त्योहारों के बावजूद कपड़ा रिटेल सेक्टर में इस बार उम्मीद के मुताबिक बिक्री नहीं हुई। तीसरी तिमाही में कई कंपनियों को बिक्री के मोर्चे पर दबाव झेलना पड़ा। हालांकि कुछ कंपनियों ने खर्च कम करके अपने मुनाफे को संभाल लिया। Nuvama Institutional Equities की रिपोर्ट के अनुसार इस बार दुर्गा पूजा की खरीदारी दूसरी तिमाही में ही ज्यादा हो गई थी। इसी वजह से तीसरी तिमाही में खासकर नॉर्थ ईस्ट इलाके में बिक्री कम रही। इसका असर सस्ती श्रेणी के रिटेल स्टोर्स पर ज्यादा दिखा। Style Bazaar, V2 और VMart जैसी कंपनियों की समान स्टोर बिक्री कमजोर रही।
Trent की समान स्टोर बिक्री में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। लंबे समय बाद ऐसा हुआ है, इसलिए बाजार ने इसे गंभीरता से लिया।
प्रीमियम ब्रांड्स की स्थिति थोड़ी बेहतर रही। Arvind Fashions ने अच्छी बढ़त दिखाई। Page Industries ने भी स्थिर मार्जिन के साथ मध्यम स्तर की वृद्धि दर्ज की।
एथनिक कपड़ों के सेगमेंट में Aditya Birla Fashion and Retail Limited के ब्रांड्स ने 20 प्रतिशत की सालाना बढ़त दर्ज की। वहीं Vedant Fashions का प्रदर्शन कमजोर रहा। Shoppers Stop और Go Fashion ने भी धीमी तिमाही देखी।
बिक्री कम होने के बावजूद कई कंपनियों ने खर्च घटाए। इससे उनके मुनाफे पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ा। Manyavar और Mufti को बढ़े जीएसटी का असर झेलना पड़ा, जिससे उनका मार्जिन थोड़ा घटा।
दूसरी ओर Trent, VMart, V2, Vishal Mega Mart और Arvind Fashions ने खर्च कम करके अपने मार्जिन में सुधार किया। Page Industries ने भी उत्पादन में सुधार करके अपने मार्जिन को स्थिर रखा और संकेत दिया है कि वह कीमतें बढ़ा सकती है।
रिपोर्ट में VMart को इस सेक्टर में सबसे पसंदीदा शेयर बताया गया है। ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले समय में अगर मांग सुधरती है तो VMart बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।