देश की प्रमुख रियल एस्टेट कंपनी लोढ़ा डेवलपर्स लिमिटेड (Lodha Developers) ने अपने विस्तार अभियान को आगे बढ़ाते हुए पुणे स्थित सॉलिडराइज रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड में 80 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद ली है। यह सौदा लगभग 294 करोड़ रुपये में पूरा किया गया है। इस अधिग्रहण के बाद सॉलिडराइज रियल्टी अब लोढ़ा डेवलपर्स की सहायक कंपनी के रूप में कार्य करेगी।
कंपनी की ओर से नियामक प्राधिकरण को दी गई जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच शेयर खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते के तहत लोढ़ा डेवलपर्स 80 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी अपने नाम करेगी। कंपनी का मानना है कि इस निवेश से पुणे के रियल एस्टेट बाजार में उसकी पकड़ और मजबूत होगी।
पुणे को देश के तेजी से विकसित होते रियल एस्टेट हब के रूप में देखा जाता है। आईटी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की मजबूती के कारण यहां आवासीय परियोजनाओं की मांग लगातार बनी हुई है। ऐसे में सॉलिडराइज रियल्टी में हिस्सेदारी खरीदना लोढ़ा डेवलपर्स के लिए एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। कंपनी पहले से ही मुंबई महानगर क्षेत्र, बेंगलुरु और पुणे में सक्रिय है और हाल ही में उसने दिल्ली एनसीआर के आवासीय बाजार में भी प्रवेश किया है।
पिछले महीने कंपनी ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए थे। अक्टूबर से दिसंबर 2025 की अवधि में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ करीब 1 प्रतिशत बढ़कर 956.9 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 944.4 करोड़ रुपये था।
इसी दौरान कंपनी की कुल आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। तीसरी तिमाही में कुल आय बढ़कर 4,775.4 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 4,146.6 करोड़ रुपये थी। इससे स्पष्ट है कि कंपनी का परिचालन प्रदर्शन लगातार मजबूत बना हुआ है।
अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के दौरान लोढ़ा डेवलपर्स ने मुंबई, दिल्ली एनसीआर और बेंगलुरु में पांच नए भूमि पार्सल भी अधिग्रहित किए हैं। इन जमीनों पर विकसित की जाने वाली परियोजनाओं का अनुमानित बिक्री मूल्य लगभग 34,000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।
कंपनी भूमि खरीद के लिए दोहरी रणनीति अपनाती है। एक ओर वह सीधे जमीन खरीदती है, वहीं दूसरी ओर जमीन मालिकों के साथ साझेदारी कर भविष्य की परियोजनाओं का मजबूत पोर्टफोलियो तैयार करती है।
लोढ़ा डेवलपर्स अब तक 100 मिलियन वर्ग फुट से अधिक क्षेत्र का विकास कर चुकी है। आवासीय और प्रीमियम प्रोजेक्ट्स के जरिए कंपनी ने प्रमुख महानगरों में अपनी अलग पहचान बनाई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुणे की कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने का यह कदम लोढ़ा डेवलपर्स की दीर्घकालिक विकास रणनीति का हिस्सा है। इससे न केवल कंपनी का प्रोजेक्ट पाइपलाइन मजबूत होगा, बल्कि पश्चिम भारत के रियल एस्टेट बाजार में उसकी स्थिति और सुदृढ़ होने की संभावना है।
-पीटीआई इनपुट के साथ