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इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश में बड़ा कदम, केंद्र ला सकता है पहला मल्टी-सेक्टर ट्रस्ट

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सरकार एनएमपी 2.0 के तहत विभिन्न बुनियादी ढांचा क्षेत्रों की परिसंपत्तियों को शामिल करते हुए पहला मल्टी-सेक्टर इनविट लाने की संभावनाएं तलाश रही है।

Last Updated- February 12, 2026 | 8:38 AM IST
India's first cross-sector investment trust in works to monetise assets
Representative Image

राजमार्ग मुद्रीकरण की सफलता से उत्साहित सरकार देश में विविध क्षेत्रों (मल्टी-सेक्टर) का पहला इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनविट) बनाने की संभावना तलाश रही है, जिसमें सभी बुनियादी ढांचा क्षेत्रों की परिसंपत्तियां शामिल होंगी। मामले से अवगत सूत्रों ने इसकी जानकारी दी।

यह योजना, नीति आयोग के नेतृत्व में राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (एनएमपी 2.0) के दूसरे संस्करण पर विचार-विमर्श का हिस्सा है। पहले एनएमपी के दौरान क्षेत्र या मंत्रालय विशेष के लिए इनविट लाने की रणनीति बनाई थी मगर यह उससे अलग होगा। विविध क्षेत्रों का ट्रस्ट बनाने के मुद्दे पर परिसंपत्ति मुद्रीकरण पर कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन की अध्यक्षता में सचिवों के मुख्य समूह की बैठक में चर्चा की गई थी। इससे सरकार को राजमार्गों के अलावा अन्य परिसंपत्तियों से भी पूंजी वापस लाने में मदद मिल सकती है। अधिकारियों ने इस बैठक की पुष्टि की।

यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब नीति आयोग एनएमपी 2.0 में राज्य सरकारों को साथ लाने की कोशिश कर रहा है और कई मंत्रालयों तथा राज्य सरकारों को इसके जरिये अपनी संपत्तियों का मुद्रीकरण करने के लिए खुद के ट्रस्ट बनाने होंगे।

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि सरकार का तर्क है कि नए इनविट बनाने के पीछे सार्वजनिक उद्देश्य होना चाहिए। यही कारण है कि सामान्य उद्देश्य वाला इनविट आगे बढ़ने का रास्ता होना चाहिए जिसमें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अलावा राज्य और केंद्र सरकार के दूसरे विभाग भी शामिल हो सकें।

इस बारे में जानकारी के लिए नीति आयोग को 9 फरवरी को ईमेल किया गया मगर अभी तक जवाब नहीं आया।

वर्तमान में सार्वजनिक क्षेत्र के केवल तीन इनविट हैं – राष्ट्रीय राजमार्ग इन्फ्रा ट्रस्ट और राजमार्ग इन्फ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट और पावरग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा प्रायोजित पावरग्रिड इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट।

विशेषज्ञों के अनुसार भारत में 25 से अधिक पंजीकृत इनविट हैं मगर ऐसा कोई भी नहीं है जिसमें बिजली और ऊर्जा, सड़क, बंदरगाह और जहाजरानी आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों की संपत्तियां शामिल हों।

घटनाक्रम के जानकार एक शख्स ने कहा कि प्रस्तावित इनविट उन राज्य सरकारों का भी ध्यान रखेगा जो अपना खुद का ट्रस्ट बनाना चाह रही हैं और उन्हें निगमन की एक लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा और एंकर निवेशकों को साथ लाना होगा।

डेलॉयट में पार्टनर कुशल कुमार सिंह ने कहा, ‘विविध क्षेत्रों वाले इनविट में जोखिम कम होगा क्योंकि यह कई क्षेत्रों में फैला होगा इसलिए कोष की कम लागत का लाभ मिल सकता है। इसके अलावा अधिग्रहण के लिए काफी संपत्तियां उपलब्ध होंगी।’

सिंह ने कहा कि विविध क्षेत्रों वा इनविट ऐसे समय में लाने पर विचार किया जा रहा है जब ऐसे इनविट को संचालित करने के लिए आवश्यक विशेषज्ञता और परिचालन/वित्तीय दक्षता का उपयोग करने के तरीकों के बारे में विस्तार से योजना बनाने की दरकार है।’

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First Published - February 12, 2026 | 8:38 AM IST

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