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IT शेयरों में कोहराम: AI के बढ़ते प्रभाव से हिला निवेशकों का भरोसा, एक हफ्ते में डूबे ₹6.4 लाख करोड़

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आईटी शेयरों में बिकवाली से निफ्टी आईटी सूचकांक में शामिल कंपनियों का बाजार पूंजीकरण करीब 6.4 लाख करोड़ रुपये घट गया

Last Updated- February 06, 2026 | 11:19 PM IST
Stock Market
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में गिरावट का रुख बना हुआ है और इस हफ्ते उनका प्रदर्शन बीते चार महीने में सबसे खराब रहा। आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) में तेजी से हो रहे विकास से पारंपरिक आईटी सेवा कारोबार को नुकसान पहुंचने की आशंका से इस क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों पर दबाव बना हुआ है।

निफ्टी आईटी सूचकांक आज 1.5 फीसदी गिर गया और हफ्ते भर में इसमें 6.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। आईटी शेयरों में बिकवाली से निफ्टी आईटी सूचकांक में शामिल कंपनियों का बाजार पूंजीकरण करीब 6.4 लाख करोड़ रुपये घट गया।

सूचकांक के सभी शेयर नुकसान में रहे। इस हफ्ते इन्फोसिस में सबसे ज्यादा 8.2 फीसदी की गिरावट आई। टेक महिेंद्रा 7.1 फीसदी नुकसान में रहा। आईटी क्षेत्र को लेकर यह चिंता एंथ्रोपिक की नई घोषणाओं के बाद आई है, जिसने गुरुवार को वित्तीय शोध के लिए अपने एआई मॉडल का उन्नत संस्करण जारी किया। कंपनी ने कहा कि नया क्लाउड ओपस 4.6 मॉडल चंद घंटों में ही विस्तृत वित्तीय विश्लेषण दे सकता है जिसमें पहले कई दिन लगते थे। 

आईटी शेयरों में गिरावट एंथ्रोपिक द्वारा नए प्लग-इन पेश किए जाने के कुछ ही दिनों बाद आई है जो उसके जेनरेटिव एआई वर्कस्पेस को लीगल, सेल्स, मार्केटिंग और डेटा एनालिसिस जैसे कामों को स्वचालित करने में मदद करते हैं।

बीते बुधवार को निफ्टी आईटी सूचकांक 5.9 फीसदी गिर गया था, जो 23 मार्च, 2020 के बाद से एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट थी। एआई की वजह से होने वाले बदलावों को लेकर चिंता ऐसे समय में इस क्षेत्र पर दबाव डाल रही हैं, जब भारतीय आईटी कंपनियों की आय वृद्धि धीमी बनी हुई है।

इक्विनॉमिक्स के संस्थापक जी चोकालिंगम ने कहा, ‘आईटी उद्योग डॉलर के हिसाब से बहुत धीमी गति से बढ़ रही है। इसके अलावा एआई के मौजूदा कारोबारी मॉडल को खत्म करने के डर ने निवेशकों का भरोसा हिला दिया है। अगर यह क्षेत्र दो अंक में वृद्धि दिखा रहा होता तो गिरावट इतनी गंभीर नहीं होती।’

हालांकि चोकालिंगम ने मौजूदा बिकवाली को कुछ ज्यादा प्रतिक्रिया बताया और कहा कि आने वाले महीनों में आईटी शेयरों में फिर तेजी आ सकती है।

उन्होंने कहा, ‘भारतीय आईटी कंपनियां उत्पादकता बेहतर बनाने और लागत कम करने के लिए एआई टूल को अपना रही हैं। कुछ बड़ी कंपनियां पहले ही एआई से जुड़ी परियोजनाएं हासिल कर चुकी हैं। आईटी के लिए संप​त्ति सृजित करने का दौर खत्म हो गया है। ज्यादा से ज्यादा यह क्षेत्र लगातार गिरते रुपये के मुकाबले एक बचाव के तौर पर काम करता है।’

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First Published - February 6, 2026 | 11:19 PM IST

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