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फेस्टिवल होम-लोन ऑफर: लंबी अवधि की बचत पर दें ध्यान, टीजर रेट से बचें

नवरात्रि को संपत्ति खरीदने के लिए शुभ समय माना जाता है। इसकी शुरुआत के साथ ही बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFCs) ने होम लोन पर विशेष फेस्टिवल ऑफर लॉन्च किए हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि उधारकर्ताओं को आकर्षक…

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Last Updated: सितंबर 26, 2025 | 6:15 PM IST

नवरात्रि को संपत्ति खरीदने के लिए शुभ समय माना जाता है। इसकी शुरुआत के साथ ही बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFCs) ने होम लोन पर विशेष फेस्टिवल ऑफर लॉन्च किए हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि उधारकर्ताओं को आकर्षक ऑफर देखने के बजाय इन्हें गहराई से परखकर ही फैसला करना चाहिए।

क्या ऑफर हैं

बैंकों और HFCs ने ब्याज दरों में कमी, प्रोसेसिंग शुल्क में छूट या माफी, लंबी रीपेमेंट अवधि और आसान टॉप-अप लोन जैसे ऑफर पेश किए हैं। कुछ ऋणदाता लीगल और वैल्यूएशन चार्ज भी घटा रहे हैं। नए ग्राहकों को मुख्य रूप से टारगेट किया गया है, लेकिन बैलेंस ट्रांसफर के जरिए मौजूदा ग्राहक भी लाभ उठा सकते हैं।

किन बातों को प्राथमिकता दें

  • लंबी अवधि की बचत:ब्याज दर में कमी और प्रोसेसिंग शुल्क की माफी जैसे लाभ चुनें। ब्याज में कटौती एक बार की छूट से ज्यादा मायने रखती है।
  • रीफाइनेंसिंग:मौजूदा उधारकर्ता ब्याज दर में बड़ी गिरावट (करीब 50 बेसिस पॉइंट) पर ही रीफाइनेंस करें। 10-20 बेसिस पॉइंट की कमी फायदेमंद नहीं होती।
  • टीजर ऑफर से बचें:केवल शुरुआती एक-दो साल के लिए कम दर वाले ऑफर भविष्य में महंगे पड़ सकते हैं।
  • कैशबैकगिफ्ट वाउचरफ्री कार्ड:इनका असर न्यूनतम होता है।
  • प्रीपेमेंट/फोरक्लोजर फीस:ऐसे ऑफर से बचें जिनमें ये शुल्क शामिल हों।

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अन्य जरूरी पहलू

  • पूरी लागत की तुलना करें:प्रोसेसिंग, लीगल और डॉक्यूमेंटेशन चार्ज मिलकर कुल लागत बढ़ा सकते हैं।
  • लोन-टू-वैल्यू रेशियो (LTV):60-65% LTV पर ब्याज दरें 80% LTV से कम हो सकती हैं।
  • टेन्योर:छोटी अवधि में ब्याज घटता है लेकिन EMI बढ़ती है।
  • बंडल्ड इंश्योरेंस:बैंक इसे अनिवार्य नहीं बना सकते। बेहतर है कि लोन राशि को कवर करने वाला अलग टर्म इंश्योरेंस लिया जाए।

ध्यान रखने वाली बातें

सबसे अच्छे ऑफर उन्हीं को मिलते हैं जिनकी क्रेडिट स्कोर मजबूत हो। ऋणदाता प्रॉपर्टी का प्रकार, लोकेशन, आय की स्थिरता और EMI-टू-इनकम रेशियो जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देते हैं। कुछ ऑफर केवल चुनिंदा कंपनियों या सरकारी विभागों के कर्मचारियों के लिए होते हैं और समयसीमा के भीतर डिस्बर्स न होने पर लाभ खत्म हो सकता है।

सावधानियां

  • कई ऑफर्स की तुलना करें और वही चुनें जो आपके बजट व जरूरतों के अनुकूल हो।
  • जरूरत से अधिक कर्ज न लें। अपनी रीपेमेंट क्षमता और डेब्ट-टू-इनकम रेशियो का आकलन करें।
  • केवल भरोसेमंद बैंकों और HFCs से ही लोन लें। फर्जी ऑफर से सतर्क रहें।

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