Market This Week: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार (6 फरवरी) को तेजी रही और बाजार पिछले तीन महीनों में अपने सबसे अच्छे साप्ताहिक प्रदर्शन के साथ बंद हुआ। अमेरिका के साथ लंबे समय से इंतजार किए जा रहे व्यापार समझौते ने बाजार पर बने एक बड़े दबाव को खत्म कर दिया। इससे बजट वाले दिन आई गिरावट और वैश्विक स्तर पर सॉफ्टवेयर शेयरों में चल रही बिकवाली का असर भी कम हो गया। यह वैश्विक बिकवाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी चिंताओं के कारण देखने को मिली।
बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 में शुक्रवार को 0.2% की बढ़त रही और यह 25,693.70 पर बंद हुआ। वहीं बीएसई सेंसेक्स 0.32% चढ़कर 83,580.40 पर बंद हुआ। साप्ताहिक आधार पर (1 फरवरी-6 फरवरी) दोनों प्रमुख सूचकांकों में करीब 1.5% की तेजी दर्ज की गई। यह सप्ताह रविवार को आये बजट से शुरू हुआ था।
सप्ताह के दौरान निफ्टी की ट्रेडिंग रेंज जून 2024 की शुरुआत के बाद सबसे बड़ी रही। उस समय भारत में सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन को उम्मीद से कम बहुमत मिलने के कारण बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला था।
बाजार के जानकारों के अनुसार, बजट में डेरिवेटिव्स पर टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव के कारण बाजार में गिरावट आई थी और आरबीआई का फैसला भी उम्मीद के मुताबिक रहा। लेकिन अमेरिका-भारत व्यापार समझौता बिल्कुल अप्रत्याशित था। इसने बाजार को सकारात्मक रूप से चौंका दिया और बाजार पर बना बड़ा दबाव दूर कर दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को भारत के साथ व्यापार समझौते की घोषणा की थी। इसके तहत भारतीय सामान पर अमेरिकी शुल्क 50% से घटाकर 18% कर दिया गया। इसके बदले भारत ने रूसी तेल की खरीद रोकने और व्यापार में कुछ बाधाएं कम करने पर सहमति दी।
इससे पहले रविवार को बाजार में तेज गिरावट आई थी, जब भारत के बजट में डेरिवेटिव्स पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था। इससे निवेशकों की धारणा कमजोर हुई थी। जैसे-जैसे सप्ताह आगे बढ़ा, एंथ्रोपिक कंपनी का एक नया एआई टूल सामने आया। यह टूल कई काम अपने आप कर सकता है। इसमें कानूनी काम, बिक्री, मार्केटिंग और डेटा विश्लेषण जैसे काम शामिल हैं। इस खबर के बाद वैश्विक बाजारों में सॉफ्टवेयर और डेटा सर्विस कंपनियों के शेयरों पर दबाव बढ़ गया।
इस सप्ताह भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों का कुल मार्केट वैल्यू करीब 21 अरब डॉलर घट गया। आईटी इंडेक्स 6.4% गिरा, जो पिछले चार महीनों में सबसे खराब साप्ताहिक प्रदर्शन रहा। इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस और एचसीएल टेक के शेयर 5.8% से 8.2% तक टूट गए।
आरबीआई ने उम्मीद के मुताबिक रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। हालांकि, उसने यह भी कहा कि दिसंबर 2025 की बैठक के बाद से बाहरी चुनौतियां बढ़ गई हैं।
Also Read | RBI पॉलिसी के बाद बैंकिंग सेक्टर पर फोकस, एक्सपर्ट ने कहा- इन चुनिंदा बैंक शेयरों पर रखें नजर
16 प्रमुख सेक्टरों में से 14 में इस सप्ताह बढ़त रही। वहीं स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स में क्रमशः 0.4% और 1.8% की तेजी दर्ज हुई। इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के शेयर 4.2% चढ़े। इसका कारण यह रहा कि केंद्र सरकार 1 अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वित्त वर्ष में रिकॉर्ड पूंजीगत खर्च करने की योजना बना रही है। स्टॉक्स की बात करें तो तिमाही नतीजे अच्छे रहने के बाद अदाणी एंटरप्राइजेज और अडानी पोर्ट्स के शेयर क्रमशः 10.2% और 9.2% उछल गए।
निवेशकों की वेल्थ में इस हफ्ते अच्छा इजाफा हुआ है। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप पिछले शुक्रवार (30 जनवरी) को 4,59,88,009 करोड़ रुपये था। इस शुक्रवार (6 फरवरी) को यह बढ़कर 4,67,11,959 करोड़ रुपये रह गया। इस तरह, बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप इस हफ्ते 7,23,950 करोड़ रुपये बढ़ गया।