वित्त वर्ष 2026 में पहली बार नवंबर महीने में बीमा उद्योग के प्रीमियम में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। बीमा प्रीमियम पर वस्तु एवं सेवा कर 18 प्रतिशत से घटाकर शू्न्य किए जाने और अनुकूल आधार के असर के कारण ऐसा हुआ है।
जीवन बीमा कंपनियों का नवंबर में न्यू बिजनेस प्रीमियम (एनबीपी) करीब 23 प्रतिशत बढ़कर 31,119.6 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि गैर जीवन बीमाकर्ताओं ने सालाना आधार पर 24.17 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की है और यह 26,897.4 करोड़ रुपये हो गया है।
लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक नवंबर में सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का एनबीपी सालाना आधार पर 35 प्रतिशत बढ़कर 15,869.71 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि निजी जीवन बीमाकर्ताओं का एनबीपी सालाना आधार पर 12.5 प्रतिशत बढ़कर नवंबर 2025 में 15,249.93 करोड़ रुपये पहुंचा है।
इस अवधि के दौरान जीवन बीमाकर्ताओं का व्यक्तिगत प्रीमियम सालाना आदार पर 26.4 प्रतिशत बढ़कर 14,939 करोड़ रुपये जबकि ग्रुप बिजनेस प्रीमियम 49 प्रतिशत से अधिग बढ़कर 16,180.25 करोड़ रुपये हो गया है। इसके साथ ही आंकड़ों से पता चलता है कि नवंबर में जीवन बीमाकर्ताओं ने सालाना आधार पर 48.44 प्रतिशत अधिक बीमा पॉलिसियों की बिक्री की है और इनकी संख्या बढ़कर 22 लाख हो गई है।
बीएफएसआई केयरएज रेटिंग्स में एसोसिएट डायरेक्टर सौरभ भालेराव ने कहा, ‘जीवन और गैर जीवन बीमाकर्ताओं को अनुकूल आधार का लाभ मिला है। साथ ही प्रीमियम पर जीएसटी में बदलाव और खुदरा स्वास्थ्य बीमा और वाहन बीमा में जोरदार वृद्धि का भी असर हुआ है।’