केंद्र ने सरकारी स्वामित्व वाली भारतीय साधारण बीमा निगम (जीआईसी) में अल्पांश हिस्सेदारी बेचने के लिए लंदन में रोड शो आयोजित किया है। यह रोड शो निवेशकों की दिलचस्पी जानने के लिए किया गया। मामले के जानकार दो सूत्रों ने यह जानकारी दी।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने पिछले साल बताया था कि बाजार नियामक के न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता मानदंड को पूरा करने के लिए सरकार बीमा कंपनी में 10 फीसदी हिस्सेदारी किस्तों में बेचने की योजना बना रही है। इसमें से सरकार ने सितंबर 2024 में बीमा कंपनी में अपनी 3.4 फीसदी हिस्सेदारी बेची थी।
एक सूत्र ने बताया कि निवेश और सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के अधिकारी निवेशकों से मिलने और उनकी प्रतिक्रिया जानने के लिए लंदन गए थे। हालांकि, वित्त मंत्रालय ने रॉयटर्स के टिप्पणी के अनुरोध का कोई जवाब नहीं दिया है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक जीआईसी में सरकार की फिलहाल 82.4 फीसदी हिस्सेदारी है जबकि बीमा कंपनी के शेयर पिछले वर्ष की सरकारी शेयर बिक्री में निर्धारित पेशकश मूल्य से लगभग 3.5 फीसदी नीचे कारोबार कर रहे थे। बाजार नियामक के नियमों के अनुसार सभी सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों के लिए न्यूनतम 25 फीसदी सार्वजनिक हिस्सेदारी बनाए रखना अनिवार्य है।
सरकार निजीकरण और अल्पांश हिस्सेदारी बिक्री की अपनी योजनाओं के प्रति प्रतिबद्ध है। लेकिन पिछले दो वर्षों में इसकी गति धीमी हो गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2024-25 में और चालू वित्त वर्ष में अब तक विनिवेश से सरकार को 175 अरब रुपये मिले हैं।