केंद्रीय बजट 2026-27 में पेश किए गए प्रस्ताव के अनुसार, घरेलू डेटा सेंटर कंपनियों को बड़ा फायदा मिलने की संभावना है। सरकार ने 2047 तक विदेशी कंपनियों के लिए 20 साल का कर अवकाश देने की घोषणा की है, जो भारत में डेटा सेंटर सेवाओं का उपयोग करेंगी। इससे भारतीय डेटा सेंटर कंपनियों को वैश्विक ग्राहकों को सेवाएं देने में कर संबंधी चिंताओं से राहत मिलेगी।
इस प्रस्ताव के अनुसार, चाहे कोई विदेशी कंपनी भारत में अपना डेटा सेंटर स्थापित करे या भारतीय डेटा सेंटर से सेवाएं खरीदे, कर का नियम समान रहेगा। इससे उद्योग में समान प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित होगी। वर्तमान में भारत में कॉर्पोरेट टैक्स की दर लगभग 25.17 प्रतिशत है।
देश में प्रमुख डेटा सेंटर कंपनियों में Nxtra Data (एयरटेल की सहायक कंपनी), CtrlS Datacenters, Yotta Infrastructure और AdaniConneX शामिल हैं। घरेलू डेटा सेंटर कंपनियों पर विदेशी कंपनियों को दी गई सेवाओं और भारतीय ग्राहकों को क्लाउड सेवाओं की पुनर्विक्रय पर कर लगाया जाएगा।
यदि डेटा सेंटर किसी विदेशी कंपनी की सहायक कंपनी है, तो 15 प्रतिशत का सेफ हार्बर मार्जिन लागू होगा और उसी अनुसार कर लगाया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि कर का वास्तविक प्रभाव लगभग समान रहेगा, चाहे डेटा सेंटर विदेशी कंपनी की सहायक हो या घरेलू रूप से स्थापित।
बजट प्रस्ताव में यह भी स्पष्ट किया गया है कि विदेशी कंपनियों द्वारा भारत में डेटा सेंटर सेवाओं का उपयोग कर वैश्विक स्तर पर क्लाउड सेवाएं प्रदान करने पर कर अवकाश मिलेगा। वहीं, भारतीय उपयोगकर्ताओं को सेवाओं की बिक्री भारतीय रिसेलर के माध्यम से होगी और उस पर उचित कर लगाया जाएगा।
सेफ हार्बर प्रावधान के तहत, यदि भारतीय डेटा सेंटर की संचालन लाभ दर 15 प्रतिशत है, तो कर अधिकारी इसे बिना विस्तृत जांच के स्वीकार करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम डेटा सेंटर सेक्टर में निवेश बढ़ाने और भारत को वैश्विक क्लाउड सेवा हब बनाने में मदद करेगा।