facebookmetapixel
Advertisement
ओपनएआई का AI एजेंट टेस्टिंग में बेकाबू, हैकिंग घटना ने साइबर सुरक्षा पर बढ़ाई चिंताAI स्किल्स को IT कंपनियों में सबसे ज्यादा तवज्जो, कैंपस भर्ती और वेतन रणनीति में बड़ा बदलावRBI Economy Report: विदेशी निवेश में लौटा भरोसा, मजबूत मांग से भारतीय अर्थव्यवस्था को सहाराट्रंप के जेनेरिक दवा शुल्क प्रस्ताव से भारतीय फार्मा पर दबाव, उत्पादन अमेरिका ले जाना आसान नहींMutual Fund लाइसेंस की कतार बढ़ी, तीन नए आवेदक; SEBI की मंजूरी का इंतजार कर रहीं 9 कंपनियांकमजोर डॉलर से सोने में जोरदार तेजी, दो हफ्ते के हाई पर पहुंचा भाव 3 अगस्त से बदलेगा शेयर बाजार का क्लोजिंग सिस्टम, Closing Auction के लिए एक्सचेंज तैयारQ1 नतीजों के बाद Bandhan Bank पर दबाव, शेयर 17% टूटे; कमजोर RoA गाइडेंस से निवेशकों को झटकापश्चिम एशिया संकट गहराया, कच्चा तेल 2% की बढ़त के साथ छह हफ्ते के हाई पर दो महीने के निचले स्तर के करीब रुपया, डॉलर के मुकाबले 96.57 के स्तर पर फिसला

India-EU FTA पर मूडीज का आया बयान; निर्यात, MSME और रोजगार पर क्या कहा?

Advertisement

अमेरिकी टैरिफ अनिश्चितता के बीच भारत-ईयू व्यापार समझौते से निर्यात, एमएसएमई और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद

Last Updated- January 30, 2026 | 12:22 PM IST
Moody's
Representational Image

India EU FTA: बल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा है कि यूरोपीय संघ (EU) के साथ हुआ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) भारत को अपने व्यापार संबंधों में डायवर्सिफाई करने में मदद करेगा और भारतीय निर्यातकों को बड़े बाजार तक बेहतर पहुंच देगा। यह समझौता अमेरिका की ओर से लगाए गए ऊंचे टैरिफ के कारण बढ़ी वैश्विक अनिश्चितता के बीच अहम माना जा रहा है। भारत और ईयू के बीच एफटीए की घोषणा 27 जनवरी को की गई थी। उम्मीद है कि इस समझौते पर इसी साल हस्ताक्षर होंगे और इसे लागू भी कर दिया जाएगा।

मूडीज ने कहा कि भारत के लिए यह समझौता अमेरिका के हालिया टैरिफ कदमों से पैदा हुई व्यापारिक अस्थिरता के जोखिम को कम करते हुए, चुनिंदा रूप से अपने व्यापारिक साझेदारों में विविधता लाने की कोशिश को दर्शाता है।

वहीं, ईयू के लिए यह समझौता तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था तक पहुंच बढ़ाकर उसकी आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करेगा और कुछ गिने-चुने व्यापारिक साझेदारों पर निर्भरता को कम करेगा।

यह भी पढ़ें: US ट्रेजरी सचिव ने भारत-EU FTA पर साधा निशाना, बोले- यूरोप ने यूक्रेन से ऊपर व्यापार को रखा

India EU FTA: दोनों पक्षों के लिए पॉजिटिव

मूडीज के अनुसार, भले ही निकट भविष्य में भारत, ईयू या उसके सदस्य देशों की क्रेडिट रेटिंग पर इसका बड़ा असर न दिखे, लेकिन एक बार एफटीए लागू होने के बाद यह दोनों पक्षों के लिए सकारात्मक साबित होगा। इससे ट्रेड वॉल्यूम बढ़ेगा, ट्रेड फ्लो में विविधता आएगी और बाजार तक पहुंच ज्यादा स्थिर होगी।

एजेंसी ने कहा कि लंबे समय में यूरोप के ऑटोमोबाइल (वाहन और पुर्जे), मशीनरी, उपकरण और विमान जैसे सेक्टर को ज्यादा फायदा मिल सकता है, क्योंकि भारत में टैरिफ में बड़ी कटौती और मांग में बढ़ोतरी होगी। हालांकि, अल्पकालिक असर सीमित रहने की संभावना है।

दूसरी ओर, इस समझौते से भारत को ईयू बाजार में कपड़ा, चमड़ा, समुद्री उत्पाद, रत्न और आभूषण जैसे क्षेत्रों में बेहतर पहुंच मिलेगी। मूडीज ने कहा कि उच्च-मूल्य वाले बाजार तक प्राथमिक पहुंच से भारत की वैश्विक वैल्यू चेन में हिस्सेदारी बढ़ेगी, जिससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को फायदा होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

इसके अलावा, यूरोप से मशीनरी और कल-पुर्जों का सस्ता आयात भारतीय विनिर्माताओं की लागत घटाएगा, जिससे उत्पादन बढ़ेगा और उत्पाद ज्यादा प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध हो सकेंगे।

यह भी पढ़ें: India-EU FTA से फुटवियर-लेदर सेक्टर को बूस्ट, भारतीय फुटवियर उद्योग के जमेंगे पांव

यूरोपीय ऑटो कंपनियां ला सकती हैं नए मॉडल

मूडीज ने यह भी कहा कि दुनिया के तीसरे सबसे बड़े कार बाजार यानी ईयू तक आसान पहुंच से यूरोपीय ऑटो कंपनियां भारत की बढ़ती मांग का फायदा उठाते हुए नए मॉडल लॉन्च कर सकेंगे। हालांकि, एजेंसी ने आगाह किया कि यूरोपीय आयात से जुड़े क्षेत्रों, खासकर उच्च-स्तरीय मशीनरी में, प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे घरेलू उत्पादकों के मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है।

मूडीज के मुताबिक, एफटीए के व्यापक लाभ इस बात पर भी निर्भर करेंगे कि भारत व्यापार-अनुकूल माहौल सुधारने और नियमों को सरल बनाने जैसे सुधारों में कितनी तेजी से आगे बढ़ता है।

Advertisement
First Published - January 30, 2026 | 12:22 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement