राजनीतिक और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के बीच सोने की कीमतों में लगातार तीसरे दिन तेजी देखने को मिली है। सोना 4,450 डॉलर प्रति औंस के ऊपर कारोबार कर रहा है। निवेशक जोखिम से बचने के लिए एक बार फिर सेफ-हेवन एसेट यानी सोने की ओर रुख कर रहे हैं। इस हफ्ते की शुरुआत में सोने की कीमतों में जोरदार उछाल तब आया, जब अमेरिका की सैन्य कार्रवाई में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाया गया। इसके बाद वहां हालात बिगड़ गए और दुनिया भर में चिंता बढ़ गई।
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला को कुछ समय के लिए अमेरिका संभाल सकता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर अमेरिका की बातें नहीं मानी गईं, तो आगे और कार्रवाई हो सकती है। इससे निवेशकों में डर बढ़ गया और लोगों ने ज्यादा सोना खरीदना शुरू कर दिया।
केडिया एडवाइजरी के मुताबिक, अब निवेशकों की नजर अमेरिका में नौकरी से जुड़े आंकड़ों पर है, जो शुक्रवार को आएंगे। इन आंकड़ों से पता चलेगा कि अमेरिकी बैंक ब्याज दरें बढ़ाएगा या घटाएगा। फेडरल रिजर्व पहले ही कह चुका है कि महंगाई अभी कम नहीं हुई है और बेरोजगारी बढ़ने का खतरा है। इसी वजह से लोग अपने पैसे को सुरक्षित रखने के लिए सोने को बेहतर मान रहे हैं।
कोटक म्यूचुअल फंड के फंड मैनेजर सतीश डोंडापाटी के अनुसार, चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब बनी हुई हैं। इसकी वजह मजबूत औद्योगिक मांग, निवेशकों की दिलचस्पी, सप्लाई से जुड़ी चिंताएं और वैश्विक तनाव हैं। उन्होंने बताया कि हाल में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव CME द्वारा मार्जिन बढ़ाने और चीन द्वारा 1 जनवरी से चांदी के निर्यात पर पाबंदियों के कारण देखने को मिला।
सोमवार सुबह अमेरिका–वेनेजुएला संघर्ष की खबर के बाद सोना करीब 2.5% और चांदी 4.5% से ज्यादा चढ़ गई थी। हालांकि बाद में ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के चलते कीमतों में थोड़ी नरमी आई। डोंडापाटी का कहना है कि निकट भविष्य में सोना और चांदी दोनों को सेफ-हेवन डिमांड से सहारा मिलेगा। चांदी की औद्योगिक मांग और सोने में केंद्रीय बैंकों की खरीदारी भी कीमतों को सपोर्ट दे रही है। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के कारण तेजी सीमित रह सकती है। आने वाले समय में भू-राजनीतिक घटनाएं, व्यापार नीतियां, सप्लाई से जुड़ी खबरें और सट्टेबाजी कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव ला सकती हैं।
कोटक म्यूचुअल फंड के फंड मैनेजर सतीश डोंडापाटी ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे अनुशासित तरीके से निवेश करें। उन्होंने कहा कि कुल निवेश का करीब 15–20% हिस्सा सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं में रखना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि अभी दाम ऊंचे हैं, इसलिए एक साथ पैसा लगाने के बजाय सिस्टमैटिक तरीके से निवेश करना ज्यादा बेहतर होगा।