facebookmetapixel
Advertisement
डिजिटल पेमेंट नियमों में बदलाव,UPI पर MDR से 10,000 करोड़ रुपये तक सरकार को मिल सकता है बड़ा राजस्वNDA सांसदों की बैठक में खेल और रोजगार पर फोकस, युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों का दिया गया ब्यौरा1991 के आर्थिक सुधारों ने बदली भारत की दशा, उसके बाद भारतीय अर्थव्यवस्था को मिली रफ्तार: जयराम रमेशखनिज ब्लॉकों की नीलामी के बाद भी धीमी रफ्तार, 720 में केवल 105 खदानें शुरूREIT और InvIT निवेशकों को बड़ी राहत, नई टैक्स व्यवस्था में भी डिविडेंड रहेगा पूरी तरह टैक्स फ्रीडिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, RBI को 4 हफ्ते में SOP बनाने का दिया निर्देशFuel Prices: पेट्रोल-डीजल कीमतों पर सरकार रखेगी नजर, जरूरत पड़ने पर उठाएगी कदमTax Amendment Bill 2026: विदेशी निवेशकों के लिए आसान होंगे टैक्स नियम, लोकसभा में विधेयक पेशNSE क्लोजिंग प्राइस विवाद से बदला म्युचुअल फंड NAV, निवेशकों पर दिखा अलग-अलग असरMeta के अधिकारियों से आज सरकार की बैठक, WhatsApp और कंटेंट मॉडरेशन पर होंगे सवाल

UK Digital ID cards: क्या है ब्रिटेन की डिजिटल ID कार्ड योजना और कैसे रोकेगी अवैध प्रवास?

Advertisement

डिजिटल ID कार्ड एक तरह की यूनिवर्सल पहचान होगी, जिसे मोबाइल फोन में रखा जाएगा। इसे NHS ऐप और अन्य डिजिटल कार्ड्स की तरह इस्तेमाल किया जा सकेगा।

Last Updated- September 28, 2025 | 12:58 PM IST
UK Flag
Representative Image

UK Digital ID cards: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद डिजिटल ID कार्ड को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इस योजना का उद्देश्य अवैध प्रवास को रोकना और सरकारी सेवाओं को आसान बनाना बताया जा रहा है। हालांकि, इससे नागरिकों की गोपनीयता पर असर पड़ सकता है, इसे लेकर चिंता जताई जा रही है।

डिजिटल ID कार्ड क्या है?

डिजिटल ID कार्ड एक तरह की यूनिवर्सल पहचान होगी, जिसे मोबाइल फोन में रखा जाएगा। इसे NHS ऐप और अन्य डिजिटल कार्ड्स की तरह इस्तेमाल किया जा सकेगा। यूरोप के कई देशों में इस तरह के सिस्टम पहले से हैं, जैसे एस्टोनिया ने 2002 से डिजिटल ID लागू किया हुआ है।

इस कार्ड से सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। यह प्रशासनिक काम को तेज, सस्ता और धोखाधड़ी-मुक्त बनाने में मदद कर सकता है।

काम और आवास में पहचान की निगरानी

इस योजना के तहत ब्रिटेन में काम करने या मकान किराए पर लेने के लिए डिजिटल ID कार्ड जरूरी होगा। वर्तमान में विभिन्न दस्तावेज जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, नेशनल इंश्योरेंस नंबर या गॅस बिल का उपयोग होता है। डिजिटल ID कार्ड से यह प्रक्रिया आसान और सुरक्षित होगी।

इससे अवैध प्रवासियों को काम करने में कठिनाई होगी। नियोक्ता और मकान मालिक इस कार्ड के जरिए किसी की पहचान और वैधता की पुष्टि कर सकेंगे।

अवैध प्रवास और छाया अर्थव्यवस्था

अवैध प्रवास को रोकना ब्रिटेन की सरकारों के लिए हमेशा चुनौती रहा है। डिजिटल ID कार्ड और ईवीज़ा प्रणाली के माध्यम से अवैध प्रवासियों को वैध काम से दूर रखा जा सकता है। हालांकि, कुछ संगठन इस योजना की प्रभावशीलता पर सवाल उठा रहे हैं।

यदि अवैध प्रवासी पहचान से बचना चाहते हैं, तो उन्हें छाया अर्थव्यवस्था में काम करना होगा और बिना जांच के मकान किराए पर लेना होगा। ब्रिटेन की छाया अर्थव्यवस्था जीडीपी का लगभग 10.8% है। इससे अपराध और मानव तस्करी जैसी गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है।

तकनीक से समाधान

पिछले 20 सालों में अपराध को कम करने में तकनीक की बड़ी भूमिका रही है। पहचान सुरक्षा के उपाय, जैसे पासपोर्ट में फेशियल रिकग्निशन, सफलता की मिसाल हैं। डिजिटल ID कार्ड भी अवैध प्रवास को रोकने में इसी तरह का उच्च तकनीकी समाधान हो सकता है।

भविष्य की तैयारी

डिजिटल ID कार्ड की योजना नई नहीं है। हम पहले से ही अपने फोन में कई डिजिटल पहचान रखते हैं। चुनौती यह है कि कार्ड अनिवार्य और सभी के लिए होगा।

यदि इसे केवल सरकारी सेवाओं, रोजगार और मकान किराए पर लेने के लिए इस्तेमाल किया गया, तो यह केवल एक नई सुविधा है। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या इसे अन्य जगहों पर भी अनिवार्य किया जाएगा? जिनके पास कार्ड नहीं है, या जो इसे नहीं बनवाना चाहते, उनके लिए यह योजना कैसी साबित होगी?

इस डिजिटल ID कार्ड योजना से अवैध प्रवास को रोकने के साथ-साथ सेवाओं में सुविधा और सुरक्षा बढ़ाने की उम्मीद की जा रही है।

Advertisement
First Published - September 28, 2025 | 12:58 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement