facebookmetapixel
Advertisement
SEBI का मास्टरस्ट्रोक: AIF योजनाओं के लिए फास्ट-ट्रैक व्यवस्था शुरू, अब कम समय में लॉन्च होंगे फंडबाजार का मेगा कमबैक: अप्रैल में ₹51 लाख करोड़ बढ़ा निवेशकों का पैसा, मार्केट कैप में रिकॉर्ड उछालQ4 Results: ACC, अदाणी पोर्ट्स, नालको से लेकर वारी एनर्जीज तक; किस कंपनी ने कितना कमाया?करिश्मा कपूर के बच्चों को दिल्ली हाई कोर्ट से मिली राहत, पिता संजय कपूर की संपत्ति पर लगी रोकभारत और इटली मिलकर बनाएंगे घातक हथियार,रक्षा औद्योगिक ढांचे पर बनी सहमति; सुरक्षा होगी और मजबूतसमुद्र में बढ़ी भारत की ताकत: नौसेना और DRDO ने किया स्वदेशी एंटी-शिप मिसाइल का सफल परीक्षणSC का ऐतिहासिक रुख: दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग पर नहीं थोप सकते अनचाहा गर्भ, कानून में बदलाव के संकेतबाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 583 अंक टूटा, क्रूड ऑयल और ईरान-अमेरिका तनाव ने बढ़ाई निवेशकों की टेंशनHindustan Unilever Q4 Results: मुनाफा 21.4% उछला, निवेशकों को मिलेगा ₹22 का बंपर डिविडेंडकॉग्निजेंट में छंटनी का ‘प्रोजेक्ट लीप’: 15,000 कर्मचारियों की जा सकती है नौकरी, भारत में सबसे ज्यादा असर

RBI की LRS के तहत मई 2025 में कम धन भेजा गया

Advertisement

अंतरराष्ट्रीय यात्रा और विदेश में शिक्षा पर कम धन खर्च करने के कारण एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में मई 2025 में धनप्रेषण 4.4 प्रतिशत घटकर 2.3 अब डॉलर रह गया है।

Last Updated- July 23, 2025 | 11:01 PM IST
Forex Reserves: Foreign exchange reserves are taking a hit amid the fall in the rupee, falling to the lowest level in 11 months रुपये में गिरावट के बीच विदेशी मुद्रा भंडार को लग रही चपत, घटकर 11 महीने के निचले स्तर पर आया

भारतीय रिजर्व बैंक की उदारीकृत धनप्रेषण योजना (एलआरएस) के तहत मई 2025 में कम धन भेजा गया है। अंतरराष्ट्रीय यात्रा और विदेश में शिक्षा पर कम धन खर्च करने के कारण एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में मई 2025 में धनप्रेषण 4.4 प्रतिशत घटकर 2.3 अब डॉलर रह गया है।

 योजना के तहत कुल धनप्रेषण मई 2025 में 2.3 अरब डॉलर रहा, जो मई 2024 के 2.4 अरब डॉलर की तुलना में 4.4 प्रतिशत कम है। एलआरएस  योजना 2004 में पेश की गई थी। इसके तहत हर भारतीय व्यक्ति एक वित्त वर्ष में किसी भी अनुमति प्राप्त चालू या पूंजी खाते से या दोनों से मिलाकर 2,50,000 डॉलर तक भेज सकता है, जिस पर कोई शुल्क नहीं लगता है। शुरुआत में यह सीमा 25,000 डॉलर तय की गई थी, जिसे धीरे धीरे बढ़ाया जाता रहा।

मई में अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर खर्च थोड़ा कम होकर 1.38 अरब डॉलर रह गया, जो एक साल पहले 1.4 अरब डॉलर था। विदेश में पढ़ाई के लिए भेजा गया धन सालाना आधार पर 29 प्रतिशत कम होकर 14.98 करोड़ डॉलर रह गया, जो मई 2024 में 21.099 करोड़ डॉलर था। वहीं अचल संपत्ति खरीदने के लिए धनप्रेषण सालाना आधार पर 92.21 प्रतिशत बढ़कर 4.169 करोड़ डॉलर हो गया है। विदेश में जमा 3.15 प्रतिशत बढ़कर 5.465 करोड़ डॉलर हो गया है।  

इक्विटी/डेट में निवेश के लिए धनप्रेषण सालाना आधार पर 6.15 प्रतिशत बढ़कर 10.49 करोड़ डॉलर हो गया, जो 9.886 करोड़ डॉलर था। इलाज के लिए किया गया खर्च पिछले साल की समान अवधि से 12.27 प्रतिशत घटकर 67.2 लाख डॉलर और निकट संबंधियों के रहने के लिए भेजा गया धन 0.54 प्रतिशत बढ़कर 32.254 करोड़ डॉलर हो गया। उपहार के लिएभेजा गया धन 14.2 प्रतिशत घटकर 23.33 करोड़ डॉलर रह गया है। वित्त वर्ष 2026 में अप्रैल मई के दौरान एलआरएस के तहत भारत से भेजा गया धन 1.87 प्रतिशत कम होकर 4.71 अरब डॉलर रह गया, जो एक साल पहले 4.79 अरब डॉलर था।

Advertisement
First Published - July 23, 2025 | 10:39 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement