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Swiggy ने विदेशी हिस्सेदारी घटाई! Eternal बढ़ा रही नेटवर्क… किसका प्लान ज्यादा दमदार?

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Swiggy विदेशी हिस्सेदारी घटाकर IOCC बनने की तैयारी में है, जबकि Eternal की Blinkit डार्क स्टोर और वेयरहाउस नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रही है

Last Updated- July 24, 2026 | 2:53 PM IST
Zomato and eternal

Quick Commerce की लड़ाई अब सिर्फ Blinkit और Instamart के बीच ग्राहकों को जोड़ने की नहीं रह गई है। अब असली मुकाबला इस बात का है कि कौन कम लागत में ज्यादा ऑर्डर पूरे कर सकता है। यही वजह है कि एक तरफ Eternal की Blinkit तेजी से डार्क स्टोर और वेयरहाउस नेटवर्क बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ Swiggy विदेशी हिस्सेदारी घटाकर भारतीय स्वामित्व और नियंत्रण वाली कंपनी (IOCC) बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। दोनों कंपनियों की रणनीति अलग है, लेकिन लक्ष्य एक ही है- मजबूत सप्लाई चेन, बेहतर मार्जिन और लंबे समय की बढ़त।

Swiggy ने क्यों बदली अपनी रणनीति?

Swiggy ने कंपनी में विदेशी हिस्सेदारी की सीमा 49.5 फीसदी तय करने का प्रस्ताव रखा है। इसका मकसद IOCC का दर्जा हासिल करना है। ऐसा होने पर Instamart के लिए कंपनी सीधे इन्वेंट्री खरीद और बेच सकेगी। इससे सप्लाई चेन पर ज्यादा नियंत्रण मिलेगा, डिलीवरी की लागत घट सकती है और मुनाफा बेहतर होने की संभावना बढ़ेगी। यानी Swiggy का फोकस सिर्फ ऑर्डर बढ़ाने पर नहीं, बल्कि पूरे कारोबार को ज्यादा किफायती बनाने पर है।

Eternal किस रणनीति पर लगा रही है दांव?

Motilal Oswal और Nuvama के मुताबिक Eternal की Blinkit इस समय नेटवर्क विस्तार पर सबसे ज्यादा निवेश कर रही है। अप्रैल से जून तिमाही में Blinkit ने 200 नए डार्क स्टोर शुरू किए और कुल संख्या 2,443 तक पहुंच गई। इसी दौरान करीब 7.1 अरब रुपये का पूंजीगत निवेश भी किया गया, जिसका बड़ा हिस्सा नए डार्क स्टोर और वेयरहाउस बनाने पर खर्च हुआ। ब्रोकरेज का मानना है कि शुरुआत में इससे नकदी खर्च बढ़ेगा, लेकिन जैसे-जैसे ये स्टोर परिपक्व होंगे, डिलीवरी की लागत घटेगी और मार्जिन बेहतर होंगे।

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दोनों की रणनीति में सबसे बड़ा अंतर क्या है?

Swiggy का जोर नियामकीय ढांचे में बदलाव के जरिए इन्वेंट्री पर सीधा नियंत्रण हासिल करने पर है। इससे Instamart का ऑपरेशन ज्यादा कुशल हो सकता है। वहीं Eternal की Blinkit पहले से मौजूद मॉडल को और मजबूत बना रही है। कंपनी लगातार डार्क स्टोर, वेयरहाउस और सप्लाई चेन पर निवेश बढ़ा रही है ताकि ज्यादा ऑर्डर कम लागत में पूरे किए जा सकें। एक तरह से देखें तो Swiggy अपने बिजनेस मॉडल की बुनियाद मजबूत कर रही है, जबकि Eternal उसी मॉडल का तेजी से विस्तार कर रही है।

निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?

फिलहाल ब्रोकरेज की राय देखें तो Eternal निवेशकों की पसंद बनी हुई है। Motilal Oswal और Nuvama दोनों को कंपनी के शेयर में आगे अच्छी तेजी की उम्मीद है। Motilal Oswal ने शेयर पर ‘खरीदें’ की सलाह देते हुए 400 रुपये का टारगेट दिया है, जबकि Nuvama ने 360 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है।

ब्रोकरेज का मानना है कि Eternal का फूड डिलीवरी कारोबार लगातार मजबूत हो रहा है। वहीं Blinkit तेजी से अपना डार्क स्टोर नेटवर्क बढ़ा रही है और सप्लाई चेन को भी मजबूत बना रही है। इससे आने वाले समय में बिक्री, मार्जिन और मुनाफे में सुधार देखने को मिल सकता है। इसी आधार पर Motilal Oswal को शेयर में करीब 41 फीसदी और Nuvama को करीब 27 फीसदी तक तेजी की उम्मीद है।

वहीं Angel One के रिसर्च एनालिस्ट हितेश राठी का कहना है कि शेयर में हाल के दिनों में रिकवरी जरूर आई है, लेकिन तकनीकी संकेत अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुए हैं। उनके मुताबिक 240 से 242 रुपये का स्तर अहम सपोर्ट है। अगर शेयर इसके नीचे फिसलता है तो गिरावट और बढ़ सकती है। दूसरी ओर 280 से 290 रुपये का दायरा मजबूत रेजिस्टेंस है। इस स्तर के ऊपर टिकने के बाद ही शेयर में मजबूत तेजी के संकेत माने जाएंगे।

यानी फिलहाल ब्रोकरेज की पसंद Eternal बनी हुई है, जबकि Swiggy के मामले में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि IOCC की रणनीति कारोबार में कितना बदलाव लाती है और शेयर अपने अहम तकनीकी स्तरों को पार कर पाता है या नहीं।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

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First Published - July 24, 2026 | 2:53 PM IST

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