अर्थव्यवस्था

CPI: जनवरी में खुदरा महंगाई 2.75% रही; सरकार ने बदला आधार वर्ष

MoSPI डेटा के अनुसार जनवरी में CFPI आधारित खाद्य महंगाई दर 2.13% रही। नए CPI ढांचे में सेवाओं का वेटेज बढ़ा और खाद्य पदार्थों का हिस्सा घटा, कई नए आइटम जोड़े गए

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- February 12, 2026 | 4:51 PM IST

भारत की उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा महंगाई दर जनवरी 2026 में 2.75 फीसदी रही। सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने गुरुवार को नई सीरीज (आधार वर्ष 2024) के अनुसार आंकड़े जारी किये। जनवरी में उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (CFPI) आधारित खाद्य महंगाई दर 2.13 फीसदी रही।

आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतें 1.96 फीसदी बढ़ीं, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह बढ़ोतरी 2.44 फीसदी दर्ज की गई। जनवरी में सालाना आधार पर हाउसिंग महंगाई दर 2.05 फीसदी रही। ग्रामीण क्षेत्रों में मकान से जुड़ी कीमतें 2.39 फीसदी बढ़ीं, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह बढ़ोतरी 1.92 फीसदी रही।

CPI डाटा पर एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की चीफ इकोनॉमिस्ट माधवी अरोड़ा ने कहा, “हमें नहीं लगता कि महंगाई (इन्फ्लेशन) की नई सीरीज नियर टर्म में पॉलिसी पर कोई बड़ा असर डालेगी। ब्याज दरों में लंबे समय तक ठहराव (रेट पॉज) की संभावना ज्यादा है। इसके पीछे ग्रोथ और महंगाई दोनों में साइक्लिकल अपटर्न और अमेरिका-भारत ट्रेड बातचीत के पूरा होने के बाद बढ़ता भरोसा है।”

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आधार वर्ष में बदलाव

MoSPI के अंतर्गत कार्यरत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने महंगाई (CPI) की नई सीरीज जारी की है। जनवरी 2026 के CPI आंकड़ों में आधार वर्ष को बदलकर 2024 कर दिया गया है। इसमें कीमतों की स्थिति को बेहतर तरीके से दिखाने के लिए वस्तुओं की संख्या 259 से बढ़ाकर 308 और सेवाओं की संख्या 40 से बढ़ाकर 50 कर दी गई है।

इस बदलाव का मकसद पिछले 12 वर्षों में खर्च के पैटर्न में आए बदलाव को दर्शाना है। नई संरचना के तहत सेवाओं (Services) का वेटेज बढ़ाया गया है, जबकि खाद्य पदार्थों का हिस्सा घटाया गया है।

नए आधार वर्ष में कुछ नए आइटम जैसेकि ग्रामीण आवास, ऑनलाइन मीडिया या स्ट्रीमिंग सेवाएं, वैल्यू-एडेड डेयरी उत्पाद, जौ और उससे बने उत्पाद, पेन ड्राइव और एक्सटर्नल हार्ड डिस्क, अटेंडेंट, बेबीसिटर और जिम इ​क्विपमेंट शामिल किए गए हैं। वहीं कुछ पुराने आइटम हटाए गए हैं, जिनमें वीसीआर, डीवीडी प्लेयर, रेडियो, टेप रिकॉर्डर, सेकेंड हैंड कपड़े और नारियल रेशा (कोयर) या रस्सी शामिल हैं।

बता दें, CPI में अब तक दो बार संशोधन किया जा चुका है और फिलहाल 2012 आधार वर्ष का उपयोग किया जा रहा था। इस इंडेक्स में खाद्य और पेय पदार्थों का वेटेज सबसे ज्यादा होता है। इसके बाद आवास, ईंधन और पावर, व परिवहन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सेवाओं का स्थान आता है। हर श्रेणी को दिया गया वेटेज आधिकारिक घरेलू खर्च सर्वेक्षण के आधार पर तय किया जाता है। इससे यह पता चलता है कि औसत भारतीय परिवार अपना पैसा किन चीजों पर खर्च करता है।

First Published : February 12, 2026 | 4:35 PM IST