facebookmetapixel
Advertisement
कच्चे तेल की महंगाई से पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, बंगाल चुनाव बाद चौथी बार बढ़े तेल के दामMSMEs के लिए कारोबारी जरूरतों के मुताबिक बने कर्ज मॉडल: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमणरिकॉर्ड बिक्री और मजबूत मांग से आयशर मोटर्स के नतीजे अनुमान से बेहतरलिस्टेड रीट्स ने चौथी तिमाही में 2,566 करोड़ रुपये से ज्यादा बांटेAI की चुनौती से दबाव में आईटी शेयर, गिरावट के बाद भी सुधार की राह लंबीपश्चिम एशिया संकट की चौतरफा मार: भारतीय कंपनियों की बढ़ी लागत, महंगे होंगे ऑटो, फार्मा और राशनकमोडिटी बाजार पर फिर बढ़ेगा सेबी का फोकस, अहम विभाग फिर से शुरू करने की योजनानेपाल बॉर्डर से बुंदेलखंड तक बनेगा मेगा कॉरिडोर, UP में कनेक्टिविटी सुधारने को CM योगी का बड़ा प्लाननीट पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा: NTA ने अतीत से नहीं सीखा सबक, केंद्र और CBI से मांगा जवाबभारत और कनाडा के बीच ऊर्जा के लिए अपार संभावनाएं, व्यापार वार्ता भी तेज 

क्या सोना-चांदी में फिर से जोरदार तेजी आएगी? Emkay Wealth की रिपोर्ट ने बढ़ाई हलचल

Advertisement

ब्याज दर कटौती की उम्मीद, केंद्रीय बैंकों की खरीद और बढ़ती औद्योगिक मांग से सोना-चांदी को मजबूती; निवेशकों को संतुलित निवेश की सलाह

Last Updated- February 12, 2026 | 9:40 AM IST
Gold and Silver Price today

Gold and Silver Price Outlook: दुनिया भर में बढ़ती अनिश्चितता के बीच सोना और चांदी फिर से चर्चा में हैं। Emkay Wealth Management की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इन कीमती धातुओं में चल रही तेजी कोई छोटी या अस्थायी उछाल नहीं है। रिपोर्ट कहती है कि यह कई सालों तक चलने वाली मजबूत तेजी की शुरुआत हो सकती है।

यह तेजी सट्टेबाजी नहीं, सोच में बदलाव का नतीजा है

Emkay Wealth के हेड ऑफ रिसर्च डॉ. जोसेफ थॉमस का कहना है कि इस बार सोना और चांदी की रैली केवल ट्रेडिंग या अफवाहों पर आधारित नहीं है। दुनिया भर के बड़े निवेशक अब अपने पोर्टफोलियो में स्थायी रूप से सोना और चांदी को जगह दे रहे हैं। पहले इन्हें सिर्फ मुश्किल समय में सुरक्षा के लिए खरीदा जाता था, लेकिन अब इन्हें लंबे समय के निवेश के रूप में देखा जा रहा है।

केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं। ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ रही है। इन सब वजहों से सोना और चांदी को मजबूत सहारा मिल रहा है।

ब्याज दर और डॉलर का असर

अगर अमेरिका में ब्याज दरें घटती हैं तो सोने को फायदा होता है। साथ ही अगर डॉलर कमजोर होता है तो भी कीमती धातुओं की कीमतों को समर्थन मिलता है। 2022 से कई देशों के केंद्रीय बैंकों ने बड़ी मात्रा में सोना खरीदा है। इससे कीमतों को नीचे जाने से बचाव मिला है और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

भारतीय निवेशकों को मिला अतिरिक्त फायदा

भारत में सोने से रिटर्न और बेहतर रहा है। इसकी वजह यह है कि अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ने के साथ रुपया भी कमजोर हुआ है। जब रुपया कमजोर होता है तो भारतीय निवेशकों को ज्यादा लाभ मिलता है। हालांकि अगर आगे चलकर रुपया मजबूत होता है तो यह फायदा थोड़ा कम हो सकता है।

चांदी को उद्योगों से मिल रहा बड़ा सहारा

इस बार चांदी की तेजी सिर्फ निवेश की वजह से नहीं है। सोलर पैनल, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे सेक्टरों में चांदी की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसका मतलब यह है कि चांदी का इस्तेमाल भविष्य की टेक्नोलॉजी में बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि इस बार चांदी की तेजी को ज्यादा मजबूत और टिकाऊ माना जा रहा है।

Gold and Silver Price Outlook: आगे क्या हो सकता है

रिपोर्ट के अनुसार अगर वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती बनी रहती है और केंद्रीय बैंक नरम नीति अपनाते हैं तो सोना और चांदी को आगे भी समर्थन मिलता रहेगा। लेकिन अगर अमेरिकी अर्थव्यवस्था उम्मीद से ज्यादा मजबूत रहती है या डॉलर बहुत ज्यादा मजबूत होता है तो कुछ समय के लिए तेजी धीमी पड़ सकती है।

Gold and Silver Price Outlook: निवेशकों के लिए क्या है सलाह

Emkay Wealth की सलाह है कि निवेशक संतुलन बनाए रखें। नए निवेशक अपने कुल पोर्टफोलियो का लगभग 5 से 10 प्रतिशत हिस्सा सोना और चांदी में रख सकते हैं। निवेश एक बार में करने के बजाय धीरे धीरे करना बेहतर रहेगा, खासकर जब बाजार में गिरावट आए।

जिन निवेशकों के पोर्टफोलियो में सोना और चांदी की हिस्सेदारी 25 से 30 प्रतिशत से ज्यादा है, उन्हें सलाहकार से बात कर अपनी रणनीति की समीक्षा करनी चाहिए और जरूरत हो तो कुछ मुनाफा बुक करना चाहिए।

Advertisement
First Published - February 12, 2026 | 9:40 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement