मुथूट फाइनैंस के शेयर में शुक्रवार को करीब 12 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले साढ़े तीन वर्षों में सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट की ओर बढ़ रहा है। निवेशकों ने तीसरी तिमाही के नतीजों में आई तेजी के टिके रहने को लेकर चिंता जताई है। सुबह 11:23 बजे तक शेयर 12.3 फीसदी गिरकर 3,566.50 रुपये पर आ गए थे। अंत में यह एनएसई पर 11.8 फीसदी की गिरावट के साथ 3,587 रुपये पर बंद हुआ।
गोल्ड लोन प्रदाता ने गुरुवार को अपने तिमाही मुनाफे में लगभग दोगुनी वृद्धि दर्ज करते हुए 26.56 अरब रुपये का लाभ अर्जित करने की खबर दी थी। हाल की तिमाहियों में सोने की रिकॉर्ड कीमतों और असुरक्षित खुदरा ऋणों के लिए सख्त नियमों से गोल्ड लोने देने वालों को लाभ हुआ है, जिससे उधार लेने वाले सोना बंधक रखकर कर्ज लेने के लिए प्रोत्साहित हुए है।
एंजल वन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ए. देव सिंह ने कहा, निवेशक इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि क्या दिसंबर तिमाही में दर्ज मजबूत प्रदर्शन कायम रह सकता है और ऐसा लगता है कि इसमें मुश्किल हो सकती है। उन्होंने कहा, हालांकि मुनाफा दोगुना हो गया, लेकिन इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा ब्याज आय को बट्टे खाते से बाहर निकालने से आया।
सिंह ने कहा, सोने के उच्च कीमतों के कारण गोल्ड लोन की मात्रा में गिरावट आई है जबकि ग्राहकों को जोड़ने की दर में वृद्धि भी धीमी हो गई है। ऐंबिट कैपिटल ने कहा कि लगभग 6.4 अरब रुपये की कमाई गैर-निष्पादित ऋणों से प्राप्त ब्याज आय से हुई, जिसे उसने गैर-आवर्ती बताया। ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए आय अनुमानों के अनुरूप ही रही और मौजूदा मूल्यांकन में त्रुटि की कोई गुंजाइश नहीं है।
जेफरीज ने कहा कि वित्तीय कंपनी के शुद्ध ब्याज मार्जिन में क्रमिक रूप से करीब 70 आधार अंक की गिरावट आई है। हालांकि रिकवरी से संबंधित आय के कारण दर्ज मार्जिन में सुधार हुआ है। मुथूट फाइनैंस के शेयरों को 21 विश्लेषकों द्वारा औसतन निवेशित बने रहने की रेटिंग दी गई है। पिछले साल इसमें 78.4 फीसदी की वृद्धि के बाद 2026 में अब तक इनमें 6.7 फीसदी की वृद्धि हुई है।