भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए अपने निगम वित्त विभाग (सीएफडी) के महाप्रबंधक को निलंबित कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को जारी निलंबन आदेश छोटे एवं मझोले उद्यम (एसएमई) मामले में आधिकारिक पद के कथित दुरुपयोग से संबंधित है। इस बारे में पूछे जाने पर सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि नियामक अपने कर्मचारियों द्वारा किसी भी प्रकार के अत्यंत अनुचित व्यवहार के मामले में सख्त कार्रवाई करता है।
पांडेय ने कहा, हालांकि मामला अभी प्रारंभिक चरण में है, लेकिन उपलब्ध सबूत इतने गंभीर हैं कि तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने कहा, मैं यह कहना चाहूंगा कि सेबी के अधिकांश अधिकारी नैतिकता के मामले में बहुत दृढ़ हैं और अपने कर्तव्यों का निर्वाह बखूबी करते हैं। लेकिन जब भी इस तरह का कोई घोर दुर्व्यवहार हमारे संज्ञान में आता है तो सख्त कार्रवाई करना भी हमारी जिम्मेदारी है।
पांडेय ने इस बात पर जोर दिया कि नियामक को आंतरिक रूप से उच्च स्तर की सत्यनिष्ठा बनाए रखनी चाहिए, ठीक उसी तरह जैसे वह बाजार के प्रतिभागियों से अनुपालन और नैतिक आचरण की अपेक्षा करता है। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय साक्ष्यों पर निर्णायक कार्रवाई करने में विफलता उन अधिकारियों को हतोत्साहित कर सकती है, जो ईमानदारी से अपनी भूमिका निभाते हैं।
पांडेय ने कहा, यह महत्वपूर्ण है कि ऐसे किसी भी मामले में हम उसकी तह तक जाएं। हमारे पास उचित प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए एक सुदृढ़ प्रणाली मौजूद है, जहां प्राकृतिक न्याय का पालन किया जाता है, आरोप उचित रूप से निर्धारित किए जाते हैं और संबंधित अधिकारी को जवाब देने का पूरा मौका दिया जाता है।