भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट के नियामकीय ढांचे की समीक्षा के लिए समिति गठित की है। वह सार्वजनिक परामर्श के लिए दिशानिर्देशों में संशोधन का मसौदा जारी करेगा। समिति में आरबीआई, वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस), इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) तथा राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के अधिकारी शामिल हैं। इस समिति को बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट के कामकाज की जांच करने और उनकी दक्षता में सुधार के लिए सिफारिशों का काम सौंपा गया है।
आरबीआई ने विकासात्मक और नियामकीय नीतियों के संबंध में बयान में कहा, ‘समिति की सिफारिशों के आधार पर संबंधित नियामकीय दिशानिर्देशों की समीक्षा की जा रही है और संशोधित निर्देशों के मसौदे को शीघ्र ही सार्वजनिक चर्चा के लिए जारी किया जाएगा।’
भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट वित्तीय सेवाओं को दूर दराज के लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं, खास तौर पर कम पहुंच, ग्रामीण और दूरदराज वाले इलाकों में।
देश के बिना-बैंकिंग और दूरदराज वाले हिस्सों में मूल बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए वित्तीय संस्थानों और कंपनियों द्वारा बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट को तैनात किया जाता है। देश भर में फैले कम लागत वाले और प्रौद्योगिकी संचालित ग्राहक सेवा पॉइंटों के जरिये जमा, निकासी और बैंक खाते खोलने जैसी सेवाएं दी जाती हैं।