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पीयूष गोयल का दावा: EU के कड़े नियमों का खर्च अब उठाएगी केंद्र सरकार, छोटे निर्यातकों को मिलेगी राहत

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भारत ने बीते एक साल के दौरान ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, ओमान, ईयू और अमेरिका के साथ व्यापार सौदों को अंतिम रूप दिया है

Last Updated- February 23, 2026 | 10:40 PM IST
Piyush Goyal
वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल | फाइल फोटो

वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार छोटे निर्यातकों को यूरोपीय संघ (ईयू) के विनियमों के पालन की अंतरराष्ट्रीय मंजूरी में होने वाले खर्च का बड़ा हिस्सा देगी। इसके तहत कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (सीबीएएम) और रजिस्ट्रेशन, इवैल्यूएशन, ऑथराइजेशन ऐंड रेस्ट्रिक्शन ऑफ केमिकल्स (रीच) भी शामिल हैं।

उन्होंने उद्योग को हाल ही में शुरू किए गए गई निर्यात प्रोत्साहन मिशन (ईपीएम) की मदद लेने का अनुरोध किया। इसके अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय मंजूरियों, अनुपालन की जरूरतों और संबंधित ट्रेड ब्लॉक की गैर शुल्क बाधाओं से निपटने में मदद मिलेगी। उन्होंने पहले नैशनल क्वालिटी कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा, ‘हमने एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन में धन उपलब्ध कराया है। इसके तहत विशेष तौर पर सूक्ष्म व लघु इकाइयों को चाहे कितनी भी महंगी अंतरराष्ट्रीय अनुमोदन की आवश्यकता हो, आपको सरकार अनुमोदन प्रक्रिया के लिए धन देगी।’

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में 38 विकसित देशों के साथ अंतिम रूप दिए गए नौ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) अब वैश्विक जीडीपी  और व्यापार के लगभग दो-तिहाई हिस्से को कवर करते हैं। ये समझौते श्रम प्रधान क्षेत्रों जैसे कपड़ा, चमड़ा, जूते और फार्मास्यूटिकल्स में नए अवसर खोलते हैं, बशर्ते भारतीय उत्पाद लगातार उच्चतम वैश्विक मानदंडों को पूरा करते रहें। भारत ने बीते एक साल के दौरान ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, ओमान, ईयू और अमेरिका के साथ व्यापार सौदों को अंतिम रूप दिया है। उन्होंने उद्योग से इन समझौते की बदौलत बने नए बाजार तक पहुंच के अवसरों का लाभ उठाने का भी आग्रह किया है। 

उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी देश केवल उपभोक्ता के रूप में प्रगति नहीं कर सकता है और उसे उच्च गुणवत्ता वाले सामान व सेवाओं के विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त उत्पादक के रूप में खुद को स्थापित करना होगा। उन्होंने ब्रांड इंडिया को गुणवत्ता, विश्वसनीयता और विश्वास पर जोर दिया। भारत अगले छह-सात वर्षों में वस्तुओं व सेवाओं के दो लाख करोड़ डॉलर के निर्यात लक्ष्य को प्राप्त करने में सक्षम होगा। पहले इसे 2030 तक हासिल करने का लक्ष्य रखा गया था।

उन्होंने आगे कहा, ‘हमारा निर्यात इस साल भी विकास के पथ पर है। हमने पहले दो हफ्तों (1-14 फरवरी) में अपने निर्यात में दोहरे अंकों की वृद्धि देखी है।’

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First Published - February 23, 2026 | 10:40 PM IST

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