वित्तीय सेक्टर में लंबे समय की सुस्ती के बाद अब तस्वीर बदलती दिख रही है। एक्सिस डायरेक्ट की ताजा रिपोर्ट बताती है कि बैंक, NBFC और फाइनेंशियल कंपनियों में ग्रोथ के स्पष्ट संकेत नजर आ रहे हैं। लोन ग्रोथ मजबूत है, मार्जिन टिके हुए हैं और एसेट क्वालिटी में सुधार से कमाई को सहारा मिला है।
तीसरी तिमाही में बैंकों की क्रेडिट ग्रोथ अनुमान से बेहतर रही। सरकारी बैंकों ने निजी बैंकों से बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि स्मॉल फाइनेंस बैंकों में जोरदार उछाल देखने को मिला। रिटेल लोन, खासकर होम लोन, गोल्ड लोन और सिक्योर्ड SME सेगमेंट ने ग्रोथ को मजबूती दी। रिपोर्ट के मुताबिक अनसिक्योर्ड लोन सेगमेंट में भी सुधार के संकेत दिख रहे हैं। लेंडर्स को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में डिस्बर्समेंट और तेज होगा।
डिपॉजिट की बढ़त, लोन की बढ़त से धीमी रही, इसलिए बैंकों का दिया गया कर्ज जमा के मुकाबले ज्यादा हो गया। CASA जमा भी थोड़ा कमजोर रहा, इसलिए बैंक अब कम खर्च में पैसा जुटाने पर ध्यान दे रहे हैं।
NIM यानी ब्याज से होने वाली कमाई लगभग स्थिर रही। बड़े बैंकों में ज्यादा बदलाव नहीं दिखा, जबकि मिड और छोटे बैंकों की कमाई थोड़ी बेहतर हुई। आने वाले समय में खर्च पर नियंत्रण से मार्जिन को सहारा मिल सकता है।
बैड कर्ज के नए मामले घटे हैं और बिना गारंटी वाले लोन का दबाव भी कम हुआ है। बेहतर वसूली और समय पर किस्त मिलने से बैंकों की हालत मजबूत हुई। इसका फायदा कमाई में दिखा और मुनाफा उम्मीद से बेहतर रहा।
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NBFC कंपनियों में लोन देने का काम और कुल कारोबार दोनों में सुधार दिखा। वाहन, गोल्ड और दूसरी फाइनेंस कंपनियों ने इस बढ़त को सहारा दिया। माइक्रोफाइनेंस का कारोबार भी धीरे धीरे सामान्य होता नजर आ रहा है। कम लागत पर फंड मिलने और बेहतर लोन हिस्सेदारी की वजह से मार्जिन मजबूत हुआ। हालांकि कुछ कंपनियों की कमाई पर एक बार के अतिरिक्त प्रावधान का असर पड़ा।
क्रेडिट कार्ड: SBI कार्ड ने नए कस्टमर जोड़ने में सतर्क रुख रखा, लेकिन स्पेंड ग्रोथ मजबूत रही। एसेट क्वालिटी बेहतर हुई और क्रेडिट कॉस्ट घटी।
लाइफ इंश्योरेंस: SBI लाइफ ने दमदार प्रीमियम ग्रोथ दर्ज की। GST बदलाव के असर को बेहतर प्रोडक्ट मिक्स से संतुलित किया गया।
AMC: निप्पॉन AMC का AUM और प्रॉफिट दोनों मजबूत रहे। SIP फ्लो में बढ़त ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा।
यानी वित्तीय सेक्टर में भरोसे की वापसी साफ दिख रही है। अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो आने वाले वित्त वर्ष में ग्रोथ और तेज हो सकती है।