीवन प्रमाण पत्र मैन्युअली जमा करना होगा और यदि जरूरत हो तो अन्य आवश्यक दस्तावेज भी देने होंगे।

डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र Jeevan Pramaan आधार प्लेटफॉर्म के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण द्वारा तैयार होता है। सफल प्रमाणीकरण के बाद यह प्रमाण पत्र लाइफ सर्टिफिकेट रिपॉजिटरी में सुरक्षित रखा जाता है। इसके अलावा, मोबाइल पर SMS के जरिए प्रमाण पत्र ID की जानकारी भी भेजी जाती है। पेंशनधारक किसी भी समय Jeevan Pramaan वेबसाइट से अपने प्रमाण पत्र की PDF कॉपी डाउनलोड कर सकते हैं।  

डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र IT एक्ट के तहत मान्य है और इसे पेंशन प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाता है। हालांकि, यह सुविधा मौजूदा जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के तरीकों के अतिरिक्त है और पेंशनधारकों के लिए अनिवार्य नहीं है। यदि किसी पेंशनधारक का Jeevan Pramaan रिजेक्ट हो जाता है, तो यह आमतौर पर गलत जानकारी देने के कारण होता है। ऐसे में उन्हें अपनी पेंशन वितरण एजेंसी से संपर्क करना चाहिए और सही जानकारी के साथ नया Jeevan Pramaan ID बनवाना चाहिए। 

घर बैठे जमा करें डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र

पेंशनधारक अब घर बैठे ही डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (Jeevan Pramaan) जमा कर सकते हैं। इसके लिए कई विकल्प हैं:

– Jeevan Pramaan Portal
– UMANG ऐप
– Face Authentication ऐप
– वीडियो आधारित पहचान (V-CIP)

सफल प्रमाणीकरण के बाद पेंशनधारक को SMS पर Jeevan Pramaan ID मिलती है। इसके बाद इसे jeevanpramaan.gov.in से डिजिटल प्रमाणपत्र के रूप में डाउनलोड किया जा सकता है।

घर बैठे सुविधा – डोरस्टेप बैंकिंग

जो पेंशनधारक चलने-फिरने में असमर्थ हैं, उनके लिए सरकार ने घर पर ही सेवा का विकल्प उपलब्ध कराया है। इसके अंतर्गत:

– PSB Alliance Doorstep Banking – सभी पब्लिक सेक्टर बैंकों के लिए
– IPPB (India Post Payments Bank)– IPPB और गैर-IPPB दोनों ग्राहकों के लिए

 घर पर बैंक प्रतिनिधि बुलाने का तरीका

1. नजदीकी पोस्ट ऑफिस से संपर्क करें।
2. Post Info मोबाइल ऐप पर रिक्वेस्ट करें।
3. ऑनलाइन पोर्टल: [ccc.cept.gov.in/ServiceRequest/request.aspx](https://ccc.cept.gov.in/ServiceRequest/request.aspx) पर जाकर भी अनुरोध किया जा सकता है।

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