भारतीय शेयर बाजार का 35 साल का सफर: हर्षद मेहता घोटाले से 2026 तक तेजी-मंदी की पूरी कहानी
शेयर बाजार कभी अर्श पर तो कभी फर्श पर रहता है। शेयर के भाव फूलने और सिकुड़ने का सिलसिला चलता रहता है और निवेशकों का उत्साह भी कभी सातवें आसमान पर रहता है तो कभी धड़ाम हो जाता है। वर्ष 1991 के आर्थिक सुधारों के बाद भारतीय शेयर बाजार ने उतार-चढ़ाव के कई दौर देखे […]
MTF से खरीदते हैं शेयर? मार्जिन कॉल और फोर्स्ड सेलिंग से बढ़ सकती है मुश्किलें
कोरिया में हाल ही में शेयर बाजार में आई भारी गिरावट के बीच, जेरोधा (Zerodha) के को-फाउंडर और सीईओ नितिन कामथ (Nithin Kamath) ने चेतावनी दी है कि भारत में तेजी से बढ़ रही मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) मार्जिन कॉल और जबरदस्ती बिकवाली (फोर्स्ड सेलिंग) के जरिए बाजार में गिरावट को और बढ़ा सकती है। […]
UTI के दौर से SIP तक, कैसे बदल गया म्युचुअल फंड?
वर्ष 1991 में शुरू आर्थिक सुधारों एवं उदारीकरण ने भारतीय अर्थव्यवस्था के हरेक पहलू को प्रभावित किया है। म्युचुअल फंड उद्योग भी उनमें एक रहा है। वैल्यू रिसर्च के संस्थापक धीरेंद्र कुमार वर्ष 1991 के आर्थिक उदारीकरण से पहले के म्युचुअल फंड (एमएफ) उद्योग के बारे में कहते हैं,‘वह सरकारी गारंटी वाली सरकार का एकाधिकार […]
कंपनी से मिलने वाले 3-5 लाख के हेल्थ इंश्योरेंस पर हैं निर्भर? समझें क्यों सुपर टॉप-अप व मेडिकल फंड भी है जरूरी
बीमारी कभी बताकर नहीं आती, लेकिन उसका खर्च परिवार की सालों की बचत को बड़ा झटका दे सकता है। इलाज महंगा होता जा रहा है और कैंसर, हार्ट डिजीज या ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर बीमारियों में खर्च लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक पहुंच जाता है। ऐसे में सिर्फ कंपनी की ओर से मिलने वाला […]
नई ईपीएफ योजना में बदला कायदा क्या है नुकसान और क्या है फायदा?
कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) योजना, 2026 इसी वर्ष 29 जून को लागू हुई है और इसने 1952 से चली आ रही योजना की जगह ली है। मोटे तौर पर यह योजना पहले जैसी ही है मगर ग्राहकों को बदले हुए कुछ प्रावधानों के हिसाब से खुद को ढालना होगा। क्या नहीं बदला? ईपीएफ ग्राहकों को […]
Health Insurance Claim करते समय न करें ये गलती, वरना जेब से भरना पड़ सकता है लाखों का बिल
Health Insurance Claim: अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में हेल्थ इंश्योरेंस आर्थिक सुरक्षा देता है, लेकिन क्लेम के समय सही विकल्प चुनना भी उतना ही जरूरी है। आमतौर पर बीमा कंपनियां दो तरह की क्लेम सुविधा देती है–कैशलेस क्लेम और रीइम्बर्समेंट क्लेम। हाल ही में Policybazaar के एक सर्वे में भी सामने आया कि […]
SME IPO में करने जा हैं निवेश? सिर्फ GMP देखकर न फंसें, नुकसान से बचने के लिए इन फैक्टर्स का भी रखें ध्यान
जब मुख्य कंपनियों के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) का बाजार सूना रहा है, उस समय छोटे और मझोले उद्यमों (एसएमई) के आईपीओ ने अच्छा दमखम दिखाया है। मई 2026 में एसएमई एक्सचेंजों पर 12 आईपीओ सूचीबद्ध हुए, जो अप्रैल के 7 एसएमई आईपीओ के आंकड़े से बहुत ज्यादा हैं। क्या हैं एसएमई आईपीओ ये आईपीओ […]
NPS में एसेट एलोकेशन और निकासी के विकल्प: करार में दी गई शर्तें पूरी होने पर ही कर सकेंगे एन्युटी सरेंडर
पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने सेवानिवृत्ति आय योजना (आरआईएस) शुरू की है। यह नैशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) के ग्राहकों के लिए परिसंपत्ति आवंटन की योजना है। सेवानिवृत्ति के बाद एनपीएस में इकट्ठी रकम का एक तय हिस्सा निकाला जा सकता है मगर जो निवेशक उस हिस्से को भी एनपीएस में ही रखना […]
Equity Savings Funds: कम जोखिम, बेहतर टैक्स लाभ; क्या बाजार की अनिश्चितता में यही है सही विकल्प?
Equity savings funds: अप्रैल और मई के म्युचुअल फंड निवेश की तुलना एक दिलचस्प तस्वीर पेश करती है। जिन 42 कैटेगरी के लिए इनफ्लो के आंकड़े उपलब्ध हैं, उनमें से केवल पांच कैटेगरी में ही मई के दौरान अप्रैल की तुलना में पॉजिटिव प्रतिशत बदलाव देखा गया। इनमें से दो हाइब्रिड कैटेगरी हैं, जो यह […]
एल्गो ट्रेडिंग अपनाने की सोच रहे हैं? पहले कर लें ये जरूरी पड़ताल
प्रमुख ब्रोकर्स आने वाले कुछ महीनों में रिटेल निवेशकों के लिए एल्गोरिदम ट्रेडिंग स्ट्रैटेजीज (algorithmic trading strategies) लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं। एक हालिया मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रिटेल ग्राहक इन स्ट्रैटेजीज तक केवल 5,000 रुपये से भी कम में पहुंच पा सकते हैं। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) का रिटेल ट्रेडर्स […]









