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तीन महीनों की बिकवाली के बाद FPI की दमदार वापसी, फरवरी में बरसे ₹19,675 करोड़

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FPI: तीन महीनों की भारी निकासी के बाद फरवरी में एफपीआई ने भारतीय बाजार में जोरदार वापसी करते हुए 19,675 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे विदेशी भरोसा फिर मजबूत होता दिखा।

Last Updated- February 15, 2026 | 2:45 PM IST
FPI
Representative Image

FPI Data: लगातार तीन महीनों की भारी बिकवाली के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी एफपीआई ने फरवरी की शुरुआत में भारतीय शेयर बाजार में जोरदार वापसी की है। फरवरी के पहले पंद्रह दिनों में एफपीआई ने भारतीय इक्विटी में 19,675 करोड़ रुपये का निवेश किया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड समझौते, वैश्विक आर्थिक संकेतकों में सुधार और घरेलू स्तर पर स्थिर माहौल ने इस निवेश को गति दी है।

तीन महीनों तक रही बिकवाली

इससे पहले विदेशी निवेशकों ने नवंबर, दिसंबर और जनवरी में लगातार शेयर बाजार से धन निकाला था। जनवरी में 35,962 करोड़ रुपये, दिसंबर में 22,611 करोड़ रुपये और नवंबर में 3,765 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली दर्ज की गई थी। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में अब तक एफपीआई कुल मिलाकर 1.66 लाख करोड़ रुपये यानी लगभग 18.9 अरब डॉलर की निकासी कर चुके हैं। यह हाल के वर्षों में विदेशी निवेश के लिहाज से कमजोर दौर माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस बिकवाली के पीछे रुपये में उतार चढ़ाव, वैश्विक व्यापार तनाव, अमेरिका की संभावित टैरिफ नीतियों को लेकर चिंता और भारतीय शेयरों का ऊंचा मूल्यांकन प्रमुख कारण रहे।

फरवरी में बदला रुख

हालांकि फरवरी में माहौल बदला हुआ नजर आ रहा है। 13 फरवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने 19,675 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रिंसिपल मैनेजर रिसर्च हिमांशु श्रीवास्तव के अनुसार, अमेरिका में मुद्रास्फीति के आंकड़ों में नरमी आने से ब्याज दरों को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं। इससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर में स्थिरता आई है, जिससे उभरते बाजारों में निवेश की धारणा मजबूत हुई है। भारत भी इसका लाभार्थी बना है।

उन्होंने कहा कि देश के भीतर स्थिर महंगाई दर, मजबूत आर्थिक संकेतक और कंपनियों के अनुमान के अनुरूप नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

एंजेल वन के सीनियर फंडामेंटल एनालिस्ट वकारजावेद खान का मानना है कि भारत अमेरिका ट्रेड डील, वित्तीय प्रोत्साहन वाले केंद्रीय बजट 2026 और वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं में कमी ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया है। घरेलू ब्याज दरों में स्थिरता भी बाजार के पक्ष में रही है।

आईटी शेयरों में दबाव

फरवरी में अब तक 11 ट्रेडिंग सत्रों में से 7 दिनों में एफपीआई शुद्ध खरीदार रहे, जबकि 4 दिनों में उन्होंने बिकवाली की। इसके बावजूद आंकड़े बताते हैं कि इस महीने अब तक कुल मिलाकर 1,374 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली दर्ज हुई है।

इस असंतुलन की बड़ी वजह 13 फरवरी को हुई भारी बिकवाली रही, जब विदेशी निवेशकों ने एक ही दिन में 7,395 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। उसी दिन निफ्टी में 336 अंकों की गिरावट दर्ज की गई थी। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के अनुसार, उस सप्ताह आईटी शेयरों में तेज गिरावट देखी गई। तथाकथित एंथ्रोपिक शॉक के कारण आईटी इंडेक्स में 8.2 प्रतिशत की गिरावट आई। माना जा रहा है कि विदेशी निवेशकों ने कैश मार्केट में आईटी शेयरों की आक्रामक बिक्री की।

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First Published - February 15, 2026 | 2:45 PM IST

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