facebookmetapixel
Advertisement
वैलेंटाइन डे से पहले ई-कॉमर्स बिक्री 60% तक बढ़ी, फूल-चॉकलेट की मांग में उछालबीएनपी की जीत के बाद भारत-बांग्लादेश रिश्तों में सुधार की उम्मीद, मोदी ने तारिक रहमान से की बाततीखी बहसों के साथ बजट सत्र का पहला भाग पूराभारत में एआई इम्पैक्ट समिट, छह प्रधानमंत्री और सात राष्ट्रपति करेंगे मंथन; 45 देशों की भागीदारीसाउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ तक, नए भवन में पहुंचा प्रधानमंत्री कार्यालयसियासी हलचल: मणिपुर के नए मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह के सामने अनेक चुनौतियांसहकारिता और बैंकिंग रिजर्व बैंक की चुनौतियांEditorial: भारत साइबर तैयारी में आगे, लेकिन खतरे भी तेजी से बढ़ रहेईटीएफ के कीमत दायरे की समीक्षा का सेबी का प्रस्तावमजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद मुथूट फाइनैंस 12% टूटा, आय की टिकाऊपन पर सवाल

पीएफआरडीए ने एनपीएस में इक्विटी निवेश बढ़ाने के दिए संकेत

Advertisement

नियामक ने अपनी सरकारी कंपोजिट एनपीएस योजना में शेयर निवेश को 15% से बढ़ाकर 19% कर दिया है और उम्मीद है कि इस आवंटन को और बढ़ाकर 25% किया जाएगा।

Last Updated- February 13, 2026 | 9:56 PM IST
national pension scheme

पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में शेयर बाजार में अधिक निवेश बढ़ाने और निवेश के लिए परिसंपत्ति वर्गों के क्रमिक विस्तार पर जोर दे रहा है। शुक्रवार को एक मीडिया राउंडटेबल में शिरकत करते हुए पीएफआरडीए के अध्यक्ष शिवसुब्रमण्यन रामन ने कहा कि घटते ब्याज दरों के माहौल में लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है।

नियामक ने अपनी सरकारी कंपोजिट एनपीएस योजना में शेयर निवेश को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 19 प्रतिशत कर दिया है और उम्मीद है कि इस आवंटन को और बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया जाएगा। यह कदम नियामक के सरकारी कंपोजिट योजना के लिए 25 प्रतिशत तक इक्विटी जोखिम की अनुमति देने के निर्णय के बाद उठाया गया है। पीएफआरडीए के अध्यक्ष ने कहा कि पेंशन फंड संभवतः सरकारी कर्मचारियों की मांग के अनुरूप नए 25 प्रतिशत की सीमा की ओर धीरे-धीरे बढ़ेंगे, जिन्होंने अधिक इक्विटी आवंटन की मांग की है।

जैसे-जैसे शेयर बाजार में निवेश बढ़ा है, वैसे ही कॉरपोरेट बॉन्ड में निवेश थोड़ा कम हुआ है जबकि सरकारी प्रतिभूतियों (जीएसईसी) में निवेश का अनुपात लगभग पहले जैसा ही बना हुआ है। यह बदलाव इसलिए किया गया है क्योंकि उम्मीद है कि लंबे समय में सरकारी बॉन्ड की ब्याज दरें कम हो सकती हैं। ऐसे में बेहतर रिटर्न बनाए रखने के लिए नियामक नए निवेश विकल्पों पर विचार कर रहा है।

रामन ने कहा, ‘अगर आप पिछले साल की तुलना में देखें तो सरकारी बॉन्ड में जितना पैसा पहले लगता था यह अब भी लगभग समान है। शेयर बाजार में थोड़ा ज्यादा पैसा लगाया गया है और कॉरपोरेट बॉन्ड में थोड़ा कम निवेश हुआ है। हमने सबसे बड़ी योजना जो सरकारी कंपोजिट योजना है, उसमें इक्विटी निवेश की सीमा 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दी है। ऐसे में यह स्वाभाविक है कि आज शेयर बाजार का निवेश बढ़कर लगभग 19 प्रतिशत हो गया है। इसी कारण कॉरपोरेट बॉन्ड में थोड़ा कम पैसा लगाया जा रहा है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘संभव है कि पेंशन फंड इस योजना में शेयर निवेश को 25 प्रतिशत तक ले जाना चाहें। सरकारी कर्मचारियों की भी यही मांग है क्योंकि उनका मानना है कि उनके निवेश में शेयर का हिस्सा अभी कम है।’इसके अलावा, पीएफआरडीए, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली में एक नए परिसंपत्ति वर्ग के रूप में वैकल्पिक निवेश फंड (एआईएफ) में निवेश शुरू करने की तैयारी कर रहा है। अभी तक इसमें कोई निवेश नहीं किया गया है लेकिन इसकी संचालन प्रणाली तैयार कर ली गई है। चालू वित्त वर्ष के अंत से पहले इसमें पहला निवेश किया जा सकता है। नियामक ने वैकल्पिक निवेश श्रेणी के तहत सीमित सीमा के साथ गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में भी निवेश की अनुमति दी है लेकिन इसके लिए सख्त सीमाएं तय की गई हैं।

उन्होंने कहा, ‘हमने अभी तक इसमें कोई पैसा नहीं लगाया है। हमने इसकी संरचना तैयार कर ली है और संचालन प्रणाली भी स्थापित कर दी है। जल्द ही एआईएफ में निवेश शुरू हो सकता है। ’
पोर्टफोलियो में विविधता लाने के अलावा, पीएफआरडीए बाजार से जुड़ी एक सुनिश्चित रिटर्न (मार्केट-लिंक्ड एश्योर्ड रिटर्न) योजना भी तैयार कर रहा है। इस प्रस्तावित योजना में पूरी तरह गारंटी नहीं होगी, लेकिन एक तय सीमा के भीतर रिटर्न दिया जा सकता है।

Advertisement
First Published - February 13, 2026 | 9:45 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement