देश में रोजगार के हालात बेहतर होते दिख रहे हैं। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने सोमवार को जारी प्रेस रिलीज में बताया कि पीरियडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2025 में 15 साल और उससे ज्यादा उम्र वालों की कुल बेरोजगारी दर घटकर 4.7 प्रतिशत हो गई। अक्टूबर में यह 5.2 प्रतिशत थी। यह इस साल अप्रैल के बाद का सबसे कम स्तर है।
रिपोर्ट के अनुसार, गांवों में बेरोजगारी की दर और ज्यादा कम होकर नया निचला स्तर 3.9 प्रतिशत को छू लिया। वहीं शहरों में यह 6.5 प्रतिशत पर आ गई, जो अप्रैल 2025 का सबसे कम स्तर था और अब फिर से इतना ही हो गया।
इस महीने पुरुषों और महिलाओं दोनों में बेरोजगारी कम हुई, लेकिन महिलाओं के लिए राहत ज्यादा बड़ी रही। 15 साल से ऊपर की महिलाओं की बेरोजगारी दर अक्टूबर के 5.4 प्रतिशत से घटकर नवंबर में 4.8 प्रतिशत रह गई।
यह गिरावट गांव और शहर दोनों जगह हुई। गांवों में महिलाओं की बेरोजगारी 4 प्रतिशत से कम होकर 3.4 प्रतिशत पर आ गई, जबकि शहरों में 9.7 प्रतिशत से घटकर 9.3 प्रतिशत हो गई।
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पुरुषों की बात करें तो कुल बेरोजगारी दर 5.1 प्रतिशत से कम होकर 4.6 प्रतिशत रह गई। गांवों में पुरुषों के लिए यह 4.6 प्रतिशत से घटकर 4.1 प्रतिशत, और शहरों में 6.1 प्रतिशत से 5.6 प्रतिशत पर आ गई।
सरकार के बयान में कहा गया है कि अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच पुरुषों, महिलाओं और कुल मिलाकर सभी में बेरोजगारी दर लगातार और हर तरफ से कम हुई है। गांवों में यह गिरावट ज्यादा साफ दिखी, जहां नवंबर में पुरुष और महिला दोनों की बेरोजगारी सबसे कम हो गई। शहरों में बेरोजगारी अभी भी ऊंची है, लेकिन आखिरी महीनों में सुधार नजर आ रहा है।
इस बीच रोजगार बाजार में मजबूती के संकेत मिल रहे हैं। सर्वे से पता चला कि 15 साल और ऊपर वालों का वर्कर पॉपुलेशन रेशियो (WPR), यानी काम करने वालों का अनुपात, बढ़ा है। कुल WPR अक्टूबर के 52.8 प्रतिशत से बढ़कर नवंबर में 53.2 प्रतिशत हो गया।
गांवों में यह अप्रैल के 55.4 प्रतिशत से बढ़कर 56.3 प्रतिशत पहुंच गया। शहरों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ, लेकिन स्थिर रहा। खास बात यह कि गांव की महिलाओं का WPR अप्रैल के 36.8 प्रतिशत से बढ़कर नवंबर में 38.4 प्रतिशत हो गया। इससे कुल महिलाओं का WPR 32.5 प्रतिशत से 33.4 प्रतिशत पर पहुंचा।
महिलाएं काम की दुनिया में ज्यादा शामिल हो रही हैं। सर्वे बताता है कि महिलाओं का लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (LFPR), यानी काम ढूंढने या करने वालों का अनुपात, इस साल लगातार बढ़ा। जून 2025 में यह 32.0 प्रतिशत था, जो नवंबर में 35.1 प्रतिशत हो गया।
यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से गांवों की वजह से हुई, जहां महिलाएं ज्यादा संख्या में काम की तलाश में आईं। शहरों में महिलाओं का LFPR करीब स्थिर रहा।
कुल LFPR की बात करें तो 15 साल से ऊपर वालों में यह नवंबर 2025 में 55.8 प्रतिशत हो गया, जो अप्रैल के बाद सबसे ज्यादा है। पिछले महीने की तुलना में गांवों में LFPR 57.8 प्रतिशत से बढ़कर 58.6 प्रतिशत हो गया, जबकि शहरों में थोड़ा कम होकर 50.5 प्रतिशत से 50.4 प्रतिशत रह गया।