facebookmetapixel
रिलायंस ने ऑस्ट्रेलिया की मशहूर हेल्थ ड्रिंक कंपनी खरीदी, अब Nexba और PACE भारत में!Bonus Issue: निवेशकों की चांदी! अगले हफ्ते ये 2 कंपनियां बांटने जा रही हैं बोनस शेयर, जानें रिकॉर्ड डेटभारत-अमेरिका व्यापार समझौते से ऑटो कंपोनेंट सेक्टर को मिली राहत, निर्यात में जबरदस्त तेजी की उम्मीदSBI Q3 Result: दिसंबर तिमाही में जोरदार बढ़त, मुनाफा 13% उछलकर ₹21,317 करोड़भारत-अमेरिका ट्रेड डील से टेक्सटाइल सेक्टर में आएगा उछाल, FY27 में दिखेगी डबल डिजिट ग्रोथभारत-अमेरिका के बीच $500 अरब का महा-समझौता, अगले 5 साल में ऊर्जा और तकनीक से बदलेगी तस्वीरबैंकिंग सेवाओं में आएगा बड़ा सुधार! बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स के लिए RBI ने बनाई हाई-लेवल कमेटीUPI पेमेंट होगा और भी सुरक्षित: धोखाधड़ी रोकने के लिए RBI ला रहा है कड़े सुरक्षा नियमRBI गवर्नर का भरोसा: देश में कभी नहीं होगी कैश की कमी, छोटे नोटों की सप्लाई पर विशेष जोरबैंकों में ₹85,000 करोड़ बिना किसी दावे के: दिसंबर में ₹1,043 करोड़ बांटे, ऐसे पाएं अपना फंसा हुआ पैसा

Closing Bell: शुरुआती गिरावट से उबरकर सपाट बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स 54 अंक फिसला; निफ्टी 26027 पर ठहरा

Closing Bell: रुपये में लगातार कमजोरी और वैश्विक बाजारों में गिरावट का बाजार के सेंटीमेंट्स पर नेगेटिव असर पड़ा।

Last Updated- December 15, 2025 | 3:56 PM IST
Stock Market Today
Representative Image

Stock Market Closing Bell, December 15: एशियाई बाजारों में कमजोर रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के पहले ट्रेडिंग सेशन यानी सोमवार (15 दिसंबर) को लगभग सपाट बंद हुए। शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में निचले स्तरों से रिकवरी देखने को मिली। हालांकि, रुपये में लगातार कमजोरी और वैश्विक बाजारों में गिरावट का बाजार के सेंटीमेंट्स पर नेगेटिव असर पड़ा। साथ ही अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील को लेकर निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) कमजोरी के साथ 84,891 अंक पर खुला। खुलने के बाद इंडेक्स में गिरावट गहरा गई। हालांकि, कारोबार के दूसरे हाफ में रिकवरी देखने को मिली। अंत में यह 54.30 अंक या 0.06 फीसदी की मामूली गिरावट लेकर 85,213.36 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) 25,930 पर खुला। खुलने के बाद यह और नीचे फिसला गया। लेकिन बाद में निचले स्तरों पर खरीदारी देखी गई। अंत में 19.65 अंक या 0.08 प्रतिशत गिरकर 26,027.30 पर बंद हुआ।

जियोजित इंवेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”लगातार विदेशी फंड की निकासी और रुपये की कमजोरी के चलते बाजार सीमित दायरे में बना हुआ है। भारत–अमेरिका ट्रेड डील को लेकर साफ तस्वीर सामने आने तक करेंसी में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।”

उन्होंने कहा, ”वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही में कमाई में सुधार की उम्मीद, जिसे मौद्रिक और राजकोषीय ग्रोथ फैक्टर्स का सपोर्ट मिल सकता है, बाजार की धारणा को स्थिर बनाए हुए है। आगे चलकर बाजार की चाल वैल्यूएशन के बजाय कमाई के आधार पर रहने की उम्मीद है। निवेशकों की नजर अब अमेरिका के अहम आर्थिक आंकड़ों पर है, जिनमें CPI महंगाई और बेरोजगारी के डेटा शामिल हैं। ये आंकड़े ग्लोबल लिक्विडिटी और 2026 के ब्याज दर आउटलुक को दिशा देंगे।”

Top losers & Gainers

सेंसेक्स की कंपनियों में महिंद्रा एन्ड महिंद्रा का सबसे ज्यादा गिरावट में रहा। इसमें 1.92 फीसदी की गिरावट आई। इसके अलावा मारुति, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व, टाइटन, एचडीएएफसी बैंक और भारत एयरटेल के शेयर गिरावट में रहे। दूसरी तरफ, हिंदुस्तान यूनिलीवर 1.37 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। साथ ही ट्रेंट लिमिटेड, एचसीएल टेक, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, इंफोसिस, आईटीसी, एसबीआई और टीसीएस के शेयर हरे निशान में रहे।

ब्रोडर मार्केट की बात करें तो निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.12 प्रतिशत फिसला, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.21 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी ऑटो इंडेक्स सबसे ज्यादा नुकसान में रहा और इसमें 0.91 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी फार्मा इंडेक्स 0.4 प्रतिशत टूट गया। वहीं, मजबूती की बात करें तो निफ्टी मीडिया इंडेक्स में 1.79 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स में 0.69 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।

ग्लोबल मार्केटस से क्या संकेत

एशियाई बाजारों में सोमवार को गिरावट देखने को मिली। वॉल स्ट्रीट में पिछले सप्ताह के अंत में आई कमजोरी का असर इन बाजारों पर पड़ा। निवेशकों ने एआई (AI) आधारित तेजी से कुछ समय के लिए दूरी बना ली। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.16 प्रतिशत टूट गया, जापान का निक्केई 225 में 1.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जबकि ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स 0.66 प्रतिशत फिसल गया।

अमेरिका में वॉल स्ट्रीट के प्रमुख इंडेक्स भी कमजोरी के साथ बंद हुए। निवेशकों ने टेक्नोलॉजी शेयरों से पैसा निकालकर अन्य सेक्टरों में लगाया। इससे एसएंडपी 500 और नैस्डैक में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। ब्रॉडकॉम और ओरेकल जैसे शेयरों में तेजी के बाद संभावित एआई बबल को लेकर बढ़ी चिंताओं और मौद्रिक नीति में ढील को लेकर उम्मीदों पर नीति-निर्माताओं के सख्त रुख के बाद अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से बाजार पर दबाव बना। नतीजतन, एसएंडपी 500 में 1.07 प्रतिशत, नैस्डैक कंपोजिट में 1.69 प्रतिशत और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.51 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

First Published - December 15, 2025 | 8:11 AM IST

संबंधित पोस्ट