facebookmetapixel
Advertisement
सीमेंट कंपनियों की बिक्री में 7-8% उछाल, बढ़ती लागत ने मुनाफे पर डाला दबावमॉनसून सत्र में महज चार दिन शेष, शाह के बयान से पीछे हटने को तैयार नहीं विपक्षप्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों को दी बधाई, ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ को किया याद; हर घर तिरंगा की अपीलISRO 6 साल में भेजेगा 300 उपग्रह! 2035 तक अपना स्पेस स्टेशन बनाने का लक्ष्यरिटर्न में पिछड़कर भी रहे एसआईपी की पसंद निवेश के लिए कितने सही हैं लार्ज कैप फंड?FPI की खरीदारी वाले शेयरों ने दिया बेहतर रिटर्न, फिर भी हिस्सेदारी 14 साल के निचले स्तर परमदरसन इंटरनैशनल में 9% उछाल, मजबूत नतीजों और नए कारोबार से बढ़ी ग्रोथ की उम्मीदNSE-BSE के दबदबे में क्षेत्रीय एक्सचेंजों का सफर, क्या लौटेगा कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज?हीरो मोटोकॉर्प की रफ्तार बरकरार, मजबूत वॉल्यूम और प्रीमियम मिक्स से बढ़ी उम्मीदउदारीकरण के 35 साल: ‘सनसेट इंडस्ट्री’ जिसने आर्थिक सुधारों के बाद लिख दी विकास की नई इबारत

राजकोषीय घाटा कम करने में बजट सुस्तः एसऐंडपी ग्लोबल

Advertisement
Last Updated- February 14, 2023 | 11:12 PM IST
fiscal deficit

एसऐंडपी ग्लोबल ने मंगलवार को कहा कि केंद्रीय बजट (2023-24) में राजस्व वृद्धि का महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है, लेकिन राजकोषीय घाटे को कम रखने की रफ्तार सुस्त और सतत रखी गई है।

एसऐंडपी ग्लोबल रेटिंग के डायरेक्टर, सॉवरिन ऐंड इंटरनैशनल पब्लिक फाइनैंस रेटिंग, एंड्रयू वुड ने कहा कि संभावित आर्थिक मंदी और महंगाई कम होने की स्थिति को देखते हुए वित्त वर्ष 24 के लिए सरकार की राजस्व प्राप्तियों का लक्ष्य थोड़ा महत्त्वाकांक्षी है, क्योंकि वित्त वर्ष 23 में हुई वृद्धि दर की तुलना में यह अधिक है।

वुड ने कहा कि भारत का राजकोषीय गणित (ब्याज भुगतान, डेट-टु-जीडीपी रेशियो) पिछले 15 साल से ज्यादा समय से बहुत स्थिर है और अगले कुछ साल तक यह स्थिर बनी रहेगी। उन्होंने कहा, ‘राजकोषीय प्रदर्शन के हिसाब से स्थिति अभी तुलनात्मक रूप से कमजोर है, लेकिन आगे चलकर स्थिति खराब नहीं रहेगी।’

Advertisement
First Published - February 14, 2023 | 11:12 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement