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ऋण बाजार में ULI का धमाका: महज 2 साल में जुड़े 89 बड़े ऋणदाता, डिजिटल लोन प्रक्रिया में आई भारी तेजी

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भारतीय रिजर्व बैंक इनोवेशन हब के एक वरिष्ठ कार्यकारी के अनुसार, यह सिस्टम 12 से अधिक क्षेत्रों में ऋण देने में मदद कर रहा है

Last Updated- February 12, 2026 | 4:55 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

ऋण पारिस्थितिकी तंत्र में डिजिटल प्लेटफॉर्म और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस की तर्ज पर काम करने वाले यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (यूएलआई) ने लॉ​न्चिंग के केवल दो वर्षों के भीतर ही अपना ऋणदाता आधार बढ़ाकर 89 तक कर लिया है। भारतीय रिजर्व बैंक इनोवेशन हब के एक वरिष्ठ कार्यकारी के अनुसार, यह सिस्टम 12 से अधिक क्षेत्रों में ऋण देने में मदद कर रहा है।

इस प्लेटफॉर्म पर 89 ऋणदाताओं में से 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक हैं। इसके अलावा 16 निजी क्षेत्र के बैंक, 23 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) और 35 इकाइयां नैशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर ऐंड रूरल डेवलपमेंट से जुड़ी हैं। यह किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) या कृषि, डेरी, माइक्रो व्यवसाय, गोल्ड लोन, ईमुद्रा, पर्सनल लोन, पेंशन लोन, वाहन लोन, हाउसिंग लोन और माइक्रो, स्मॉल ऐंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) आदि के लिए ऋण मुहैया कराता है। आरबीआईएच के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) साहिल किनी ने कहा, ‘भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विनियमित प्रत्येक इकाई यूएलआई में शामिल हो सकती है। इसमें कई ऐसे ऋण उत्पाद हैं, जिन्हें समर्थन दिया जाता है।’

आरबीआई के अनुसार, यूएलआई के मानकीकृत और प्रोटोकॉल वाले तंत्र में ओपन एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस के माध्यम से वित्तीय और डेटा सेवा प्रदाता फर्म साथ कम कर सकती हैं। भारत फिनटेक समिट 2026 को संबो​धित करते हुए किनी ने कहा कि प्लेटफॉर्म पर 53 डेटा-सेवा प्रदाता 141 प्रकार की डेटा सेवाएं देते हैं। उन्होंने कहा, ‘छोटे एनबीएफसी, सहकारी बैंक, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक और शहरी सहकारी बैंक जैसी संस्थाओं को इस तरह की प्रणाली विकसित करने में मु​श्किल होती है। जिस बात को लेकर मैं सबसे ज्यादा उत्साहित हूं, वह यह है कि ये छोटी इकाइयां अपने डिजिटल यात्रा में इस एक ही प्रणाली का इस्तेमाल कर सकती हैं।

यूएलआई की डिजिटल सेवाएं कई ऋणदाताओं को तकनीकी ढांचे तक पहुंच सुनि​श्चित करेंगी। उन्होंने कहा, ‘ऋणदाताओं के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण यह है कि हमें कई तरह के डेटा को संभालना आसान होगा। डेटा प्रकारों में भूमि रिकॉर्ड और वस्तुओं और सेवा करों से संबं​धित विवरण शामिल हैं। 

वर्ष 2024 में यूएलआई ने लगभग 27,000 करोड़ रुपये के 600,000 से अधिक ऋणों के वितरण की सुविधा प्रदान की थी। आंकड़ों से पता चलता है कि इनमें से 14,500 करोड़ रुपये के लगभग 160,000 ऋण माइक्रो, एमएसएमई के लिए थे।

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First Published - February 12, 2026 | 4:55 AM IST

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