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सौर सेल और वेफर निर्माण को मिलेगी आसान वित्तीय मदद, मंत्रालय का स्पष्ट निर्देश

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ChatGPT said: नवीन ऊर्जा मंत्रालय ने कहा, सौर सेल, वेफर और सहायक उपकरणों के लिए भी ऋण दें, भारत को सौर आत्मनिर्भर बनाने के लिए।

Last Updated- December 08, 2025 | 7:23 AM IST
Solar Energy
Representative Image

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने ऋण देने वाली एजेंसियों से आग्रह किया है कि वे केवल सौर पीवी मॉड्यूल बनाने वाली इकाइयों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय सौर सेल, वेफर और पॉलीसिलिकॉन विनिर्माण इकाइयों को भी शामिल करें।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसने वित्तीय संस्थानों को नवीकरणीय ऊर्जा बिजली परियोजनाओं या नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण विनिर्माण इकाइयों को ऋण देना बंद करने के लिए कोई परामर्श जारी नहीं किया है।

मंत्रालय ने कहा, ‘हालांकि मंत्रालय ने वित्तीय सेवा विभाग और पीएफसी, आरईसी और इरेडा जैसे एनबीएफसी को सौर मॉड्यूल और सौर सेल, इंगोट-वेफर, पॉलीसिलिकॉन जैसे अपस्ट्रीम क्षेत्रों के साथ-साथ सौर ग्लास और एल्युमीनियम फ्रेम जैसे सहायक उपकरणों सहित सौर पीवी विनिर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में वर्तमान में स्थापित घरेलू विनिर्माण क्षमताओं की स्थिति के बारे में जानकारी दी है।’

मंत्रालय चाहता है कि सौर पीवी विनिर्माण क्षेत्र में विनिर्माण सुविधा के लिए धन मुहैया कराने के प्रस्तावों का मूल्यांकन करते समय वित्तीय संस्थान संपूर्ण जानकारी के साथ अपना दृष्टिकोण बना सकें और सौर पीवी विनिर्माण पोर्टफोलियो का विस्तार सौर सेल, इंगट-वेफर और पॉलीसिलिकॉन जैसे अपस्ट्रीम क्षेत्रों के साथ-साथ सौर ग्लास और एल्युमीनियम फ्रेम जैसे सहायक उपकरणों तक कर सकें। मंत्रालय की मंशा है कि वित्त मुहैया कराने वाले संस्थान सिर्फ सौर पीवी मॉड्यूल विनिर्माण सुविधाओं को धन देने तक ही सीमित न रहें।

हाल ही में आई कुछ रिपोर्टों में कहा गया था कि मंत्रालय ने क्षमता अधिक होने की चिंता को देखते हुए नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए नया कर्ज न देने की ऋणदाताओं को सलाह जारी की है। मंत्रालय ने इस पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि सरकार भारत को सौर पीवी विनिर्माण में आत्मनिर्भर बनाने और देश को वैश्विक मूल्य श्रृंखला में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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First Published - December 8, 2025 | 7:23 AM IST

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