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अप्रैल में IPO लाकर स्टॉक मार्केट में दस्तक देगी PhonePe, ₹681 लाख करोड़ के बाजार पर कंपनी की नजर

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मार्च 2025 तक PhonePe के 29 करोड़ से ज्यादा एक्टिव कस्टमर्स थे, जो भारत के स्मार्टफोन यूजर्स का लगभग 41-42 फीसदी है

Last Updated- February 08, 2026 | 3:19 PM IST
PhonePe
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

PhonePe जल्द ही बाजार में धमाल मचाने वाली है। वॉलमार्ट के नेतृत्व वाली यह कंपनी अप्रैल में अपना IPO लॉन्च करने की तैयारी में जुटी है। कंपनी डिजिटल पेमेंट्स में अपनी मजबूत पकड़ को और गहरा करना चाहती है। साथ ही कंपनी का प्लान फाइनेंशियल सर्विसेज और नए कंज्यूमर प्लेटफॉर्म्स में भी पैर पसारने का है।

डिजिटल पेमेंट्स रहेगा मुख्य इंजन

PhonePe के ड्राफ्ट पेपर्स में साफ कहा गया है कि डिजिटल पेमेंट्स कंपनी की ग्रोथ का सबसे बड़ा ड्राइवर बने रहेंगे। कंपनी यूजर्स की संख्या बढ़ाने, मार्केट को और विस्तार देने और प्लेटफॉर्म को बड़ा बनाने में भारी निवेश कर रही है। भारत में वित्त वर्ष 25 में डिजिटल कंज्यूमर पेमेंट्स का कुल एड्रेसेबल मार्केट 301 लाख करोड़ रुपये का था। अनुमान है कि 2030 तक यह 602 से 681 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।

कंपनी स्मार्टफोन और फीचर फोन दोनों पर अपनी पहुंच बढ़ाना चाहती है। वित्त वर्ष 25 में भारत में करीब 69-70 करोड़ स्मार्टफोन यूजर्स थे, जो 2030 तक 96 से 108 करोड़ हो सकते हैं। फीचर फोन यूजर्स की संख्या 20-30 करोड़ के आसपास बताई जा रही है। PhonePe ने जून 2025 में Gupshup की GSPay टेक्नोलॉजी खरीदी थी, जिससे फीचर फोन पर भी UPI पेमेंट्स आसान हो गए हैं। आगे चलकर कंपनी UPI पर क्रेडिट, ट्रांसपोर्ट में पेमेंट्स और स्मार्ट डिवाइसेस (जैसे घर और गाड़ियों में) से पेमेंट्स जैसी नई सुविधाएं लाने की सोच रही है।

Also Read: PhonePe IPO: वॉलमार्ट, टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट बेचेंगे ₹10,000 करोड़ से ज्यादा की हिस्सेदारी

यूजर्स और मर्चेंट्स में भारी स्कोप

मार्च 2025 तक PhonePe के 29 करोड़ से ज्यादा एक्टिव कस्टमर्स थे, जो भारत के स्मार्टफोन यूजर्स का लगभग 41-42 फीसदी है। यानी ग्रोथ के लिए अभी बहुत जगह बाकी है। मर्चेंट साइड पर भी डिजिटल पेमेंट्स की पहुंच बढ़ाने की कोशिश जारी है। वित्त वर्ष 25 में भारत में मर्चेंट डिजिटल पेमेंट्स की पेनेट्रेशन सिर्फ 45 फीसदी थी, जबकि चीन में यह 93 फीसदी है। मर्चेंट पेमेंट्स का वॉल्यूम वित्त वर्ष 25 में 112 लाख करोड़ रुपये रहा और वित्त वर्ष 30 तक 20-22 फीसदी CAGR से बढ़ने की उम्मीद है। सरकार की PIDF स्कीम जैसी पहलें भी इसमें मदद कर रही हैं।

भारत में 5.6-5.8 करोड़ छोटे-माइक्रो मर्चेंट्स, 30-40 हजार मिड-मार्केट बिजनेस और 20 हजार से ज्यादा बड़े एंटरप्राइजेज हैं। लेकिन PhonePe पर मंथली ट्रांजैक्ट करने वाले मर्चेंट्स सिर्फ 1.11 करोड़ हैं, और डेली 67.5 लाख। यानी यहां भी काफी स्कोप है।

फाइनेंशियल सर्विसेज और नए प्लेटफॉर्म्स पर फोकस

PhonePe अब लेंडिंग और इंश्योरेंस जैसी फाइनेंशियल सर्विसेज को तेजी से बढ़ा रही है। इसके अलावा कंपनी नए प्लेटफॉर्म्स में निवेश कर रही है, जिसमें Share.Market (डिजिटल इन्वेस्टिंग और वेल्थ मैनेजमेंट) और अपना मोबाइल ऐप स्टोर Indus Appstore शामिल हैं।

वित्त वर्ष 25 में कंपनी की कमाई अच्छी रही। रेवेन्यू 40 फीसदी बढ़कर 7,115 करोड़ रुपये हो गया। एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स तीन गुना से ज्यादा बढ़कर 630 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी लगातार यूजर्स और मर्चेंट्स को जोड़कर, नए तरीकों से कमाई बढ़ाने की राह पर है। पिछले जनवरी में SEBI से मंजूरी मिलने के बाद सितंबर में कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग की गई थी।

यह IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल होगा, जिसमें वॉलमार्ट, माइक्रोसॉफ्ट और टाइगर ग्लोबर कुल 5.06 करोड़ शेयर्स बेचेंगे। कोई फ्रेश इश्यू नहीं है।

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First Published - February 8, 2026 | 3:14 PM IST

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