केंद्रीय बजट 2025-26 पेश होने के बाद व्यय सचिव मनोज गोविल ने नई दिल्ली में रुचिका चित्रवंशी और असित रंजन मिश्र के साथ बजट के बाद बातचीत में एकीकृत पेंशन योजना और वेतन आयोग से लेकर पूंजीगत व्यय पर निरंतर जोर देने जैसे मुद्दों पर बात की। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश: अल्पावधि में […]
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केंद्र ने राज्यों को अपने बिजली बुनियादी ढांचे में सुधार करने और उसे निजी निवेश के लिए खोलने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आम बजट में एक नई योजना शुरू करने का प्रसताव किया है। यह पहल ऐसे समय में की गई है जब उत्तर प्रदेश की सबसे अधिक घाटा दर्ज करने वाली […]
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यह कहना अनुचित नहीं होगा कि वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में देश की आबादी का एक छोटा हिस्सा छाया हुआ है। चर्चा का विषय देश के करीब 4.3 करोड़ आयकरदाताओं को मिली कर राहत है। वित्त मंत्री ने उन्हें कुल 1 लाख करोड़ रुपये की राहत दी है, जो केंद्र के कर राजस्व की […]
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बजट में 1 लाख करोड़ रुपये की कर बचत की घोषणा निश्चित तौर पर स्वागत योग्य खबर है। लेकिन कार्नेलियन ऐसेट मैनेजमेंट ऐंड एडवायजर्स के संस्थापक विकास खेमानी के अनुसार उपभोक्ता शेयरों में तेजी प्रतिकूल मूल्यांकन और बाजार में संभावित उतार-चढ़ाव की वजह से जल्द फीकी पड़ सकती है। समी मोडक के साथ ईमेल साक्षात्कार […]
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सरकार ने कर व्यवस्था में विसंगति दूर की है। इसके बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को सूचीबद्ध बॉन्डों, ऋणपत्रों, डेट म्युचुअल फंडों और सूचीबद्ध तरजीही शेयरों पर कर की कम दर का लाभ नहीं मिल पाएगा। आम बजट में स्पष्ट किया गया है कि एफपीआई को ऐसी निवेश प्रतिभूतियों पर 12.5 फीसदी की दर से […]
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राजकोषीय स्थिति मजबूत बनाने के उपायों से सरकारी बॉन्ड पर यील्ड में कमी आ सकती है। कारोबारियों का कहना है कि वित्त वर्ष 2025-26 में बाजार से सकल उधारी बढ़ने के बावजूद राजकोषीय मजबूती के प्रयासों से सरकारी बॉन्ड पर यील्ड नीचे की ओर जा सकती है। सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में राजकोषीय घाटा […]
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सरकार ने वित्त वर्ष 2026 के लिए प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) संग्रह 78,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया है। कोविड-19 के बाद से शेयर बाजार में तेजी आने की वजह से एसटीटी संग्रह में भी इजाफा हुआ है। हालांकि मौजूदा बाजार हालात और ताजा नियामकीय बदलावों को ध्यान में रखते हुए नए अनुमानों को […]
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अगले पांच वर्षों में छह क्षेत्रों में सुधारों की पहल की घोषणा की है। इनसे देश में वृद्धि क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्द्धा बढ़ेगी। इन प्रमुख क्षेत्रों में नियामकीय सुधार, बिजली क्षेत्र, शहरी विकास, खनन, वित्तीय क्षेत्र और कराधान के क्षेत्र शामिल हैं। सीतारमण ने वादा किया कि व्यापार सुगमता बढ़ाने […]
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2,250 करोड़ रुपये का आवंटन करते हुए निर्यात संवर्द्धन मिशन के शुरुआत की घोषणा की। इसका मकसद ऐसे समय में भारत के निर्यात की प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है जब वैश्विक स्तर पर संरक्षणवाद और अनिश्चितता बढ़ रही है। मिशन के तहत वाणिज्य विभाग, सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम (एमएसएमई) के साथ […]
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नरेंद्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की ऋण सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का वादा किया है। वित्त मंत्री ने उत्पादकता बढ़ाने, फसलों के विविधीकरण को बढ़ावा देने, सिंचित भूमि का दायरा बढ़ाने और […]
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