भारतीय वायु सेना अपने तीन कुशल उड़ान प्रशिक्षकों को ब्रिटेन के रॉयल एयर फोर्स (आरएएफ) वैली में तैनात करेगी। ऐसा पहली बार होगा जब भारत आरएएफ वैली में ब्रिटिश फास्ट जेट पायलटों को प्रशिक्षण देगा। नई दिल्ली में दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय वार्ता में इस पर सहमति बनी है। भारत में ब्रिटिश उच्चायोग द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह प्रशिक्षण शुरुआत में दो साल की अवधि के लिए आयोजित किया जाएगा।
आरएएफ वैली में तैनात किए जाने वाले भारतीय वायुसेना के प्रशिक्षक ट्रेनर विमान बीएई हॉक टी2 या टेक्सन टी1 पर पायलटों को हवाई गुर सिखाएंगे। बयान में कहा गया है कि अपने कार्यकाल के दौरान भारतीय प्रशिक्षक आरएएफ कमांडरों के लिए काम करेंगे लेकिन वे आईएएफ कमान के अधीन ही रहेंगे। इसी के साथ अब सभी ब्रिटिश सैन्य अकादमियों में तीनों सेनाओं के भारतीय प्रशिक्षक हो गए हैं।
बीते जनवरी में वायुसेना के एक अधिकारी को आरएएफ कॉलेज क्रैनवेल में प्रशिक्षक के रूप में तैनात किया गया था। क्रैनवेल आरएएफ अधिकारियों की अगली पीढ़ी को प्रशिक्षित करने वाली अकादमी है।
ब्रिटानिया रॉयल नेवल कॉलेज डार्टमाउथ में एक भारतीय नौसेना अधिकारी प्रशिक्षक के रूप में मई 2024 से कार्य कर रहे हैं, जबकि भारतीय थल सेना के एक अन्य अधिकारी पिछले साल मई से रॉयल मिलिट्री एकेडमी सैंडहर्स्ट में प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़े हैं। ब्रिटेन के सहायक चीफ ऑफ द एयर स्टाफ एयर वाइस मार्शल इयान टाउनसेंड के हवाले से बयान में कहा गया है, ‘दोनों देश मिलकर दीर्घकालिक सहयोग की नींव मजबूत की रहे हैं और एक ऐसी साझेदारी को आकार दे रहे हैं, जो रणनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण और स्थायी है।’
भारत और ब्रिटेन के बीच रणनीतिक द्विपक्षीय संबंध हैं। ब्रिटिश प्रधानमंत्री किअर स्टार्मर की बीते साल अक्टूबर में मुंबई यात्रा के दौरान सैन्य प्रशिक्षण में सहयोग के लिए समझौता किया गया था। इसके अलावा दोनों देशों की नौसेनाओं ने पिछले साल सबसे बड़ा समुद्री अभ्यास किया था। इसके बाद राजस्थान में संयुक्त सेना अभ्यास अजय वारियर हुआ।