facebookmetapixel
Advertisement
अगर युद्ध एक महीने और जारी रहा तो दुनिया में खाद्य संकट संभव: मैट सिम्पसनहोर्मुज स्ट्रेट खुला लेकिन समुद्री बीमा प्रीमियम महंगा, शिपिंग लागत और जोखिम बढ़ेपश्चिम एशिया युद्ध का भारत पर गहरा असर, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव मेंगर्मी का सीजन शुरू: ट्रैवल और होटल कंपनियों के ऑफर की बाढ़, यात्रियों को मिल रही भारी छूटबाजार में उतार-चढ़ाव से बदला फंडरेजिंग ट्रेंड, राइट्स इश्यू रिकॉर्ड स्तर पर, QIP में भारी गिरावटपश्चिम एशिया संकट: MSME को कर्ज भुगतान में राहत पर विचार, RBI से मॉरेटोरियम की मांग तेजRCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुख

भारत के निर्यात ने रचा रिकॉर्ड: 41 महीने में सबसे तेज बढ़ोतरी से व्यापार घाटा 5 महीने के निचले स्तर पर

Advertisement

अक्टूबर में व्यापार घाटा 41.68 अरब डॉलर के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। पिछले साल नवंबर में यह 31.93 अरब डॉलर था

Last Updated- December 15, 2025 | 11:03 PM IST
EXport
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत का वस्तु व्यापार घाटा नवंबर में घटकर 24.53 अरब डॉलर रह गया जो 5 महीने में सबसे कम है। वाणिज्य विभाग द्वारा आज जारी आंकड़ों से पता चलता है कि नवंबर में निर्यात 41 महीने में सबसे तेजी से बढ़ा है जबकि आयात में थोड़ी कमी आई। इसकी वजह से व्यापार घाटा कम हुआ। आयात में कमी की मुख्य वजह सोने के आमद में भारी गिरावट रही। अक्टूबर में व्यापार घाटा 41.68 अरब डॉलर के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। पिछले साल नवंबर में यह 31.93 अरब डॉलर था।

नवंबर में वस्तुओं का निर्यात बढ़कर 38.13 अरब डॉलर रहा जो 6 महीने में सबसे अ​धिक है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता और अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी शुल्क के बावजूद नवंबर में निर्यात 19.38 फीसदी बढ़ा।

भारत के सबसे बड़े निर्यात गंतव्य अमेरिका में 6.98 अरब डॉलर मूल्य का निर्यात किया गया जो पिछले साल की समान अव​धि से 22.45 फीसदी अ​धिक है। अक्टूबर की तुलना में नवंबर में अमेरिका को निर्यात 10.62 फीसदी बढ़ा है। दोनों देशों के बीच  व्यापार समझौता जल्द पूरा होने की उम्मीद से अमेरिका में निर्यात बढ़ा है।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत ने ऊंचे शुल्क के बावजूद अमेरिकी निर्यात के मामले में मोर्चा संभाले रखा है। उन्होंने बताया, ‘यह अच्छी बात है कि कई निर्यातक अपनी आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने में सक्षम रहे हैं। उम्मीद है कि दोनों देश जल्द एक समझौते को अंतिम रूप देने में सफल होंगे।’

नवंबर में सेवाओं का निर्यात 11.67 फीसदी बढ़कर 35.86 अरब डॉलर रहा जबकि सेवा आयात 4.11 फीसदी की वृद्धि के साथ 17.96 अरब डॉलर पहुंच गया। इसके परिणामस्वरूप 17.9 अरब डॉलर का अधिशेष रहा। वाणिज्य विभाग ने स्पष्ट किया कि नवंबर के सेवा व्यापार का आंकड़ा अनुमानित है, जिसे भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बाद में जारी आंकड़ों के बाद संशो​धित किया जाएगा। नवंबर में आयात 1.88 फीसदी घटकर 62.66 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर रहा। पेट्रोलियम उत्पादों, सोने, वनस्पति तेल और कोयले की आवक में गिरावट से आयात घटा है।

सोने का आयात 59.15 फीसदी घटकर 4.02 अरब डॉलर रहा। तेल की कीमतों में गिरावट के कारण पेट्रोलियम आयात में 11.27 फीसदी की गिरावट आई।

गैर-पेट्रोलियम और गैर-रत्न व आभूषण निर्यात नवंबर में करीब 20 फीसदी बढ़कर 31.56 अरब डॉलर रहा। गैर-पेट्रोलियम क्षेत्रों में इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात 23.76 फीसदी, फार्मा का 20.91 फीसदी और रसायनों का निर्यात 18.49 फीसदी बढ़ा है।  रत्न और आभूषण निर्यात में 27.8 फीसदी की वृद्धि हुई जबकि पेट्रोलियम निर्यात 11.65 फीसदी बढ़ा है।

निर्यातकों के संगठन फियो के अध्यक्ष एससी रल्हन ने कहा कि नए निर्यात बाजार के साथ-साथ कई प्रमुख क्षेत्रों के निरंतर लचीलेपन ने निर्यात बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

Advertisement
First Published - December 15, 2025 | 11:03 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement